खान मंत्रालय
हम एक ऐसे भारत का निर्माण करें जिसमें हिन्दी भाषा जनभाषा के रूप में विकसित हो – श्री जी किशन रेड्डी, माननीय खान मंत्री जी।
खान मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न
प्रविष्टि तिथि:
24 SEP 2025 7:45PM by PIB Delhi
खान मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक आज दिनांक 24 सितंबर 2025 को आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता माननीय केंद्रीय खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने की। बैठक में माननीय सांसदगण श्री भर्तृहरि महताब (सांसद, लोकसभा), श्री भोजराज नाग (सांसद, लोकसभा), श्री कालीचरण सिंह (सांसद, लोकसभा), श्री सुजीत कुमार (सांसद, राज्यसभा), श्री देवेंद्र प्रताप सिंह (सांसद, राज्यसभा) सहित समिति के अन्य सदस्यगण, श्री पीयूष गोयल, सचिव (खान) तथा खान मंत्रालय के उच्च अधिकारीगण राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि तथा मंत्रालय द्वारा नामित समिति के माननीय सदस्य उपस्थित रहे।
माननीय खान मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का सेतु है। उन्होंने मंत्रालय एवं उसके अधीनस्थ कार्यालयों में राजभाषा नीति के पूर्ण अनुपालन और हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। माननीय खान मंत्री जी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करें जिसमें हिन्दी भाषा जनभाषा के रूप में विकसित हो और सरकारी नीतियों और योजनाओं से आम जन लाभान्वित हों।
बैठक में समिति सांसदों और सदस्यों ने अनेक सुझाव दिए जिसको लेकर मंत्रालय तथा उसके अधीनस्थ कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रोत्साहित किया जा सके । सभी आधिकारिक पत्राचार, नोटशीट्स, ई-मेल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से हिंदी प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए तथा तकनीकी शब्दावली के विकास हेतु शब्दावली बैंक तैयार किया जाए। हिंदी लेखन और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताएँ और प्रोत्साहन योजनाएँ चलाई जाएँ तथा अनुवाद की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेषज्ञ पैनल का गठन किया जाए।
इसके अतिरिक्त बैठक के दौरान राजभाषा शील्ड योजना के तहत मंत्रालय के सभी अधीनस्थ एवं सम्बद्ध कार्यालयों में से वर्ष के दौरान हिन्दी में सर्वोत्तम कार्य करने वाले कार्यालयों को माननीय खान मंत्री जी द्वारा शील्ड तथा प्रमाणपत्र वितरित किए गए। जिसमें प्रथम पुरस्कार भारतीय खान ब्यूरो, द्वितीय पुरस्कार भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा तृतीय पुरस्कार राष्ट्रीय शीला यंत्रीकई संस्थान कार्यालय को दिया गया। यह योजना कार्यालयों में हिन्दी के प्रगामी प्रयोग को प्रोत्साहन देने हेतु एक प्रभावी कदम रहा।
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि मंत्रालय के सभी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी, सुगम और जनोन्मुखी बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।


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शुहैब टी/दुर्गेश कुमार
(रिलीज़ आईडी: 2170867)
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