रक्षा मंत्रालय
विशेष अभियान 5.0 के तहत डीआरडीओ द्वारा इलेक्ट्रॉनिक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन एवं निपटान
प्रविष्टि तिथि:
27 OCT 2025 5:50PM by PIB Delhi
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अपने विभिन्न कार्यालयों और प्रयोगशालाओं में उत्पन्न होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल निपटान के लिए एक व्यापक पहल शुरू की है। डीआरडीओ द्वारा यह प्रयास विशेष अभियान 5.0 (लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 5.0) के तहत किया जा रहा है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के मार्गदर्शन में इस अभियान का उद्देश्य न केवल ई-वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और निपटान को सुनिश्चित करना है, बल्कि वीआईपी संदर्भों, अपीलों और शिकायतों से जुड़े लंबित मामलों को न्यूनतम स्तर तक लाना भी है।
पूर्ववर्ती अभियानों SCDPM 1.0 से 4.0 के दौरान डीआरडीओ ने लगभग 1 लाख फिजिकल फाइलों की समीक्षा की है, जिनमें से 60 हजार से अधिक फाइलों को वीडआउट (weedout) किया गया। कटे हुए कागजों (shredded paper) का वस्तु विनिमय प्रणाली (barter system) के तहत पुनः उपयोग करते हुए संगठन ने लगभग ₹4 लाख मूल्य के स्टेशनरी आइटम प्राप्त किए हैं। इसके अतिरिक्त 100 से अधिक वाहनों और अन्य यांत्रिक अपशिष्ट सामग्री के निपटान से संगठन ने करीब ₹7.5 करोड़ की राशि अर्जित की है। यह प्रयास डीआरडीओ की संसाधन-संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एससीडीपीएम 5.0 के अंतर्गत, डीआरडीओ की सभी प्रयोगशालाओं को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित रूप से ई-वेस्ट के संग्रहण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया को अपनाएं। साथ ही, पुराने अभिलेखों के सुव्यवस्थित निस्तारण तथा लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करें। यह पहल डीआरडीओ की स्वच्छता, पारदर्शिता और स्थिरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो संगठन की हरित और जिम्मेदार प्रशासनिक प्रणाली को और सशक्त बनाती है।
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सूरज/गोपाल/स्वामी
(रिलीज़ आईडी: 2183003)
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