वित्त मंत्रालय
निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसई) का कार्यान्वयन 1 दिसंबर 2025 से जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से शुरू
पहले महीने में ₹8,500 करोड़ से अधिक के आवेदन मिले और ₹3,100 करोड़ से अधिक के लोन मंजूर किए गए
यह योजना लिक्विडिटी, बाजार विविधीकरण और रोजगार को मदद करके एमएसएमई और नॉन-एमएसएमई निर्यातकों को लाभ पहुंचाएगी
सरकार इस योजना के अंतर्गत अतिरिक्त लोन सुविधा के लिए 100% गारंटी देगी
प्रविष्टि तिथि:
01 JAN 2026 8:03PM by PIB Delhi
निर्यात भारतीय अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, जो जीडीपी का लगभग 21% है और मजबूत विदेशी मुद्रा इनफ्लो का माध्यम हैं। निर्यात आधारित उद्यमों में 45 मिलियन से अधिक लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार पाते हैं, और एमएसएमई कुल निर्यात में लगभग 45% का योगदान देते हैं। निर्यात में लगातार हो रही इस प्रगति ने भारत के चालू खाता बकाया और मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से लागू की जा रही निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसई) 01.12.2025 से शुरू हो गई है, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान (मेंबर लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस – एमएलआई) अनिश्चित मुश्किलों के समय में भारतीय निर्यातकों को अतिरिक्त वित्तीय मदद दे सकेंगे। इसके साथ ही, यह कदम निर्यात बाजार में विविधता लाएगा और उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। इस सक्रिय हस्तक्षेप का उद्देश्य निर्यातकों और एमएसएमई को क्रेडिट गारंटी देना है, जिससे उन्हें अतिरिक्त क्रेडिट मिल सके। इससे लिक्विडिटी मिलेगी, कारोबार लगातार चलता रहेगा और नए बाजार में विस्तार करने के मौके मिलेंगे।
इस स्कीम में योग्य एमएलआई के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निर्यातक एमएसएमई को ₹20,000 करोड़ तक का अतिरिक्त बिना गारंटी वाली क्रेडिट मदद देने की योजना है। 31.12.2025 तक, ₹8,599 करोड़ के 1,788 आवेदन मिले हैं, जिनमें से कुल 716 आवेदनों को ₹3,141 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जो हमारे निर्यातकों और एमएसएमई के बीच अटूट भरोसे को दिखाता है।
मौजूदा निर्यात क्रेडिट/ वर्किंग कैपिटल लिमिट के 20% तक के वर्किंग कैपिटल लोन राशि के साथ, यह स्कीम निर्यातक और एमएसएमई को क्षमताएं विकसित करने और अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ-साथ नए और उभरते बाजारों में विविधीकरण की दिशा में कदम उठाने में मदद करेगी। इन संस्थाओं की लिक्विडिटी को आसान बनाकर, यह योजना कारोबार के कार्यान्वयन की निरंतरता सुनिश्चित करने और रोजगार बनाए रखने का उद्देश्य करती है।
सीजीएसई योजना 31.03.2026 तक या जब तक ₹20,000 करोड़ तक की गारंटी जारी नहीं हो जाती, तब तक खुली है। इस योजना को वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के माध्यम से लागू कर रहा है।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2210677)
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