ग्रामीण विकास मंत्रालय
केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए वर्ष पर अधिकारियों को दिलाया लक्ष्यपूर्ण सेवा का संकल्प
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर किसानों और ग्रामीणों की भलाई के लिए “सरकार फ़ाइलों में नहीं, जनता की लाइफ़ में दिखे” मंत्र के साथ साप्ताहिक लक्ष्य- शिवराज सिंह
प्रक्रियाओं के सरलीकरण, नए सीड व पेस्टीसाइड एक्ट और आदर्श गांव विकास की दिशा में तेज़ी से काम करने के शिवराज सिंह के निर्देश
प्रविष्टि तिथि:
01 JAN 2026 8:32PM by PIB Delhi
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए वर्ष के पहले दिन अपने दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को संकल्प दिलाया, इसके साथ ही नया वर्ष 2026 केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्रालयों के लिए नई ऊर्जा और संकल्प के साथ शुरू हुआ।
केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालयों के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान के अनुरूप “सरकार फ़ाइलों में नहीं, जनता की लाइफ़ में दिखनी चाहिए” का संकल्प दोहराया। श्री चौहान ने कहा कि देश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालयों से जुड़ी है, इसलिए हमारा हर कदम किसानों और ग्रामीणों की भलाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीम भावना से काम करते हुए साप्ताहिक लक्ष्य तय करें और पूरे वर्ष की कार्य योजना भी तैयार करें, ताकि काम में तेजी और परिणामों में स्पष्टता लाई जा सके।

केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने सुधार (Reforms) की जो दिशा दी है, उसके अनुरूप प्रक्रियाओं का सरलीकरण कर जनता को राहत देना मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी कार्यप्रणाली अपनाई जाए, जिससे किसी भी व्यक्ति को अपने काम के लिए विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें।
श्री चौहान ने कहा कि भारत की सोच आदर्श और उन्नत है- प्रधानमंत्री जी ने गुलामी के अंशों को मिटाने का जो आह्वान किया है, उसी भावना से ग्रामीण भारत को विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीड एक्ट और पेस्टीसाइड एक्ट की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाए ताकि संसद सत्र में इन विधेयकों को प्रस्तुत किया जा सके और किसानों को सीधी राहत मिले।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि योजनाओं की राशि जारी करने से पहले राज्यों से पूर्ण विचार-विमर्श किया जाए, ताकि पारदर्शिता और सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। राज्यों के कृषि विकास के लिए समयबद्ध रोड़मैप तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।
श्री चौहान ने “विकसित भारत - जी राम राम जी” योजना के अंतर्गत आदर्श गांवों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण भारत के सर्वोत्तम विकास कार्य अब देश के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित की जाए तथा ICAR को इस वर्ष से ग्रेडिंग व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहन मिले।
केन्द्रीय मंत्री ने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे नए वर्ष में दृढ़ संकल्प और लक्ष्यबद्ध दृष्टि के साथ कार्य करें, ताकि किसानों और ग्रामीणों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सके।
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RC/MS
(रिलीज़ आईडी: 2210619)
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