सूचना और प्रसारण मंत्रालय

सुशांत सिंह राजपूत एवं शेखर कपूर ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2017 में दिलचस्प मास्टर-क्लास की मेज़बानी की 

पद्मश्री, बाफ्टा एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शेखर कपूर ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ अड़तालीसवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अत्यंत चित्ताकर्षक एवं संवादमूलक मास्टर-क्लास की मेज़बानी की। 

 

अनेक पुरस्कार जीतने वाली फिल्म मासूम से 1983 में बतौर निर्देशक शानदार शुरुआत करने वाले शेखर कपूर ने 1994 में प्रदर्शित बैंडिट क्वीन से अंतर्राष्ट्रीय ख्याति अर्जित की, जिसके लिये उन्हें हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ फिल्म का फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड एवं उस वर्ष में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार भी मिला। इस फिल्म का 1994 के कान्स फिल्म महोत्सव के डायरेक्टर्स फोर्टनाइट सेक्शन में प्रीमियर आयोजित हुआ साथ ही एडिनबर्ग फिल्म महोत्सव में स्क्रीनिंग भी की गई। 

 

फिल्म बनाने से जुड़े विभिन्न आयामों को सीखने संबंधी प्रश्नों, यानी पटकथा लेखन के स्तर से लेकर अंतिम उत्पाद को बड़े पर्दे पर दिखाने एवं निकट भविष्य में साथ मिलकर कार्य करने तक, निर्माता एवं अभिनेता दोनों ने भीड़ की तमाम जिज्ञासाओं का निवारण किया जिसमें फिल्म निर्माता, अभिनेता बनने की चाहत रखने वाले एवं दोनों के मुरीद शामिल थे । सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता ने बतौर निर्माता अपनी यात्रा एवं क्रमिक उन्नति के बारे में बताते समय अपने हंसोड़पन और हाजिर जवाबी से उपस्थित लोगों को खूब हंसाया ।

 

सुशांत सिंह राजपूत के साथ अपनी मैत्री के बारे में बात करते हुए शेखर कपूर ने बताया, “सुशांत एक बढ़िया अभिनेता हैं एवं उन्हें सिनेमा की अच्छी समझ है । हम दोनों के बीच बेहतर सामंजस्य है और हम लोग एक दूसरे से हमेशा फिल्मी कहानियों की चर्चा करते रहते हैं एवं फिल्म परियोजनाओं पर साथ मिल कर कार्य करते रहते हैं ।”

 

अपने कैरियर के दौरान हर कदम पर ख़तरे उठाने वाले और हमेशा अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य करने वाले सुशांत ने फिल्म निर्माता (शेखर कपूर), जिनका वह गहराई से सम्मान करते हैं एवं जिनको पसंद करते हैं, से चुनौतीपूर्ण प्रश्न पूछ कर वार्तालाप की शुरुआत की ।

 

मास्टर-क्लास में अपनी भागीदारी के बारे में बातचीत करते हुए सुशांत ने कहा, “मैं यहां उपस्थित हर व्यक्ति की तरह उस्ताद शेखर कपूर को सुनने आया हूं एवं मेरे पास उनसे पूछने के लिये कुछ निश्चित प्रश्न हैं । मैंने विज्ञान के विद्यार्थी के रूप में शुरुआत की थी किंतु मेरी रूचि हमेशा प्रदर्शन-कला में थी । मैं संशयग्रस्त था और मैंने इसके जवाब की तलाश शुरू की । इस दिलचस्प सत्र का हिस्सा बनने पर मुझे गर्व है और मेरे हर सवाल का जवाब देने के लिये मैं शेखर कपूर का आभारी हूं ।” 

 

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अड़तालीसवें संस्करण का आयोजन 20 से 28 नवम्बर तक तटीय नगर गोवा में हो रहा है।

 

वीके/एमपी/एसके-5629


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