सहकारिता मंत्रालय
पश्चिम बंगाल में कार्यरत सहकारी समितियां
प्रविष्टि तिथि:
09 DEC 2025 5:45PM by PIB Delhi
(क) राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (NCD) के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल 32,128 सहकारी समितियां हैं, जिनमें से 22,953 सहकारी समितियां कार्यशील हैं । जिला-वार सहकारी समितियों की कुल संख्या और पश्चिम बंगाल में कार्यशील सहकारी समितियों की संख्या, संलग्नक -1 के रूप में संलग्न है ।
(ख) सहकारिता मंत्रालय ने दिनांक 6 जुलाई, 2021 को अपनी स्थापना के बाद से "सहकार-से-समृद्धि" की परिकल्पना को साकार करने और पश्चिम बंगाल राज्य सहित देश भर में सहकारी समितियों को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें की हैं I प्रमुख पहलों में निम्नलिखित शामिल हैंः
- मानकीकृत सॉफ्टवेयर, डिजिटल लेखांकन, ऑनलाइन सेवा प्रदाय और बेहतर पारदर्शिता लाने के लिए पैक्स कम्प्यूटरीकरण परियोजना, देश भर में 79,000 से अधिक पैक्स को कवर करती है।
- पैक्स की आदर्श उपविधियाँ, जो पैक्स को 25 से अधिक व्यावसायिक कार्यकलापों को करने में सक्षम बनाती हैं, और उनके संचालन में शासन , पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार लाती हैं। अब, पैक्स पीएम-किसान समृद्धि केंद्र (PMKSKs), प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJKs), कॉमन सेवा केंद्र (CSC) आदि के रूप में कार्य कर सकते हैं ।
- सहकारिता आधारित "श्वेत क्रांति 2.0" का उद्देश्य अनाच्छादित क्षेत्रों में डेयरी किसानों को बाजार पहुंच प्रदान करके और संगठित क्षेत्र में डेयरी सहकारी समितियों की हिस्सेदारी को बढ़ाकर अगले पांच वर्षों में डेयरी सहकारी समितियों के दुग्ध प्रापण को वर्तमान स्तर से 50 प्रतिशत तक बढ़ाकर सहकारी कवरेज का विस्तार, रोजगार सृजन और महिला सशक्तीकरण करना है I
- गैर-अनुसूचित UCBs, StCBs और DCCBs को CGTMSE योजना में सदस्य ऋणदाता संस्थानों (MLIs) के रूप में अधिसूचित किया गया है ताकि ऋण देने में सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके ।
- सरकार ने एनसीडीसी के माध्यम से एथेनॉल संयंत्रों या कोजेनरेशन संयंत्रों या कार्यशील पूंजी के लिए या इन तीनों उद्देश्यों के लिए योजना शुरू की है। मंत्रालय ने इस योजना के तहत एनसीडीसी को 1000 करोड़ रुपये (वित्तीय वर्ष 2022-23 में 500 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपये) जारी किए हैं तथा एनसीडीसी ने 56 सहकारी चीनी मिलों (CSMs) को 10,005 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
- नाबार्ड के माध्यम से क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किए गए जो ईआरपी सॉफ्टवेयर अर्थात ई-पैक्स सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण प्रदान करते हैं ।
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संलग्नक-1
पश्चिम बंगाल में कुल और कार्यशील सहकारी समितियों की जिलेवार संख्या
|
क्रम सं.
|
जिला का नाम
|
समितियों की कुल संख्या
|
कार्यशील समितियों की संख्या
|
|
1
|
24 परगना उत्तर
|
5,596
|
5,227
|
|
2
|
24 परगना दक्षिण
|
1,756
|
993
|
|
3
|
अलीपुरद्वार
|
333
|
225
|
|
4
|
बांकुरा
|
1,152
|
996
|
|
5
|
बीरभूम
|
972
|
766
|
|
6
|
कूचबिहार
|
862
|
537
|
|
7
|
दार्जिलिंग
|
772
|
420
|
|
8
|
दिनाजपुर दक्षिण
|
541
|
330
|
|
9
|
दिनाजपुर उत्तर
|
621
|
353
|
|
10
|
हुगली
|
2,052
|
1,244
|
|
11
|
हावड़ा
|
813
|
653
|
|
12
|
जलपाईगुड़ी
|
642
|
369
|
|
13
|
झारग्राम
|
453
|
387
|
|
14
|
कलिम्पोंग
|
232
|
158
|
|
15
|
कोलकाता
|
2,438
|
1,412
|
|
16
|
मालदा
|
672
|
665
|
|
17
|
मेदिनीपुर पूर्व
|
1,614
|
1,433
|
|
18
|
मेदिनीपुर पश्चिम
|
1,645
|
1,468
|
|
19
|
मुर्शिदाबाद
|
2,590
|
1,507
|
|
20
|
नादिया
|
1,925
|
1,369
|
|
21
|
पश्चिम बर्धमान
|
1,170
|
564
|
|
22
|
पूर्बा बर्धमान
|
2,363
|
1,403
|
|
23
|
पुरुलिया
|
914
|
474
|
|
|
कुल
|
32,128
|
22,953
|
स्रोत: दिनांक 15.11.2025 की स्थिति के अनुसार NCD पोर्टल
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK
(रिलीज़ आईडी: 2201710)
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