जल शक्ति मंत्रालय
वर्षांत समीक्षा: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग वर्ष 2025 में विभाग की उपलब्धियाँ
प्रविष्टि तिथि:
01 JAN 2026 6:02PM by PIB Delhi
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) - चरण II
भारत में 83% से अधिक गांवों को एसबीएम (जी) के तहत ओडीएफ प्लस (मॉडल) घोषित किया गया है। इसके तहत 5.27 लाख से अधिक गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था है और 5.41 लाख गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
17 से 2 अक्टूबर 2025 तक स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2025 अभियान में ग्रामीण भारत के 13 करोड़ से अधिक व्यक्तियों के साथ 18 करोड़ से अधिक लोगों की सामूहिक भागीदारी और जनभागीदारी देखी गई।
माननीय प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी आह्वान से प्रेरित होकर, माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और माननीय जल शक्ति राज्य मंत्री ने 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा 2025 के तहत कालिंदी कुंज में श्रमदान का नेतृत्व किया।
माननीय जल शक्ति राज्य मंत्री 79वें स्वतंत्रता दिवस, 2025 के अवसर पर 150 से अधिक सरपंचों के साथ संवाद में भी शामिल हुए।
डीडीडब्ल्यूएस, हमारा शौचालय, हमारा भविष्य के कारण 1 लाख से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों (आईएचएचएल) और 550 से अधिक सामुदायिक स्वच्छता परिसरों (सीएससी) की मरम्मत और सौंदर्यीकरण हुआ। अभियान में 49,000 से अधिक आईईसी/बीसीसी कार्यक्रम दर्ज किए गए, जिनमें 32 लाख से अधिक व्यक्तियों की भागीदारी देखी गई।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के बारे में
स्वच्छ भारत मिशन - ग्रामीण {एसबीएम (जी)}, 2 अक्टूबर 2014 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका मकसद 2 अक्टूबर 2019, महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती तक भारत को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाना था। एसबीएम (जी) के पहले चरण का फोकस देश के सभी ग्रामीण परिवारों को शौचालय तक पहुंच प्रदान करना था।
नतीजतन, अक्टूबर 2019 तक, देश भर के सभी गांवों ने खुद को ओडीएफ घोषित कर दिया था और ग्रामीण स्वच्छता कवरेज 2014 में 39% से बढ़कर 2019 में 100% हो गया।
ओडीएफ घोषित किए जाने के बाद, भारत को संपूर्ण स्वच्छता प्राप्त करने के मकसद से एसबीएम (जी) के दूसरे चरण को 2020 में लॉन्च किया गया था और इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों और उचित अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों तक पहुंच और ओडीएफ प्लस (मॉडल) गांवों तक पहुंच हासिल करने में कोई भी पीछे न रहे।
एसबीएम (जी) के तीसरे चरण का उद्देश्य
एसबीएम (जी) के तीसरे चरण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी गांव अपनी ओडीएफ स्थिति बनाए रखें और ओडीएफ प्लस (मॉडल) गांव बनने की दिशा में प्रगति करें। इसमें निम्नलिखित घटक शामिल हैं:
- ओडीएफ स्थिरता
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
- तरल अपशिष्ट प्रबंधन
- देखने में साफ सुथरे स्थल
2025 की मुख्य झलकियाँ
एसबीएम (जी) के दूसरे चरण का कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
16 दिसंबर, 2025 को एसबीएम(जी) आईएमआईएस पोर्टल के अनुसार
- 2 अक्टूबर 2014 से 12 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) और 2.67 लाख सामुदायिक स्वच्छता परिसर (सीएससी) का निर्माण किया गया है।
- 4. 89 लाख से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस (मॉडल) घोषित किया गया है और 4.15 लाख से अधिक सत्यापित ओडीएफ प्लस (मॉडल) गांव हैं।
- 5.27 लाख से ज्यादा गांवों में ठोस अपशिष्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था है
- 5,300 से अधिक ब्लॉकों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था है
- 5.41 लाख से ज्यादा गांवों में तरल वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था है
- गोबरधन के तहत 970 से अधिक सामुदायिक बायोगैस संयंत्र चालू हैं
- 1,15,274 ग्राम पंचायतों को कवर करते हुए 21,306 प्रशिक्षण आयोजित किए गए हैं। 32,298 प्रशिक्षकों (3,442 मास्टर ट्रेनर और 28,856 फील्ड ट्रेनर) को प्रशिक्षित किया गया।

एसबीएम (जी) डैशबोर्ड एक गतिशील मंच है, जिसे एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली के साथ गांवों को ओडीएफ प्लस (मॉडल) बनने की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एनआईसी के सहयोग से विकसित, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अपडेट किया जा रहा यह मंच स्वच्छ, स्वस्थ भारत के लिए डेटा-संचालित निर्णय लेने को सशक्त बनाता है। https://sbm.gov.in/sbmgdashboard/statesdashboard.aspx पर क्लिक करके एसबीएम(जी) डैशबोर्ड पर जा सकते हैं।
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16 दिसंबर 2025 तक ओडीएफ प्लस (मॉडल) घोषित गांव
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मॉडल
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सत्यापित
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4,89,526
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4,15,915
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एसबीएम (जी) के कार्यान्वयन के लिए व्यय - करोड़ रुपये में
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वर्ष
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केंद्रीय हिस्सा फंड उपयोग
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2014-2015 to 2024-2025
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93723.40
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2025-26
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2204.03 (As on 16th Dec 2025)
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पीके/केसी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2210683)
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