रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
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किसानों का जीवन आसान बनाना सरकार की प्राथमिकता- जेपी नड्डा


संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ खेती पर चिंतन शिविर में चर्चा

विकट परिस्थितियों के बावजूद पूरे देश में सफलतापूर्वक उर्वरक पहुंचाने में उर्वरक विभाग का काम सराहनीय : जे पी नड्डा

प्रविष्टि तिथि: 03 JAN 2026 6:19PM by PIB Delhi

किसानों को केंद्र में रखकर भारत सरकार की नीतियों को लागू करने, समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के उर्वरक विभाग ने नई दिल्ली में चिंतन शिविर का आयोजन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों को हमेशा ही केंद्र में रखा है. इसीलिए हमारी नीतियों और फैसलों से किसानों का जीवन आसान बनना ही हमारी प्राथमिकता है.

उन्होंने कहा कि तमाम विकट परिस्थितियों के बाद भी उर्वरक विभाग ने किसानों की उर्वरक जरूरतों को पूरा करने का कार्य समय पर किया है. उर्वरक विभाग के उठाए गए किसान हितैषी कदमों का ही परिणाम है कि हमने आयात के साथ-साथ उत्पादन में भी इस वर्ष रिकॉर्ड बनाया है.

उन्होंने कहा कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग और खेती के इतर उनके दुरुपयोग की समस्याओं से निपटने के लिए भारत सरकार के अलग-अलग विभाग मिलकर काम करेंगे.

शिविर में राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी चाहते हैं कि भारत दुनिया के लिए खाद्य भंडार का केंद्र बने। आगे उन्होंने कहा कि इस चिंतन से सरकार को कुछ ऐसे विचार मिलेंगे जो भारत को 2047 तक विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

 

उर्वरक सचिव श्री रजत कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार, पीएसयू और प्राइवेट सेक्टर ने किसानों को मंथन के केंद्र में रखा है. ऐसे में हमें उम्मीद है कि बेहतर परिणाम मिलेंगे. हमने इस शिविर को एक ऐसा माध्यम बनाया है जिससे प्रत्येक विचार को मंच मिल सके.

राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान 15 अलग-अलग समूहों ने आपस में विचार विमर्श कर भारत सरकार को कुछ कारगर सुझाव दिए हैं. केंद्रीय उर्वरक और रसायन मंत्री, राज्य मंत्री और सचिव उर्वरक ने सभी समूहों के साथ अलग-अलग बैठकर चर्चा की और उनके सुझावों को सुना. इन समूहों ने नए दौर में उर्वरक, उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता, किसानों से संवाद, उर्वरक इकोसिस्टम को डिजिटल तरीकों से बेहतर बनाने, पोषण आधारित सब्सिडी सहित 15 विषयों पर विमर्श किया.

चिंतन शिविर में उर्वरक विभाग के सभी 9 पीएसयू के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारी कंपनियों, निजी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे.

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NKB/PM/AK


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