स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

चिकित्सा उपकरणों का वर्गीकरण

प्रविष्टि तिथि: 29 DEC 2017 4:15PM by PIB Delhi

राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति, 2017 में चिकित्‍सीय उपकरणों के विनियम को सुदृढ़ करने तथा चिकित्‍सीय उपकरणों के लिए विनियामक निकाय स्‍थापित करने की सिफारिश की गई है, जिसका उद्देश्‍य भारत में चिकित्‍सीय उपकरणों के विनिर्माण हेतु नवाचार तथा उद्यमिता को प्रोत्‍साहित करना है। इस नीति के तहत अपने देश में तैयार किए गए विनियामक मानकों को अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के साथ समन्‍वित करने का समर्थन किया गया है।

   वर्तमान में, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा उसके अधीन बनाई गई नियमावली, 1945 के प्रावधानों के तहत 15 अधिसूचित श्रेणियों के चिकित्‍सीय उपकरणों को विनियमित किया गया है, जिसका ब्‍यौरा निम्नानुसार दिया गया है।

  

क्रम संख्‍या     उपकरण का नाम

  1. डिस्‍पोजेबल हाइपोडर्मिक सिरिंज
  2. डिस्‍पोजेबल हाइपोडर्मिक सुई
  3. डिस्‍पोजेबल परफ्यूजन सेट
  4. एचआईवी, एचबीएसएजी तथा एचसीवी के लिए

इन विट्रो नैदानिक जांच उपकरण

  1. कार्डियक स्‍टेंट
  2. ड्रग इल्‍यूटिंग स्‍टेंट
  3. कैथिटर
  4. इंट्रा ऑक्‍यूलर लैंस
  5. आई.वी. केन्‍यूलि
  6. बोन सीमेंट
  7. हार्ट वाल्‍व
  8. स्‍काल्‍प वेन सेट
  9. ऑर्थोपीडिक इप्‍लांट
  10. इंटरनल प्रोसथेटिक रिप्‍लेसमेंट
  11. एबलेशन डिवाइस

स्‍वास्थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत अधिसूचित चिकित्‍सीय उपकरणों के व्‍यापक विनियमन, जिसमें उनका आयात, उनकी नैदानिक जांच विनिर्माण, विक्रय और वितरण शामिल हैं, के लिए चिकित्‍सीय उपकरण नियमावली, 2017 अधिसूचित की गई है। इन नए नियमों को अंतर्राष्‍ट्रीय विनयामक परिपाटियों के अनुकूल बनाया गया है और इसके तहत भारत की विशेष जरूरतों के अनुरूप नवाचार को प्रोत्‍साहित करने तथा मेक इन इण्डिया को बढ़ावा देने हेतु चिकित्‍सीय उपकरणों के विनियमन के लिए व्‍यापक विधान उपलब्‍ध कराया गया है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्‍य मंत्री, श्री अश्विनी कुमार चौबे के द्वारा लोकसभा में लिखित में उत्तर दिया गया I

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