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राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों का उद्देश्य इस क्षेत्र में पहलों के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता को मान्यता देना और उसे बढ़ावा देना है


राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए 29.12.2025 तक 802 नामांकन प्राप्त हुए

प्रविष्टि तिथि: 02 JAN 2026 5:29PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों का उद्देश्य इस क्षेत्र में की गई पहलों के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता को मान्यता देना और उसे बढ़ावा देना है। 2026 में, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार योजना में सात श्रेणियां शामिल हैं:

निम्नलिखित श्रेणियों में नामांकन आमंत्रित किए गए थे:-

श्रेणी (I) - डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा सरकारी प्रक्रिया का पुनर्गठन। इस श्रेणी में 4 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

श्रेणी (II) - नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए एआई और अन्य नई तकनीकों के उपयोग द्वारा नवाचार। इस श्रेणी में 3 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

श्रेणी (III) - सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस पद्धतियां/ साइबर सुरक्षा में नवाचार । इस श्रेणी में 3 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

श्रेणी (IV) - ई-गवर्नेंस में जिला स्तरीय पहल । इस श्रेणी में 2 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

श्रेणी (V) – सेवा वितरण को गहन/विस्तारित करने के लिए ग्राम पंचायतों या समकक्ष पारंपरिक स्थानीय निकायों द्वारा जमीनी स्तर की पहल। इस श्रेणी में 2 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

श्रेणी (VI) - राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों/जिलों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत और मिशन-मोड ई-गवर्नेंस परियोजनाओं का प्रतिपादन और विस्तार । इस श्रेणी में 1 पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

श्रेणी (सातवीं) - केंद्रीय मंत्रालयों/राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा डिजिटल प्लेटफार्मों में डेटा विश्लेषण के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन। इस श्रेणी में 1 पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

 

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए पोर्टल 23 सितंबर, 2025 को शुरु किया गया था। नामांकन जमा करने के लिए पोर्टल 6 अक्टूबर, 2025 से 29 दिसंबर, 2025 तक खुला रहा।

ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों के पोर्टल पर नामांकन की अंतिम तिथि यानी 29.12.2025 तक 802 नामांकन प्राप्त हुए हैं। श्रेणीवार नामांकनों का विवरण इस प्रकार है –

 

श्रेणी (I) - डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा सरकारी प्रक्रिया का

        पुनर्रचना - 341

श्रेणी (II) - नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए एआई और अन्य नई तकनीकों के उपयोग द्वारा नवाचार - 104

श्रेणी (III) - सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस पद्धतियां/ साइबर सुरक्षा में नवाचार - 23

श्रेणी (IV) - ई-गवर्नेंस में जिला स्तरीय पहल - 235

श्रेणी (V) – ग्राम पंचायतों या समकक्ष पारंपरिक स्थानीय निकायों द्वारा सेवा वितरण को गहन/विस्तारित करने हेतु जमीनी स्तर की पहल – 1.66 लाख

श्रेणी (VI) - राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों/जिलों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत और मिशन-मोड ई-गवर्नेंस परियोजनाओं का प्रतिपादन और विस्तार - 38

श्रेणी (सातवीं) - केंद्रीय मंत्रालयों/राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा डिजिटल प्लेटफार्मों में डेटा विश्लेषण के उपयोग के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन - 61

पुरस्कारों के प्रयोजन से आवेदनों के मूल्यांकन में निम्नलिखित शामिल होंगे:

(i) संयुक्त सचिव, डीएआरपीजी की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग समिति द्वारा आवेदनों संक्षिप्त सूची बनाना, (ii) सरकार के अपर सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा चयनित आवेदनों को मौके पर पढ़ना (iii) संयुक्त सचिव, डीएआरपीजी की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग समिति- II द्वारा आगे मूल्यांकन (iv) सचिव, डीएआरपीजी की अध्यक्षता वाली जूरी समिति द्वारा पुरस्कारों के लिए अंतिम सिफारिश।

ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 में (i) ट्रॉफी (ii) प्रमाण पत्र (iii) स्वर्ण पुरस्कार विजेता के लिए 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि/ रजत पुरस्कार विजेता के लिए 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि शामिल होगी। पुरस्कार किसी परियोजना/कार्यक्रम के कार्यान्वयन या सार्वजनिक कल्याण के किसी भी क्षेत्र में कमियों को दूर करने के लिए योगदान देने वाले विभाग/संगठन को प्रदान किए जाएगें।

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पीके/केसी/वीके/एसवी


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