आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय
स्वच्छता ही सेवा 2025’ अभियान : श्रमदान से गूंजे गांव-शहर, जनभागीदारी से सजीव हुआ स्वच्छता संकल्प
प्रविष्टि तिथि:
25 SEP 2025 5:58PM by PIB Raipur
देशभर में चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा 2025’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आज श्रमदान कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया। दंतेवाड़ा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, अंबिकापुर और महासमुंद में आयोजित इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से भाग लेकर साफ-सफाई की और स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
दंतेवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत कुम्हाररास में पर्यटन स्थल कुम्हाररास डेम परिसर में श्रमदान किया गया। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप कुमार पटेल, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और ग्रामीणों ने परिसर की साफ-सफाई कर संदेश दिया कि स्वच्छता निरंतर जनभागीदारी से ही संभव है। युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बांधामुड़ा तालाब परिसर में “एक दिन-एक घंटा-एक साथ” थीम पर अभियान चला। जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी, नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे, सीईओ मुकेश रावटे, एसडीएम विक्रांत अंचल, सीएमओ नारायण साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक झाड़ू लेकर श्रमदान में शामिल हुए। कलेक्टर मंडावी ने नागरिकों को हर वर्ष 100 घंटे यानी सप्ताह में दो घंटे सफाई का संकल्प दिलाया और कहा कि स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक संस्कार है।
अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में भी “एक दिन-एक घंटा-एक साथ” अभियान आयोजित हुआ। महापौर मंजूषा भगत, सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, कलेक्टर विलास भोसकर, सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, आयुक्त डी.एन. कश्यप सहित पार्षदों, अधिकारियों और नागरिकों ने श्रमदान किया। महापौर ने कहा कि स्वच्छता को आदत और जीवनशैली में शामिल कर ही शहर को और आदर्श बनाया जा सकता है।
महासमुंद में वार्ड क्रमांक 17 के बंधवा तालाब और मेढ़ों में वृहद सफाई अभियान चला। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वयं फावड़ा उठाकर तालाब परिसर की सफाई की। विधायक सिन्हा ने लोगों से आह्वान किया कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित न रहकर समाज को स्वस्थ और विकसित बनाने की दिशा में बढ़ाया जाए।
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर आयोजित इन श्रमदान कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्वच्छता दीदियों, स्व-सहायता समूहों, सफाईकर्मियों और आम नागरिकों की भागीदारी रही। अभियान का मूल उद्देश्य स्पष्ट रहा—जनभागीदारी से स्वच्छता को आदत में बदलना और स्वच्छ भारत के सपने को साकार करना।
आरडीजे
(रिलीज़ आईडी: 2171300)
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