सूचना और प्रसारण मंत्रालय

नीतेश तिवारी की अगुआई में ‘टीम दंगल’ का आईएफएफआई 2017 में पाठशाला का आयोजन

फिल्म 'दंगल' के लेखक और निदेशक नितेश तिवारी ने अपनी फिल्म के लेखकों- पीयूष गुप्ता और निखिल मेहरोत्रा के साथ आईएफ़एफ़आई गोवा 2017 में एक मास्टर-क्लास का आयोजन किया। इस दौरान उनकी टीम ने दंगल बनाने को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया और फिल्म लेखन के बारे में बताया।

फिल्म को लेकर उत्साही लोगों, छात्रों और मीडिया को संबोधित करते हुए नीतेश ने कहा, ‘हमने 'दंगल' बनाने के दौरान जो अनुभव हासिल किया था इसे साझा करने का मास्टर-क्लास एक प्रयास है। हमने यह बताने का प्रयास किया कि दंगल को लिखने और बनाने को लेकर किस तरह के विचार हमारे दिमाग में चल रहे थे। सच कहूं तो हमें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि हम जिस चीज का हिस्सा बनने जा रहे हैं उसे बहुत प्यार मिलेगा और उसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।’

यह मास्टर क्लास सिनेमा के छात्रों और फिल्म प्रेमियों के लिए फायदेमंद रहा। इस बातचीत के दौरान कहानी कहने कहने की शैली के बारे में चर्चा की गई। सह लेखक पीयूष और निखिल ने फिल्म दंगल की पटकथा निर्भिक होकर लिखी क्योंकि यह परंपरागत फिल्मी कहानी से बहुत अलग थी।

 मास्टर-क्लास के दौरान ध्यान दिया जाने वाला एक अन्य मुद्दा यह था कि कहानी कहने और उसके चरित्रों पर जोर दिया गया था। फिल्म निर्माताओं ने इस बात का भी ध्यान रखा कि दर्शकों को बेहद मनोरंजन तरीके से चीजों के बारे में बताना है क्योंकि यह एक व्यावसायिक फीचर फिल्म है न सिर्फ एक वृत्तचित्र बनाने के बारे में बताना है।

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इसके अलावा, उन्होंने कहा कि शोध एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जिसने न केवल जानकारी दी है बल्कि दृश्यों के लिए एक पृष्ठभूमि भी मुहैया कराया। साथ ही उन्होंने दर्शक केन्द्रित दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से बताया कि जिसे समग्र रूप से न केवल लिखते समय बल्कि संपादन के रूप में भी लागू किया गया।

 

वार्तालाप के दौरान फिल्म में सबसे प्रमुख दृश्यों में से एक को दिखाया गया जिसमें महावीर सिंह(आमिर खान) अपनी बेटी से हार जाता है। यही कारण है कि सुपरस्टार ने फिल्म के इस दृश्य पर सबसे अधिक जोर दिया है। फिल्म का कोई दूसरा सीन इतना दमदार नहीं है। अगर फिल्म में महावीर सिंह का चरित्र मोटा, उम्रदराज नहीं होता तो गीता से हारने के बाद अपने को इतना बेबस नहीं दिखा पाता। गोवा के समुद्री तट पर 20 से 28 नवंबर 2017 के दौरान  48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया। आईएफएफआई भारत का सबसे बड़ा और एशिया का सबसे पुराना फिल्म महोत्सव है, जिसे दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है।

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वीके/वीएस/एसके-5707

 


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