स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

चिकित्सा के छात्रों की ग्रामीण क्षेत्रोंमें प्रशिक्षुता

प्रविष्टि तिथि: 02 JAN 2018 1:14PM by PIB Delhi

अनिवार्य ग्रामीण सेवाओं का विषय राज्‍य सरकारों के कार्यक्षेत्र के तहत आता है, जोकि चिकित्‍सकों के मुख्‍य नियोक्‍ता हैं। तथापि, चिकित्‍सकों को ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रोत्‍साहित करने हेतु एमसीआई ने केन्‍द्र सरकार के पूर्व अनुमोदन से स्‍नातकोत्‍तर चिकित्सा शिक्षा विनियम, 2000 में निम्‍न सुधार किए हैं:-

(i) स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत सीटें सरकारी सेवारत ऐसे चिकित्‍सा अधिकारियों के लिए आरक्षित रहेंगी जिन्‍होंने कम से कम 3 वर्ष की सेवा दुर्गम क्षेत्रों में की हो। स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा प्राप्‍त करने के बाद चिकित्‍सा अधिकारियों को दुर्गम क्षेत्रों में और दो वर्ष की सेवा करनी होगी।

(ii) स्‍नातकोत्‍तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु दुर्गम क्षेत्रों में सेवा हेतु प्रतिवर्ष के लिए 10 प्रतिशत अंक की दर से अधिकतम 30 प्रतिशत अंकों का प्रोत्‍साहन प्रवेश परीक्षा में प्राप्‍त अंकों के लिए। इसके अतिरिक्‍त एनएचएम के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने के लिए एमबीबीएस तथा स्‍नातकोत्‍तर डॉक्‍टरों को वित्‍तीय प्रोत्‍साहन भी दिया जाता है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्‍य मंत्री, श्री अश्‍विनी कुमार चौबे के द्वारा राज्य सभा में लिखित में उत्तर दिया गया ।

***

मव

 


(रिलीज़ आईडी: 1514957) आगंतुक पटल : 278