स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
रोगों के उन्मूलन के लिए कार्ययोजना
प्रविष्टि तिथि:
22 DEC 2017 5:46PM by PIB Delhi
निम्नलिखित रोगों के उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य वर्ष निम्नानुसार है:-
|
|
रोग
|
उन्मूलन का लक्ष्य वर्ष
|
|
1.
|
काला-आजार
|
2017
|
|
2.
|
फाइलेरिया कुष्ठ रोग
|
2018
|
|
3.
|
खसरा
|
2020
|
|
4.
|
क्षय रोग
|
2025
|
काला-आजर- काला-आजार को 2017 तक उन्मूलन का लक्ष्य है अर्थात ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक 10000 जनसंख्या पर एक मामला। 2016 तक 85 प्रतिशत जानपदिक ब्लॉकों ने उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
कुष्ठ रोग:- कुष्ठ रोग का उन्मूलन अर्थात राष्ट्रीय स्तर पर 1 मामला/10000 जनसंख्या को पहले ही वर्ष 2005 में प्राप्त कर लिया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक कुष्ठ रोग कार्यनीति, 2016-2020 पर दस्तावेज के अनुसार अल्पकालिक लक्ष्य है-ग्रेड II विकलांगता के मामलों को दस लाख जनसंख्या से कम करना।
खसरा:- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विस्तृत आयु समूह खसरा और रूबेला (एमआर) अभियान हेतु मिशन संचालन समूह की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है जिसमें 9 माह से 15 वर्ष से कम आयु समूह के बच्चों को शामिल किया जाएगा, जिसके बाद खसरा और रुबेला के कारण रुग्णता और मृत्यु को और कम करने के लिए खसरा रुबेला वेक्सीन को नेमी टीकाकरण में शुरू करना शामिल है।
18 दिसंबर, 2017 को 13 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों नामश: आन्ध्र प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, गोवा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षदीप, पुद्दुचेरी, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तराखंड में 6.5 करोड़ से अधिक बच्चों का एमआर वेक्सीन टीकाकरण किया गया।
क्षय रोग:- वैश्विक क्षय रोग रिपोर्ट 2017 के अनुसार क्षय रोग की घटना 2015 में 217 प्रति लाख प्रति वर्ष से घटकर 2016 में 32 प्रति लाख प्रति वर्ष हो गई है।
विगत तीन वर्षों के दौरान काला-आजार, कुष्ठ रोग, खसरा और क्षय रोग के संबंध में राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार मामलों की संख्या क्रमश: निम्नानुसार है।
पिछले 3 वर्षों के दौरान काला-आजार के राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार मामले
|
क्र.सं.
|
राज्य
|
2014
|
2015
|
2016
|
|
1.
|
बिहार
|
7615
|
6517
|
4773
|
|
2.
|
झारखंड
|
937
|
1262
|
1185
|
|
3.
|
पश्चिम बंगाल
|
668
|
576
|
179
|
|
4.
|
उत्तर प्रदेश
|
11
|
131
|
107
|
|
कुल*
|
9241
|
8500
|
6249
|
*2014, 2015 और 2016 के दौरान अन्य राज्यों से क्रमश: 10,14 और 5 छिटपुट मामले रिपोर्ट किए गए।
विगत तीन वर्षों के दौरान पहचाने गए राज्य वार नए कुष्ठ रोगी मामले
|
क्रम सं.
