सूचना और प्रसारण मंत्रालय
कनाडा के काउंसल जनरल जॉर्डन रीव्स ने भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2017 में मेडिटेशन पार्क की चर्चा की
कनाडा ने ‘देश केंद्रित’ होने के लिए भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 48वें संस्करण में साझेदारी की।
कनाडाई फिल्म मेडिटेशन पार्क से संबंधित प्रेस कांफ्रेंस में कनाडा के काउंसल जनरल जॉर्डन रीव्स और इस फिल्म के कलाकारों व टीम के सदस्य फिल्म निर्माता स्टीफन हेगीस, निर्देशक मीना शम, कलाकार चेंग पी पी, त्जी मा तथा डॉन मैककेल्लर शामिल हुए।
फिल्म मेडिटेशन पार्क के बारे में बात करने के अलावा, पैनल के सदस्यों ने भारत-कनाडा सहयोग और दोनों देशों में फिल्म बजट मॉडल के बारे में बताया। इस दौरान इन विषयों पर एशियाई लोगों का रूढ़िवादी रुख भी सामने आया।
जॉर्डन ने कहा, ‘एक चीज जिससे कनाडाई सचमुच प्रभावित हुए वह है उत्साह, गर्मजोशी से स्वागत और खातीरदारी की उत्तम व्यवस्था है। इस सप्ताह जो विमर्श हुआ उसे लेकर हम बहुत उत्साहित हैं। हम जैसा चाहते थे बिल्कुल वैसा ही यहां पाया। पहला, कनाडाई फिल्मों को यहां एक मंच मिला, कलाकारों, फिल्मकारों और अन्य को हमारे दोनों मुख्य उद्योगों में हिस्सेदारी को बढ़ावा मिला है।’
फिल्म निर्देशिका मीना शम ने कहा, ‘फिल्म के लिए प्रेरणा, कई मायनों में उन चरित्रों के इस विचार से आता है कि हम जिस दुनिया में रहते हैं जहां एक नागरिक पूरी तरह से शक्तिहीन महसूस करता है। हम उनके लिए एक बेहतर माहौल बनाने या उनके सहयोग के लिए कुछ नहीं कर सकते हैं। इसलिए हम एक ऐसा चरित्र तैयार करते हैं जो अपने पारिवारिक ढांचे के भीतर बिल्कुल शक्तिहीन होता है।’
फिल्म उद्योग में रूढ़िवाइयों से जूझ रहे एशियाई के बारे में त्यजी ने कहा, ‘वास्तव में हम जो हैं उसे दिखाना और उसके खिलाफ लड़ना हमारे लिए चुनौती है। जिस तरह की दुनिया को देखते हैं हम उसे चरित्रों को उसी प्रकार ढालना चाहते हैं। मेरा मानना है कि यह धीरे धीरे बदलेगा। हॉलीवुड के मापदंडों पर देखें तो, हम जो देखते हैं और वे जो देखते हैं, उसे लेकर सक्रिय रूप से एक अभिनेता के तौर पर हमें भूमिका निभाने की जरूरत है।’ गोवा के समुद्री तट पर 20 से 28 नवंबर 2017 के दौरान 48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया।
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वीके/वीएस/एसके-5710
(रिलीज़ आईडी: 1511661)
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