श्रम और रोजगार मंत्रालय

असंगठित क्षेत्र में कामगारों की पहचान 

प्रविष्टि तिथि: 27 DEC 2017 4:28PM by PIB Delhi

असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008  में असंगठित कामगार की परिभाषा दी गयी है तथा ऐसे कामगार को इस बात की पुष्टि करने की कि वह एक असंगठित कामगार है, स्वघोषणा करने की व्यवस्था की गयी है।

भारत में असंगठित कामगारों का कोई केन्द्रीयकृत राष्ट्रीय डाटाबेस नहीं है। असंगठित कामगारों के लिए एक राष्ट्रीय मंच बनाने का विनिश्चय किया गया है। केन्द्रीय सरकार ने 402.7 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से  कामगारों को बिना कोई स्मार्ट कार्ड जारी किये एक अद्वितीय आई-डी अर्थात असंगठित कामगार पहचान संख्या (यूडब्ल्यूआईएन) तथा आधार वरियता प्राप्त पहचान संख्या आवंटित करने का एक प्रस्ताव पास किया है जो अगले दो वर्ष 2017-2018 तथा 2018-2019 के दौरान कार्यान्वित किया जाएगा।

यह सूचना श्रम तथा रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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वीके/जेडी/एमएम – 6110

 

 


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