स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

डॉक्टरों तथा नैदानिक केन्द्रों के बीच अवैध सांठगांठ

प्रविष्टि तिथि: 02 JAN 2018 1:16PM by PIB Delhi

हाल ही में नवंबर-दिसंबर के दौरान आयकर निदेशालय (जांच), बैगलुरू ने बैंगलुरू  स्थित कुछ डॉक्‍टरों तथा नैदानिक केन्‍द्रों पर अन्‍य बातों के साथ-साथ खोज और जब्‍त करने संबंधी कार्रवाई की थी।  प्राथमिक जांच यह दर्शाती है कि कुछ नैदानिक केन्‍द्रों द्वारा कुछ डॉक्‍टरों को इन नैदानिक केन्‍द्रों  से चिकित्‍सा जांच हेतु रेफर करने हेतु कमीशन दिया गया था। तथापि, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 138 के अंतर्गत प्रावधानों को छोड़कर विशेष निर्धारितियों के संबंध में सूचना उजागर करना निषिद्ध है।

डॉक्‍टरों के आचरण को विनियमित कार्य हेतु भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) ने केंद्र सरकार के पूर्व-अनुमोदन से भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (व्‍यावसायिक कदाचार, शिष्‍टाचार और नीतिशास्‍त्र) विनिर्माण, 2002  अधिसूचित किए हैं। उपर्युक्‍त विनियमों के खंड 6.4.1.2 के अनुसार, किसी भी छूट अथवा कमीशन को अनैतिक माना जाता है। एमसीआई अथवा संबंधित राज्‍य आयुर्विज्ञान परिषदों को उपर्युक्‍त विनियमों के प्रावधानों का उल्‍लंघन करने वाले डॉक्‍टरों द्वारा नीतिशास्‍त्र संहिता के उल्‍लंघन की शिकायत एमसीआई द्वारा उससे संबंधित राज्‍य आयुर्विज्ञान परिषदों को रेफर की जाती है जहां डॉक्‍टर/चिकित्‍सक पंजीकृत होता है। एमसीआई एक अपीलीय प्राधिकरण है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्‍य मंत्री, श्री अश्‍विनी कुमार चौबे के द्वारा राज्य सभा में लिखित में उत्तर दिया गया ।

***

मव


(रिलीज़ आईडी: 1514958) आगंतुक पटल : 282