सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
जम्मू कश्मीर में समानांतर बचाव सुरंग के साथ दो लेन की दो द्विदिशी जोजिला सुरंग के निर्माण, परिचालन एवं अनुरक्षण को मंत्रिमंडल की स्वीकृति
प्रविष्टि तिथि:
03 JAN 2018 4:05PM by PIB Delhi
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में जम्मू कश्मीर में समानांतर बचाव (निकास) सुरंग के साथ दो लेन की दो द्विदिशी जोजिला सुरंग के निर्माण, परिचालन एवं अनुरक्षण हेतु, जिसमें श्रीनगर-लेह खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग-1ए को 95.00 किलोमीटर तथा जम्मू कश्मीर में 118.00 किलोमीटर पर जोड़ने वाले पहुंच मार्ग शामिल नहीं है, इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण के ईपीसी मोड, की स्वीकृति दी है। इस सुरंग के निर्माण से श्रीनगर-करगिल तथा लेह के बीच सभी मौसमों के दौरान संपर्क उपलब्ध रहेगा तथा इन क्षेत्रों में समग्र आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक एकीकरण की भी सुविधा रहेगी। इस परियोजना का कूटनीतिक तथा सामाजिक-आर्थिक महत्व है और यह जम्मू कश्मीर में आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों के विकास का एक माध्यम होगी।
परियोजना विवरण
- परियोजना के निर्माण की अवधि 7 वर्ष है जो निर्माण के शुरूआत की तारीख से ही आंकी जाएगी।
- परियोजना के निर्माण की लागत 4899.42 करोड़ रुपये है।
- परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 6808.69 करोड़ रुपये है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनरूद्धार एवं अन्य निर्माण-पूर्व कार्यकलाप तथा 4 वर्ष तक सुरंग के अनुरक्षण तथा परिचालन की लागत शामिल है।
- परियोजना का उद्देश्य जम्मू और कश्मीर राज्य में बालताल तथा मीनामार्ग के बीच पहुंचमार्गों को छोड़कर 14.200 किलोमीटर लम्बी समानांतर निकास सुरंग के साथ एकल ट्यूब वाली दो लेन की द्विदिशी 14.150 किलोमीटर लम्बी सुरंग का निर्माण करना है।
- इस सुरंग के पहुंचमार्गों का निर्माण अलग से शुरू किया जा रहा है।
- परियोजना का कार्यान्वयन राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के माध्यम से सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएंडएच) द्वारा किया जाएगा।
प्रभाव
- परियोजना का मुख्य उद्देश्य जम्मू तथा कश्मीर में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लेह क्षेत्र को पूरे साल संपर्क प्रदान करना है, जो कि इस समय रास्तों पर बर्फ तथा हिमस्खलन के डर के कारण अधिक से अधिक 6 महीने तक ही सीमित है।
- इस परियोजना से अन्य चालू परियोजनाओं यथा गगनगिर में 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-एमओआरएच सुरंग के साथ-साथ कश्मीर और लद्दाख के दो क्षेत्रों के बीच सुरक्षित, तीव्र तथा किफायती संपर्क सुनिश्चित होगा।
- इससे परियोजना कार्य-कलापों में स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार की संभावना में और अधिक वृद्धि होगी।
- परियोजना पूर्ण होने पर रोजगार में भारी इजाफा होगा, क्योंकि स्थानीय व्यापार राष्ट्रीय बाजार से जुड़ जाएंगे और इस सुंदर क्षेत्र में पूरे साल पर्यटक यातायात उपलब्ध रहेगा।
- इन क्षेत्रों में बहु-स्तरीय रोजगार सृजित होगा।
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वीके//एएम/जेडी/वाईबी/एसकेपी- 6178
(रिलीज़ आईडी: 1515230)
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