|
राज्य / संघ राज्य क्षेत्र
|
नए मामलों की संख्या का पता चला
|
|
2014-15
|
2015-16
|
2016-17
|
|
1
|
आंध्र प्रदेश
|
4687
|
4355
|
4228
|
|
2
|
अरुणाचल प्रदेश
|
32
|
33
|
28
|
|
3
|
असम
|
856
|
781
|
1019
|
|
4
|
बिहार
|
16,848
|
16,185
|
21,818
|
|
5
|
छत्तीसगढ़
|
8847
|
10,440
|
12,609
|
|
6
|
गोवा
|
55
|
136
|
130
|
|
7
|
गुजरात
|
9024
|
10,138
|
7266
|
|
8
|
हरियाणा
|
635
|
672
|
491
|
|
9
|
हिमाचल प्रदेश
|
176
|
162
|
146
|
|
10
|
झारखंड
|
4873
|
4432
|
6253
|
|
1 1
|
जम्मू और कश्मीर
|
159
|
189
|
143
|
|
12
|
कर्नाटक
|
3314
|
3065
|
2897
|
|
13
|
केरल
|
663
|
574
|
496
|
|
14
|
मध्य प्रदेश
|
6921
|
6597
|
7152
|
|
15
|
महाराष्ट्र
|
16415
|
15695
|
15012
|
|
16
|
मणिपुर
|
17
|
19
|
20
|
|
17
|
मेघालय
|
25
|
33
|
33
|
|
18
|
मिजोरम
|
1 1
|
9
|
6
|
|
19
|
नगालैंड
|
42
|
67
|
34
|
|
20
|
ओडिशा
|
8004
|
10,174
|
10045
|
|
21
|
पंजाब
|
620
|
651
|
626
|
|
22
|
राजस्थान
|
1060
|
1106
|
1042
|
|
23
|
सिक्किम
|
13
|
21
|
23
|
|
24
|
तमिलनाडु
|
3604
|
4925
|
4937
|
|
25
|
तेलंगाना
|
2905
|
2800
|
2658
|
|
26
|
त्रिपुरा
|
47
|
42
|
34
|
|
27
|
उत्तर प्रदेश
|
22223
|
22,777
|
22301
|
|
28
|
उत्तराखंड
|
532
|
382
|
375
|
|
29
|
पश्चिम बंगाल
|
10315
|
8170
|
11236
|
|
30
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
25
|
29
|
18
|
|
31
|
चंडीगढ़
|
173
|
136
|
128
|
|
32
|
डी एंड एन हवेली
|
318
|
425
|
384
|
|
33
|
दमन और दीव
|
21
|
4
|
7
|
|
34
|
दिल्ली
|
2280
|
2068
|
1812
|
|
35
|
लक्षद्वीप
|
4
|
0
|
45
|
|
36
|
पुद्दुचेरी
|
41
|
42
|
33
|
|
कुल
|
125,785
|
127,334
|
135,485
|
विगत तीन वर्षों के दौरान राज्य/संघ राज्यवार खसरे के मामले
|
क्रम सं.
|
राज्य / संघ राज्य क्षेत्र
|
2014
|
2015
|
2016
|
|
1
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
37
|
31
|
25
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
281
|
44
|
115
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
35
|
17
|
365
|
|
4
|
असम
|
507
|
1225
|
1382
|
|
5
|
बिहार
|
141
|
339
|
370
|
|
6
|
चंडीगढ़
|
4
|
105
|
78
|
|
7
|
छत्तीसगढ़
|
7
|
32
|
62
|
|
8
|
दादरा और नगर हवेली
|
78
|
142
|
51
|
|
9
|
दमन और दीव
|
14
|
0
|
0
|
|
10
|
दिल्ली
|
1875
|
1083
|
1460
|
|
1 1
|
गोवा
|
72
|
28
|
14
|
|
12
|
गुजरात
|
823
|
790
|
940
|
|
13
|
हरियाणा
|
155
|
262
|
348
|
|
14
|
हिमाचल प्रदेश
|
267
|
928
|
461
|
|
15
|
जम्मू और कश्मीर
|
2840
|
2148
|
2071
|
|
16
|
झारखंड
|
1019
|
1299
|
432
|
|
17
|
कर्नाटक
|
1116
|
1182
|
524
|
|
18
|
केरल
|
1257
|
1782
|
1425
|
|
19
|
लक्षद्वीप
|
0
|
0
|
0
|
|
20
|
मध्य प्रदेश
|
352
|
809
|
500
|
|
21
|
महाराष्ट्र
|
2030
|
1888
|
1988
|
|
22
|
मणिपुर
|
232
|
419
|
314
|
|
23
|
मेघालय
|
228
|
266
|
1010
|
|
24
|
मिजोरम
|
123
|
759
|
654
|
|
25
|
नगालैंड
|
319
|
98
|
95
|
|
26
|
ओडिशा
|
583
|
808
|
581
|
|
27
|
पुडुचेरी
|
27
|
13
|
6
|
|
28
|
पंजाब
|
1
|
32
|
16
|
|
29
|
राजस्थान
|
294
|
1407
|
592
|
|
30
|
सिक्किम
|
102
|
802
|
278
|
|
31
|
तमिलनाडु
|
499
|
405
|
251
|
|
32
|
तेलंगाना *
|
-
|
83
|
91
|
|
33
|
त्रिपुरा
|
452
|
702
|
174
|
|
34
|
उत्तर प्रदेश
|
298
|
1801
|
1525
|
|
35
|
उत्तराखंड
|
382
|
311
|
272
|
|
36
|
पश्चिम बंगाल
|
3777
|
3521
|
3227
|
|
|
कुल
|
20227
|
25,561
|
21,697
|
स्रोत: केन्द्रीय स्वास्थ्य आसूचना ब्यूरो, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोफाइल रिपोर्ट
भारत हेतु टीबी के राज्य/संघ राज्यवार अधिसूचित मामले
|
क्रम सं.
