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काशी तमिल संगमम 4.0 की तैयारियां जोरों पर हैं


काशी और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन

प्रविष्टि तिथि: 28 NOV 2025 6:30PM by PIB Delhi

2 दिसंबर 2025 से शुरू होने वाले आगामी काशी तमिल संगमम 4.0 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष का आयोजन "तमिल करकलाम - आइए तमिल सीखें" विषय पर आधारित है, जिसका उद्देश्य तमिल भाषा को बढ़ावा देना और काशी और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना है। इस आयोजन में प्रतिनिधिमंडल अपनी आठ दिवसीय यात्रा पर वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जाएंगे। जहां वे विशेष संवाद, संगोष्ठियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और विरासत का अनुभव करेंगे।

प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में, प्रमुख तमिल विरासत स्थलों महाकवि सुब्रमण्यम भारतीयार का पैतृक घर, केदार घाट, कांची मठ, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर का भ्रमण करेगा। वे शैक्षणिक, भाषाई और साहित्यिक आदान-प्रदान के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विभिन्न विभागों का भी दौरा करेंगे।

इस वर्ष के कार्यक्रम की प्रमुख पहल ऋषि अगस्त्य वाहन अभियान (एसएवीई) अभियान है। प्राचीन मार्गों का अनुसरण करने और तमिलनाडु को ऐतिहासिक रूप से काशी से जोड़ने वाला यह अभियान 2 दिसंबर 2025 को तेनकासी से शुरू होकर काशी में समाप्त होगा। यह अभियान पांडियन शासक श्री आदि वीर पराक्रम पांडियन की यात्रा से प्रेरित है, जिन्होंने भारतीय संस्कृति में एकता को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु से काशी की यात्रा की और भगवान शिव के मंदिर की स्थापना की, साथ ही शहर का नाम बदलकर तेनकासी (दक्षिण काशी) रख दिया, जो दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और सहयोगी एजेंसियां ​​इस आयोजन के लिए हितधारको के साथ समन्वय कर रही हैं। छात्रों, शिक्षकों, लेखकों, पत्रकारों, किसानों, पेशेवरों, कारीगरों, महिला समूहों और आध्यात्मिक विद्वानों का प्रतिनिधित्व करने वाले 1400 से अधिक प्रतिनिधि इस कार्यक्रम के विभिन्न खंडों में भाग लेंगे। प्रतिनिधि प्रयागराज में नदी संगम और अयोध्या के महत्वपूर्ण स्थलों का भी भ्रमण करेंगे, जिनमें नवनिर्मित श्री राम मंदिर भी शामिल है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय एकता पहल 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण से प्रेरित पहले काशी तमिल संगमम का आयोजन वर्ष 2022 में हुआ, जिसके बाद वर्ष 2023 और 2025 में इसके अगले संस्करण आयोजित किए गए। इस आयोजन के पहले चरणों में काशी और तमिलनाडु के बीच गहरे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सभ्यतागत संबंधों को उजागर किया गया, जो विषयगत रूप से काशी तमिल संगमम 4.0 के माध्यम से लगातार मजबूत हो रहे हैं।

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पीके/केसी/जेके/एनजे


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