पर्यटन मंत्रालय
श्री के.जे. अलफोंस ने 'आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार' विषय पर देश भर के स्कूलों में आयोजित 'राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता' के विजेताओं को पुरस्कृत किया
प्रविष्टि तिथि:
23 JAN 2018 12:34PM by PIB Delhi
श्री के.जे. अलफोंस, पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने आज नोएडा में होटल प्रबंधन और कैटरिंग टेक्नॉलॉजी की राष्ट्रीय परिषद (एनसीएचएमसीटी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार' विषय पर देश भर के स्कूलों में आयोजित 'राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता' के विजेताओं को पुरस्कृत किया। पर्यटन मंत्रालय के अधीन एनसीएचएमसीटी एक सर्वोच्च संस्था है जो देश में आतिथ्य सत्कार शिक्षा के क्षेत्र में समन्वय का काम करती है।
चेन्नै के गुंटूर सुब्बैया पिल्लई टी. नगर बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की सुश्री ए. गायत्री को 40 हजार रु. का सर्वोच्च पुरस्कार मिला, दूसरे स्थान पर 30 हजार रु. का पुरस्कार भरुच, गुजरात की सुश्री निखी खंबातवाला को मिला और सोनितपुर असम के अनबील गोस्वामी 20 हजार रु. के पुरस्कार के साथ तीसरे स्थान रहे। इसके अलावा स्वर्ण और रजत पत्रों के जरिये इसमें प्रतिभागिता बढ़ाने के लिये विद्यालयों को भी सम्मानित किया गया साथ ही सभी चारों क्षेत्रों से तीन-तीन विद्यालयों को 10 हजार रु. का सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया।
इस मौके पर श्री के.जे. अलफोंस ने कहा कि पूरे देश में पर्यटन मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी विदेशी पर्यटकों के आगमन के आंकड़ों की चर्चा है जिसके मुताबिक पिछले साल की तुलना में 2017 में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 15.6% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गयी है और ऐसा पहली बार है जब एक साल में देश में एक करोड़ से ज्यादा विदेशी पर्यटक आये और अकेले पर्यटन के माध्यम से देश को $27.7 अरब (1,80,379 करोड़ रु.) की आय हुई। पर्यटन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 6.88% का योगदान देता है। सकल रोजगार के मामले में इसका योगदान 12.36% है। सरकार द्वारा व्यापक नीतियों को अपनाने विशेषकर के ई-वीजा और चुनिंदा देशों के यात्रियों को भारत पहुंचने पर वीजा प्रदान किये जाने की सुविधा के फलस्वरूप आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में असीम विकास होने वाला है। भारत की सांस्कृतिक विशेषता, लुभावने प्राकृतिक स्थलों, वन्यजगत, धार्मिक परिपथों और हाल ही में चिकित्सा और देखभाल क्षेत्र में हुई प्रगति की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटक भारत की ओर आकर्षित हुये हैं।
भारतीय खान-पान अब पूरे विश्व में स्वीकार्य है, विदेशी पर्यटक भारत की तीखी और मसालेदार करी, जिसमें क्षेत्रीय पकवान भी शामिल हैं का स्वाद लेने के लिये तैयार हैं।
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, ऑल इंडिया विद्यालयों के छात्र, अध्यापक और प्रधानाध्यपक, आईएचएम और निजी और सरकारी क्षेत्रों के आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित थे। पद्मश्री रसोइये संजीव कपूर की भागीदारी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, एनसीएचएमसीटी के अधीन आने वाले आईएचएम के छात्र रह चुके संजीव कपूर ने छात्रों को आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र को एक ऐसे शानदार पेशे के रूप में अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया जो कि रोमांच से भरपूर है और आपको विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों से मिलने का बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है।
पर्यटन मंत्रालय के अधीन होटल प्रबंधन और कैटरिंग तकनीक के लिये राष्ट्रीय परिषद (एनसीएचएमसीटी) आतिथ्य सत्कार की शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली सर्वोच्च संस्था है। 1962 में आरंभ के समय इसके पाठ्यक्रम के तहत केवल चार होटल प्रबंधन संस्थान थे, यह संख्या अब सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर 72 पहुंच गयी है। होटल प्रबंधन संस्थानों (आईएचएम) से प्रतिवर्ष करीब 12 हजार प्रशिक्षित छात्र इसके 11 अलग-अलग विशेषीकृत पाठ्यक्रमों से पढ़कर निकलते हैं जिन्हें उद्योग जगत जिसमें होटल, रेस्त्रां, विमान सेवा, जहाजरानी कंपनियां और रेलवे भी शामिल है, इसके अलावा कुछ छात्र उद्यमी बन जाते हैं या उच्च शिक्षा में चले जाते हैं।
आईएचएम के आतिथ्य सत्कार के शिक्षा कार्यक्रमों के बारे में जागरूगता बढ़ाने के लिये दिसंबर 2017 में एनसीएचएमसीटी ने पहली बार देश भर के स्कूलों में 'आतिथ्य सत्कार शिक्षा और भविष्य' विषय पर एक 'राष्ट्रव्यापी निबंध प्रतियोगिता' आयोजित की थी। व्यापक प्रचार के जरिये एनसीएचएमसीटी को 11-12वीं के छात्रों की व्यापक भागीदारी मिली जिन्होंने भविष्य निर्माण के एक क्षेत्र के रूप में अन्य परंपरागत क्षेत्रों जैसे अभियांत्रिकी, चिकित्सा और सूचना तकनीक की तुलना में होटल प्रबंधन में अपनी रुचि पर उत्साह के साथ लिखा। इन निबंधों को क्षेत्रीय स्तर पर छांटा और जांचा गया उसके बाद अंतिम चरण में पहुंचने वालों का पुनर्मूल्यांकन एनसीएचएमसीटी-नोएडा में एक विशेषज्ञों के समूह द्वारा किया गया था।
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वीके/एएम/केटी/एमएस-6440
(रिलीज़ आईडी: 1517582)
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