संस्कृति मंत्रालय
उपराष्ट्रपति ने भारत में पहली बार होने वाले अंतरराष्ट्रीय थिएटर ओलंपिक्स का उद्घाटन किया ; समारोह का लोगो: ‘मैत्री ध्वज‘ का अनावरण भी किया
थिएटर ओलंपिक्स विश्व के थिएटर आंदोलन की समृद्धि की सराहना करने के लिए थिएटर के प्रति उत्साही लोगों को एक दुर्लभ और अनूठा अवसर प्रदान करेगा : प्रधानमंत्री
प्रविष्टि तिथि:
17 FEB 2018 6:42PM by PIB Delhi
उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु ने आज नई दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले में 8वें अंतरराष्ट्रीय थिएटर ओलंपिक्स का उद्घाटन किया। केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा, थियोडोरोस टर्जोपौलस (अंतरराष्ट्रीय थिएटर ओलंपिक्स समिति, ग्रीस के अध्यक्ष), राष्ट्रीय ड्रामा सोसाइटी स्कूल के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अर्जुन देव चरण, राष्ट्रीय नाट्य अकादमी के निदेशक प्रो. वमन केंद्रे, पोलैंड के सांस्कृतिक प्रतिनिधि, संस्कृति सचिव श्री राघवेंद्र सिंह एवं कला तथा संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति महोदय ने इस अवसर पर समारोह का लोगो: ‘मैत्री ध्वज‘ का अनावरण भी किया।
51 दिनों तक चलने वाले इस समारोह का आयोजन संस्कृति मंत्रालय के तत्वाधान में राष्ट्रीय नाट्य अकादमी द्वारा किया जा रहा है। 8वें अंतरराष्ट्रीय थिएटर ओलंपिक्स की थीम ‘मैत्री का ध्वज‘ है जिसका लक्ष्य सीमाओं की दूरियों को पाटना और थिएटर कला के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों, मान्यताओं और विचारधाराओं को एक साथ लाना है।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु ने कहा कि सार्वभौमिक भाईचारे के लिए सभी कलाओं, सभी विचारों को अनिवार्य रूप से एक ही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि ग्रीक, रोमन, बेबीलोनिया, मिस्र एवं सिंधु घाटी सभ्यता जैसी प्राचीन सभ्यताओं ने विश्व की सांस्कृतिक राजधानी को समृद्ध बनाया है।
उपराष्ट्रपति महोदय ने दुनिया भर से आए सभी कलाकारों का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि वे एक दूसरे की कलात्मक उत्कृष्टता के विभिन्न पहलुओं का साझा करेंगे। उन्होंने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं देश के प्रमुख थिएटर संस्थान राष्ट्रीय नाट्य अकादमी की भी सराहना की।
उपस्थित जनसमूह को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संदेश भी पढ़ कर सुनाया गया, जिसमें कहा गया कि ‘ भारत को थिएटर संस्कृति की महान विरासत का गौरव हासिल है और उसने शास्त्रीय युग से लेकर आधुनिक समय तक थिएटर क्षेत्र के जीनियस पैदा किए हैं। 8वां थिएटर ओलंपिक्स विश्व के थिएटर आंदोलन की समृद्धि की सराहना करने के लिए थिएटर के प्रति उत्साही लोगों को एक दुर्लभ और अनूठा अवसर प्रदान करेगा....मुझे भरोसा है कि हमारे देश के नाटक के प्रति उत्साही लोग विश्व थिएटर के जरिये देशों और महादेशों को एकजुट करने वाले प्रदर्शन कलाओं के इस जश्न की सराहना करेंगे। ‘
केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने अपने संबोधन में सामाजिक बदलाव लाने में सरल तरीके से आम लोगों को जोड़ने की थिएटर की ताकत को रेखांकित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय थिएटर ओलंपिक्स का आयोजन करने में भारत असीम गर्व का अनुभव कर रहा है।
थियोडोरोस टर्जोपौलस ( अंतरराष्ट्रीय थिएटर ओलंपिक्स समिति, ग्रीस के अध्यक्ष) ने मानवता की भावना को जाग्रत रखने में थिएटर के महत्व को रेखांकित किया। संस्कृति सचिव श्री राघवेंद्र सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि थिएटर ओलंपियाड भारत में थिएटर आंदोलन को अगले स्तर तक ले जाएगा। राष्ट्रीय नाट्य अकादमी के निदेशक प्रो. वमन केंद्रे ने कहा कि भारतीय संस्कृति के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है।
थिएटर ओलंपिक्स 2018 450 शो, 600 एंबियंस प्रदर्शनों एवं दुनिया भर के 25,000 कलाकारों की भागीदारी के साथ 250 युवा फोरमों के साथ 17 भारतीय नगरों की यात्रा करेगा।
इस समारोह का समापन 8 अपैल, 2018 को मुंबई में ऐतिहासिक गेट वे ऑफ इंडिया पर एक भव्य समारोह के साथ होगा।
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वीके/एएम/एसकेजे/डीए/सीएल - 6707
(रिलीज़ आईडी: 1520869)
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