कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बेरहमपुर ने कोविड-19 संबंधित नवोन्मेषणों के लिए 3 पैटेंट दायर किए

आत्मनिर्भर भारत में योगदान देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया

Posted On: 21 AUG 2020 4:12PM by PIB Delhi

कोविड-19 के प्रसार पर अंकुश लगाने में मदद करने के लिए अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करने के वर्तमान में जारी प्रयास में, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), बेरहमपुर ने नोवेल कोरोना वायरस से लड़ने के लिए विकसित अपने तीन नवोन्मेषी उत्पादों का पंजीकरण कराया है और किसी भी चुनौती के समक्ष खरे उतरने की अपनी अंतर्निहित ताकत को प्रमाणित किया है। यह संस्थान को अन्वेषण के ऊपर प्राथमिकता का अधिकार प्रदान करेगा। आईआईटी एवं एनआईटी के पद चिन्हों पर चलते हुए, आईटीआई, बेरहमपुर देश के पैटेंट संस्थान क्लब में शामिल हो गया है। आने वाले दिनों में यह उपलब्धि अपने नवोन्मेषणों के लिए पैटेंट दायर करने के लिए अधिक से अधिक आईटीआई को बढ़ावा देगी तथा माननीय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारतके विज़न को पूरा करने की दिशा में योगदान देगी।

आईटीआई के प्रयासों की सराहना करते हुए, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा, ‘ चाहे यूवीसी रोबो योद्धा, जो सतहों को डिस्इंफेक्ट करता है, की डिजाइन बनानी हो या मोबाइल स्वैब कलेक्शन कियोस्क के जरिये सॉल्यूशन उपलब्ध कराना हो, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कोविड-10 के खिलाफ हमारी लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में रहा है। मुझे भरोसा है कि ऐसे नवोन्मेषण बड़े स्तर पर समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए आत्मनिर्भरता और अनुसंधान स्पिन ऑफ को प्रोत्साहित करेंगे और अधिक से अधिक आईटीआई को वायरस के प्रसार को रोकने के लिए नवोन्मेषी समाधानों के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करेंगे। आईटीआई, बेरहमपुर की टीम को देश भर में अन्य आईटीआई के लिए वायरस से लड़ने के अपने प्रयासों में सरकार के साथ मजबूती से खड़े होकर एक आदर्श उदाहरण स्थापित करने के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनायें।

माननीय प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की अपील हमारे अंदर की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को बाहर निकालने का वायदा करती है और आईटीआई, बेरहमपुर ऐसे आत्मनिर्भर प्रयासों की अगुवाई करने के लिए एक मजबूत स्थान पर खड़ा है। संस्थान के तीन नवोन्मेषणों में शामिल हैं:

मोबाइल स्वैब कलेक्शन कियोस्क

विश्व स्वास्थ्य संगठन की हाल की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड 19 के वायरस एरोसोल हवा के माध्यम से भी संचरित होते हैं। एरोसोल हवा में लंबे समय तक बने रह सकते हैं, इसलिए या तो स्वैब कलेक्शन के दौरान मोबाइल कियोस्क पर या अस्पतालों में संदिग्ध रोगी बाहर ही रहता है। स्वास्थ्य टेकनिशियन कियोस्क के भीतर रहता है। यह संदूषित एरोसोल के उस क्षेत्र में रहने की संभावना पैदा करता है जहां सैंपल इकट्ठा किया जाता है। उस स्थान से कोविड वायरस के फैलने की आशंका रहती है। आईटीआई, बेरहमपुर ने संदिग्ध रोगी के केबिन के भीतर रखने तथा टेकनिशियन के कियोस्क के बाहर रहने के लिए एक समाधान उपलब्ध कराया है। एचईपीए फिल्टर्स का उपयोग करते हुए एक निगेटिव प्रेशर टेक्नोलोजी के द्वारा एरोसोल को फिल्टर किया जाता है और उस क्षेत्र से वातावरण को कोविड वायरस से मुक्त कराया जाता है। 

