जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय

गंगा संरक्षण तथा सफाई हेतु वृक्षारोपण कार्यक्रम

प्रविष्टि तिथि: 18 DEC 2017 11:52AM by PIB Delhi

वनरोपण कार्यकलाप राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन द्वारा शुरू किए गए गंगा संरक्षण (नमामि गंगे) के वृहत कार्यक्रम का एक अभिन्‍न कार्यकलाप है। गंगा के लिए वन रोपण कार्यकलापों के संबंध में एक विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट वन अनुसंधान संस्‍थान, देहरादून द्वारा तैयार की गई थी। डीपीआर में संरक्षण, निवास स्‍थान प्रबंधन, वन रोपण आवाह उपचार- मृदा और नमी संरक्षण कार्य, महत्‍वपूर्ण तटीय वन वफर का पारिस्थितिकीय पुनर्स्‍थापन, जैव सुधार, वन पर निर्भर समुदायों और वन में रहने वालों की आजीविका में सुधार और विनियमित पर्यटन और जागरूकता के माध्‍यम से वैकल्पिक आय उत्‍पादन गतिविधियों के द्वारा उपयुक्‍त वन रोपण कार्यकलाप पर जोर देते हुए बहुमुखी दृष्टिकोण को अपनाया गया है।

गंगा नदी के तट पर स्थित पांच राज्‍यों उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सभी बेसिन में 83, 946 कि.मी.2 के क्षेत्र को शामिल करते हुए नदी निकास क्षेत्र को संरेखित किया गया है।

परियोजना को दो चरणों में कार्यान्वित किया जाना है, पहले चरण को वर्ष 2016 से 2020 की पांच वर्षों की अवधि में कार्यान्वित किया जाना है। पांच वर्षों के लिए कुल लक्षित वित्‍तीय परिव्‍यय 2293.73 करोड़ रूपए है। पहले चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के पश्‍चात दूसरे चरण के लिए डीपीआर को अतिरिक्‍त स्‍थलों में स्‍कैलिंग अप और प्रतिरूपण के लिए तैयार किया जाएगा तथा वर्ष 2021 से 2027 तक कार्यान्वित किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण  एवं मानव संसाधन राज्‍य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने राज्य सभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

****

वीके/एएम/पीकेए/ एजे/पीबी-6045

 

 


(रिलीज़ आईडी: 1513558) आगंतुक पटल : 204