रक्षा मंत्रालय
रक्षा मंत्री ने निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के लिए आमंत्रित किया; उन्हें भारत में स्थिर नीतिगत माहौल का आश्वासन दिया
निजी क्षेत्र की अग्रणी भूमिका पर सरकार के सभी स्तरों पर आम सहमति: बेंगलुरु में वैश्विक निवेशक सम्मेलन में श्री राजनाथ सिंह
प्रविष्टि तिथि:
11 FEB 2025 5:55PM by PIB Delhi
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक निवेशकों से भारत में अपनी निवेश योजनाओं में लंबे समय तक निवेश करने का आग्रह किया है। वे आज बेंगलुरु में कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि निवेशकों को भारत की राजनीतिक स्थिरता, इसकी विशाल विपणन क्षमता और अनिश्चितता तथा अव्यवस्था से मुक्त कानून के शासन पर आधारित इकोसिस्टम जैसी जबरदस्त ताकतों से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि भारत की अपार निवेश क्षमता ने निरंतर सफलता, स्थायी प्रभाव और स्थायी विकास देखा है।
श्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत के संवैधानिक मूल्य विभिन्न विचारों को स्वीकार करने के अपने समृद्ध इतिहास में गहराई से निहित हैं और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच घनिष्ठ समन्वय में इसका उदाहरण मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लालफीताशाही सहित उन चुनौतियों का समाधान करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है, जिनका निवेशकों को पहले सामना करना पड़ता था। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कई स्वीकृतियां प्राप्त करने की बोझिल प्रक्रिया को एकल-खिड़की प्रणाली द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है, जिससे निवेशकों को त्वरित और परेशानी मुक्त अनुभव सुनिश्चित होता है।
रक्षा मंत्री ने निवेशकों को भारत की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए बाजार में सशक्त मांग का आश्वासन देते हुए कहा कि भारत पहले से ही दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हाल ही में लिए गए कई आर्थिक फैसलों से मांग के माहौल को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार ने इस साल के बजट में आयकर में भारी कटौती की है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कर राहत से जनता की डिस्पोजेबल आय में काफी वृद्धि होगी, जिससे निवेशक फर्मों के लिए मजबूत व्यावसायिक विकास होगा।
श्री राजनाथ सिंह ने उद्यमियों के साथ अपनी बातचीत को भी दोहराया, जिसमें यह चिंता व्यक्त की गई थी कि वे आज एक आशाजनक क्षेत्र में निवेश कर सकते हैं, लेकिन बाद में उन्हें अप्रत्याशित नीतिगत बदलावों का सामना करना पड़ सकता है, जो उनकी योजनाओं और मुनाफे को बाधित कर सकते हैं। इस तरह की शंकाओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में शासन के सभी स्तरों पर इस बात पर व्यापक सहमति है कि सतत आर्थिक विकास को बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था द्वारा संचालित किया जाना चाहिए, जिसमें निजी क्षेत्र की अग्रणी भूमिका होनी चाहिए। रक्षा मंत्री ने बताया कि यह साझा प्रतिबद्धता एक स्थिर और पूर्वानुमानित नीतिगत माहौल प्रदान करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि व्यवसाय नीति निरंतरता के विश्वास के साथ निवेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज, भारत में निवेशकों को लालफीताशाही का सामना नहीं करना पड़ता है। इसके बजाय, हम उनके लिए लाल कालीन बिछाते हैं। निवेश को बढ़ावा देने पर रक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह की अंतर-राजनीतिक पार्टी की आम सहमति हमारे निवेशकों के लिए अनिश्चितता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
श्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक में निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि सहकारी संघवाद के युग में, केंद्र और राज्य सरकारें देश की अर्थव्यवस्था को आकार देने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंनेआईटी और सॉफ्टवेयर जैसे विभिन्न उद्योगों के लिए अग्रणी केंद्र के रूप में बेंगलुरु का हवाला देते हुए कहा कि यह शहर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए भी एक उभरता हुआ केंद्र है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह भारत में निवेश करने का सही समय है। उन्होंने निवेशकों के सामने अभूतपूर्व अवसरों का उल्लेख किया।
श्री राजनाथ सिंह ने देश की आर्थिक प्रगति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निवेशकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने के राष्ट्रीय उद्देश्य की दिशा में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी मिलकर यह लक्ष्य हासिल कर लेंगे।
इस कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धारमैया, केंद्रीय उपभोक्ता कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री श्री डी.के. शिवकुमार, राज्य सरकार के मंत्री और उद्योग प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
***
एमजी/आरपीएम/केसी/एनके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2102075)
आगंतुक पटल : 199