शिक्षा मंत्रालय
काशी–तमिल संगमम् 4.0 की शुरुआत से पहले ही कविता, पेंटिंग और मेहंदी की रंगीन अभिव्यक्तियों से सजी काशी
दशाश्वमेध घाट से विश्वनाथ मंदिर तक गूँजी सांस्कृतिक एकता- केटीएस का चौथा संस्करण 2 दिसंबर, 2025 से शुरू होगा
प्रविष्टि तिथि:
29 NOV 2025 7:22PM by PIB Delhi
2 दिसंबर 2025 से शुरू होने वाले क़ाशी तमिल संगमम् 4.0 से पहले ही काशी का सांस्कृतिक परिदृश्य तमिलनाडु और काशी की साझा विरासत से सराबोर है। काशी के विभिन्न स्थलों पर रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियां आज आयोजित हुईं। तमिलनाडु और काशी की साझा परंपराओं को जोड़ते हुए कविता पाठ और सांस्कृतिक संवादों ने दोनों सभ्यताओं के बीच बने सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत किया। ये अभिव्यक्तियाँ 2 दिसंबर को खिलने वाले संगम की एक हल्की प्रतिध्वनि रहीं।

इसके साथ काशी की आध्यात्मिक धारा को अपने सुरों से सजीव करते हुए बीएचयू के छात्रों ने विश्वनाथ मंदिर में संध्या भजन प्रस्तुत किया। वहीं, आज सुबह से दशाश्वमेध घाट एक जीवंत कैनवास बन गया जहाँ प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं में तमिलनाडु और काशी की संस्कृति को रंगों में उकेरा। यह पेंटिंग प्रतियोगिता उन भावनाओं का प्रतीक रही जो दोनों प्रदेशों को सदियों से जोड़ती आई हैं। युवा प्रतिभाओं की कला में विरासत, कल्पना और गहन सांस्कृतिक बंधन साफ दिखा।

इसके अलावा आज काशी में मेहंदी और टैटू प्रतियोगिता के साथ नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी हुई। बीएचयू परिसर में हुए नुक्कड़ नाटक ने परंपरा को संवाद का स्वरूप दिया। कलाकारों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने दर्शाया कि कैसे संस्कृति समाज को जोड़ने के साथ-साथ प्रेरित और जागरूक करने का काम करती है। इन सभी गतिविधियों ने काशी तमिल संगमम् 4.0 शुरू होने से पहले ही काशी को केटीएस 4.0 के रंग में ढाल लिया। कला, भाषा, भक्ति और अभिव्यक्ति के इन प्रयासों ने यह स्पष्ट किया कि तमिलनाडु और काशी का रिश्ता मात्र सांस्कृतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक भी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित यह पहल, दोनों क्षेत्रों के बीच सभ्यतागत, सांस्कृतिक, भाषाई और लोगों के बीच संबंधों का सम्मान करती है और यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शाता है। इस कार्यक्रम का आयोजन आईआईटी मद्रास और बीएचयू वाराणसी के समन्वय से किया जा रहा है, तथा संस्कृति मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इसका समर्थन किया जा रहा है।
***
SC/AK/DS
(रिलीज़ आईडी: 2196397)
आगंतुक पटल : 23