|
राज्य / संघ राज्य क्षेत्र
|
2014
|
2015
|
2016
|
|
1
|
अंडमान एवं निकोबार
|
756
|
584
|
509
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
88,638
|
61,758
|
64,420
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
2691
|
2748
|
2758
|
|
4
|
असम
|
38317
|
38,014
|
36,724
|
|
5
|
बिहार
|
67,991
|
64,928
|
59020
|
|
6
|
चंडीगढ़
|
2869
|
3143
|
2980
|
|
7
|
छत्तीसगढ़
|
28,864
|
29,950
|
30,821
|
|
8
|
दादर और नगर हवेली
|
450
|
487
|
510
|
|
9
|
दमन और दीव
|
279
|
284
|
368
|
|
10
|
दिल्ली
|
54037
|
55,260
|
55,657
|
|
1 1
|
गोवा
|
1660
|
1599
|
1576
|
|
12
|
गुजरात
|
77,395
|
82,585
|
89,293
|
|
13
|
हरयाणा
|
39,498
|
40,913
|
41,389
|
|
14
|
हिमाचल प्रदेश
|
14,441
|
14333
|
14070
|
|
15
|
जम्मू और कश्मीर
|
10243
|
9873
|
9244
|
|
16
|
झारखंड
|
35907
|
34,792
|
35,130
|
|
17
|
कर्नाटक
|
61,328
|
59932
|
59,732
|
|
18
|
केरल
|
23,439
|
22,785
|
20,969
|
|
19
|
लक्षद्वीप
|
27
|
40
|
23
|
|
20
|
मध्य प्रदेश
|
100,034
|
103,108
|
113,172
|
|
21
|
महाराष्ट्र
|
135,465
|
130,874
|
122,172
|
|
22
|
मणिपुर
|
2198
|
1881
|
1768
|
|
23
|
मेघालय
|
4944
|
4674
|
3934
|
|
24
|
मिजोरम
|
1993
|
2088
|
2162
|
|
25
|
नगालैंड
|
3298
|
3316
|
2274
|
|
26
|
ओडिशा
|
45,777
|
45814
|
41,807
|
|
27
|
पांडिचेरी
|
1409
|
1288
|
1415
|
|
28
|
पंजाब
|
38,152
|
38,625
|
37093
|
|
29
|
राजस्थान
|
94,908
|
90,296
|
90032
|
|
30
|
सिक्किम
|
1630
|
1400
|
1463
|
|
31
|
तमिलनाडु
|
84,570
|
80,543
|
82,107
|
|
32
|
तेलंगाना
|
18655
|
39,498
|
38829
|
|
33
|
त्रिपुरा
|
2507
|
7394
|
2344
|
|
34
|
उत्तर प्रदेश
|
255,364
|
246,589
|
260,572
|
|
35
|
उत्तराखंड
|
14,429
|
14,317
|
13255
|
|
36
|
पश्चिम बंगाल
|
89,819
|
87,468
|
85,179
|
|
|
कुल
|
1443942
|
1423181
|
1424771
|
काला-आजार:-
- मामलों की पूर्व पहचान एवं तुरंत उपचार हेतु सर्विलांस क्रियाकलापों में तेजी लाना।
- सभी जानपदिक गॉंवों में सक्रिय मामलों की खोज
- गहन आईईसी/बीसीसी क्रियाकलाप।
- नियमित आधार पर सिंथेटिक पायरेथ्रोइड सहित आईआरएस स्प्रे और निर्धारित मापदंडों के अनुसार फोकल स्प्रे।
- जानपदिक राज्यों के काला-आजार जिलों में गुणवत्ता स्प्रे हेतु 2015 में हैंड कंप्रेशन पंपों की शुरूआत की गई।
- काला-आजार रोगी को एक दिन एक खुराक एंबीसोम इंजेक्शन से उपचार।
- मजदूरी के नुकसान हेतु रोगियों को प्रोत्साहन।
- आशाकर्मियों को प्रोत्साहन।
- राज्य रिक्त पदों को भरते हैं।
कुष्ठ रोगः-
- 2016-17 के दौरान आरंभ की गई नियमित गतिविधियों और सभी नवोन्मेष कार्यकलापों का कार्यान्वयन अर्थात मामले का शीघ्र पता लगाने हेतु त्रिपक्षीय कार्यनीति अर्थात i) कुष्ठ रोग के मामले का पता लगाने संबंधी अभियान (एलसीडीसी) (उच्च स्थानिकमारी वाले जिलों तक सीमित), ii) फोकस्ड कुष्ठ रोग अभियान (हॉट स्पॉट हेतु अर्थात ग्रामीण और शहरी क्षेत्र जहां ग्रेड-II की अपंगता का पता लगाया गया है), iii) दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष योजना
- जागरूकता फैलाने के लिए स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान, ग्रेड-II अपंगता के मामले की जांच, एलसीडीसी जिलों में पता लगाए गए संपर्क के मामलों के लिए संपर्कपश्चात केमोप्रोफाइलेक्सिस उपचार आदि।
