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आईएफएफआई 2017 में फिल्कार अली असगरी और अभिनेता सिमॉन अल-बजून ने अपनी फिल्म की चर्चा की

भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजन के चौथे दिन भारतीय पैनोरमा- निर्देशक से मिलिए’ में फिल्मकार अली असगरी और अभिनेता सिमॉन अल-बजून ने क्रमशः अपनी फिल्म ‘डिसएपरियंस’और ‘द अदर साइड ऑफ होप’ के बारे में बातें कीं।

‘डिसएपरियंस’ (2017) एक ईरानी फिल्म है जिसे 74वें वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और उसके बाद  डिस्कवरी सेक्शन में  इस साल इसे टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दिखाया गया। अपनी समस्याओं को लेकर मदद के लिए इस अस्पताल से उस अस्पताल के चक्कर काट रहे दो युवा प्रेमी पहली बार मिलते हैं, यह फिल्म इसी कहानी पर अधारित है।

फिल्मकार अली असगरी ने कहा, ‘मुझे मानवीय संबंधों के साथ वास्तविक कहानियों पर आधारित फिल्म बनाना अच्छा लगता है। मेरी यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है और हमने इसी विषय पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई है। पहले फिल्में लोगों का सिर्फ मनोरंजन किया करती थीं, लेकिन आज समय बदल चुका है और हम फिल्मों को केवल मनोरंजन के नजरिये से नहीं देखते, बल्कि ये समाज से संवाद भी करती हैं।’

बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में सिल्वर बीयर पुरस्कार जीतने वाली फिल्म ‘द अदर साइड ऑफ होप’ दो घुमक्कड़ों की कहानी को बताती है: खालिद, एक युवा सीरियाई शरणार्थी है जो हेलसिंकी बंदरगाह में बेटिकट घुम रहा है; और दूसरा विक्स्ट्रोम है जो सेल्समैन से रेस्त्रां चलाने वाला बन जाता है। वह खालिद को अपने रेस्त्रां से बाहर सोते हुए पाता है और उसे सफाईकर्मी के रूप में अपने यहां काम पर रख लेता है।

  अभिनेता सिमॉन अल-बजून ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने इस किरदार के लिए काफी शोध किया था। वह अनुवादक और शरणार्थी शिवर रिफ्यूजी वेलकम फेडरेशन में स्वयंसेवी के रूप में काम किया है जहां उन्होंने शरमार्थियों से बातचीत कर इस तरह की बहुत सी कहानियां के बारे में जाना।

गोवा के समुद्री तट पर 20 से 28 नवंबर 2017 के दौरान  48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया। आईएफएफआई भारत का सबसे बड़ा और एशिया का सबसे पुराना फिल्म महोत्सव है, जिसे दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है।

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वीके/वीएस/एसके-5706

 


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