रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
डिजिटल हुई लगभग 2 लाख करोड़ की उर्वरक सब्सिडी
डिजिटल सब्सिडी विकसित भारत की दिशा में बहुत बड़ा कदम: श्री जे. पी. नड्डा
लगभग ₹2 लाख करोड़ की उर्वरक सब्सिडी का होगा ऑनलाइन भुगतान
प्रविष्टि तिथि:
01 JAN 2026 7:13PM by PIB Delhi

भारत सरकार के उर्वरक विभाग ने साल 2026 के पहले दिन एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. विभाग ने लगभग दो लाख करोड़ की सालाना सब्सिडी को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का फैसला लिया है.
इस अहम मुहिम की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने दिल्ली के कर्तव्य भवन से की.
श्री जेपी नड्डा ने कहा कि पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उर्वरक विभाग की इस पहल की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है. उन्होंने कहा कि पूरे ईकोसिस्टम के डिजिटल हो जाने से विभाग से जुड़ी कंपनियों और उनके माध्यम से सभी किसानों को सुविधा होने जा रही है.

इस दौरान उर्वरक सचिव श्री रजत कुमार मिश्र ने कहा कि यह फैसला बिलों से पेपर हटाने तक सीमित नहीं है. उर्वरक उद्योग को इस फैसले से नई गति मिलेगी. नए बिलिंग सिस्टम में आधुनिक तकनीक का इस तरह इस्तेमाल किया गया है कि जिससे रॉ मैटिरियल से फाइनल प्रॉडक्ट बनने की पूरी प्रक्रिया एक जगह आ जाएगी और उसे किसी भी स्तर से मॉनिटर किया जा सकेगा.
दरअसल भारत सरकार के उर्वरक विभाग ने अपने साथ काम करने वाले सभी पीएसयू, सहकारी संस्थाओं और प्राइवेट कंपनियों से वित्तीय लेनदेन को iFMS (Integrated Financial Management System) के जरिए वित्त मंत्रालय के पहले से चले आ रहे पीएफएमएस (Public Financial Management System) के साथ जोड़ दिया है.
मुख्य लेखा नियंत्रक (CCA) श्री संतोष कुमार ने बताया कि यह उपलब्धि iFMS और PFMS के बीच विशिष्ट तकनीकी साझेदारी का महत्वपूर्ण परिणाम है. उन्होंने कहा कि इस बदलाव के बाद उर्वरक विभाग के सभी वित्तीय लेन-देन डिजिटल हो जाएंगे. इस प्रणाली के जरिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पास सुविधा रहेगी कि वो किसी भी समय सीधी निगरानी कर सकेंगे.
संयुक्त सचिव (F&A) श्री मनोज सेठी ने बताया कि नई डिजिटल प्रणाली से सब्सिडी बिलों के भुगतान में होने वाली देरी खत्म होगी और साप्ताहिक सब्सिडी समय पर जारी की जा सकेगी. 'ई-बिल' पोर्टल की सुविधा से खाद कंपनियां अब ऑनलाइन क्लेम जमा कर रियल-टाइम में अपने पेमेंट की स्थिति देख सकेंगी. इस पहल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और कागजी कार्रवाई की भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी.
कार्यक्रम में अपर सचिव श्रीमती अनीता सी. मेश्राम, अपर सचिव श्रीमती अपर्णा शर्मा, संयुक्त सचिव श्री के.के. पाठक तथा संयुक्त सचिव श्री अनुराग रोहतगी, निदेशक मिस लाबुनी दास दत्ता राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक श्री असीम गुप्ता, संयुक्त निदेशक श्री अशुतोष तिवारी और डेवलपर श्री हरे कृष्ण तिवारी शामिल रहे.
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NKB/ PM
(रिलीज़ आईडी: 2210583)
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