- मामले का शीघ्र पता लगाने की रिपोर्टिंग में वृद्धि के लिए 2017-18 के दौरान कुष्ठ रोग से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए आशाकर्मी आधारित निगरानी (एबीएसयूएलएस) का शुभारंभ किया गया।
खसराः-
वर्ष 2020 तक खसरा के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:
- भारत सरकार ने व्यापक प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत वर्ष 1985 में देशभर में खसरे का टीका आरंभ किया। खसरे के मामलों में और कमी लाने के लिए वर्ष 2010 में देश में खसरे के टीके की दूसरी खुराक की शुरूआत की गई।
- विशेष रूप से टीकाकरण के कम कवरेज वाले क्षेत्रों में खसरे की टीके कवरेज में सुधार लाने सहित दिसंबर, 2018 तक पूर्ण टीकाकरण कवरेज को बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक लाने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गहन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गहन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम को देश के 24 राज्यों के 173 जिलों तथा 17 शहरी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है और इसके आरंभ होने से अब तक इसके तीन दौर (अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर) पूरे हो चुके हैं।
- समय-समय पर रोग के उन्मूलन के प्रयासों के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों वाली एक खसरा और रूबेला भारतीय विशेषज्ञ समूह (आईईएजी-एमआर) स्थापित किया गया है। इसके निर्माण से अब तक इस समूह की दो बार बैठक हुई है।
क्षयरोगः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा क्षय रोग के उन्मूलन (2017-2025) हेतु राष्ट्रीय कार्यनीतिक योजना (एनएसपी) का निर्माण किया गया है।
संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) के तहत मौजूदा कार्यनीतियों के अतिरिक्त एनएसपी का फोकस निम्नलिखित बातों पर हैः
- सभी क्षय रोगियों की शीघ्र नैदानिक जांच, गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित औषधियों तथा उपचार तंत्र के द्वारा त्वरित उपचार
- इसके अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए उचित रोगी सहायता प्रणाली
- निजी क्षेत्र में उपचार प्राप्त कर रहे रोगियों के साथ संपर्क
- सक्रिय रूप से मामलों का पता लगाने सहित निवारक कार्यनीतियां तथा
- उच्च जोखिम/संवेदनशील जनसंख्या के मामले में इसके संपर्क में आने का पता लगाना
- वायुजनित संक्रमण नियंत्रण
राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को उनकी कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना में दर्शाई अपेक्षाओं के आधार पर उनकी स्वास्थ्य परिचर्या प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाता है। एनएचएम के तहत संबंधित राज्य/जिला स्वास्थ्य सोसायटियों द्वारा राज्य की रिक्तियों को भरा जाता है। राज्यों के साथ नियमित फॉलोअप किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रिक्त पद भर लिए गए हैं।
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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्री अश्विनी कुमार चौबे के द्वारा लोकसभा में दिया गया लिखित उत्तर I
MV/LK
(रिलीज़ आईडी: 1513864)
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