यूवीसी सोल सैनिटाइजर

एक सोल सैनिटाइजिंग उपकरण में एक पोर्टेबल प्लेटफार्म तथा ओपेन बाटम सतह सहित सेक्शन को रिसीव करने वाले जूतों के सोल की एक जोड़ी शामिल होती है। सेक्शन को रिसीव करने वाले प्रत्येक शू सोल को जूते के बाहरी हिस्से को रिसीव करने के लिए रूपांतरित किया जाता है। इस प्लेटफार्म में डिस्पोजेबल पारदर्शी मैट का आधिक्य होता है जिसे हटाया जा सकता है और प्लेटफार्म पर रखा जाता है। यूवीसी प्रकाश स्रोत के आधिक्य को शू रिसीविंग स्टेशन की लंबाई के अनुरूप संरेखित किया जाता है। तंत्र को आईआर सेंसरों के जरिये उपलब्ध कराया जाता है जब देानों सोल प्लेटफार्म पर होते हैं केवल तभी यूवीसी लाइट एक ही साथ ट्रिगर होती है। यूवीसी लाइट ऊपर की ओर रोशनी बिखेरती है और बाहरी सतह पर जमा सूक्ष्म अवयवों को खत्म कर देती है। डिजिटल काउंटर मशीन 8 सेकंड तक निर्धारित किया जाता है और 8 सेकंड के बाद दोनों ही यूवीसी लाइट स्वचालित तरीके से बुझ जाते हैं। वायरस का 80 प्रतिशत ट्रांसमिशन शू सोल के जरिये होता है। जैसे-जैसे समाज में कोविड-19 संक्रमण की संख्या बढ़ती जा रही है, हमारे सोल को कोविड वायरस तथा अन्य संक्रमणों से बचाना बेहद जरुरी है। इसका उपयोग शू सोल को डिस्इंफेक्ट करने के लिए अस्पताल, कार्यालय, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग मॉल, होटल एवं संस्थान आदि जैसे सार्वजनिक स्थानों के प्रवेश पर किया जा सकता है। घर पर उपयोग करने के लिए एक पोर्टेबल छोटी सिंगल सोल मशीन भी डिजाइन की गई है।

यूवीसी रोबो योद्धा

यूवीसी रोबो योद्धा मशीन यूवीसी लाइट डिस्इंफेक्शन उपकरण उपलब्ध कराती है जो सार्वजनिक परिवहन प्रणाली तथा कोविड 19 संक्रमित या संदिग्ध रोगियों वाले आइसोलेशन रूम की सतहों को डिस्इंफेक्ट करता है। यह उपकरण यूवीसी लाइट के सीधे एक्सपोजर के लिए डिस्इंफेक्शन सतहों के बिंदु की ओर बढ़ता। यूवीसी लाइट 254 एमएम की वेव लेंग्थ के साथ यूवी किरण विकीर्ण करती है जिसे सर्वाधिक आसानी के साथ प्रेटीनों एवं बैक्टेरिया तथा वायरस के न्यूक्लिएक एसिड द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। यह न्यूक्लिएक एसिड में थाइमाइन डिमर्स से प्रोटीन को डिनेचर तथा डिस्एसोसिएट कर सकता है तथा न्यूक्लिएक एसिड को नष्ट कर सकता है तथा विभिन्न बैक्टीरिया के डीएनए, आरएनए, संरचना को नष्ट कर सकता है।

यह दर्शाता है कि एक रोबोट को डिस्इंफेक्शन के बिंदु तक यूवीसी लाइट को ले जाने के लिए उपयोग में लाया जाता है, रोबोट के मूवमेंट को ऑपरेटर द्वारा ब्लूटूथ के साथ एक एंड्रायड मोबाइल फोन द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो कमरे के बाहर एक लंबी दूरी से नियंत्रित करता है। रोबोट डिस्इंफेक्शन के क्षेत्र में सभी गैर-पहुंच बिन्दुओं तक यूवीसी किरणों को विकीर्ण कर सकता है। रोबोट की आंखों में लगा ब्लूटूथ कैमरा डिस्इंफेक्शन के क्षेत्र के वीडियों को रोबोट के बेहतर कंट्रोल मूवमेंट के लिए मोबाइल स्क्रीन को भेजता है। रोबोट के शरीर पर लगा सेंसर मूवमेंट को रोकने के जरिये किसी दीवाल या इसके ट्रैक पर आ रही किसी वस्तु के साथ रोबोट की टक्कर होने से बचाता है। यह रोबोट प्लाईवुड का बना होता है तथा पोर्टेबल, हल्के वजन का तथा चार्जेबल बैट्री के साथ किफायती होता है।

 

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