रक्षा मंत्रालय
एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दिल्ली कैंट में भव्य शुभारंभ हुआ
एनसीसी ने देशभर के 90% से अधिक जिलों में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर लिया है: महानिदेशक एनसीसी
प्रविष्टि तिथि:
03 JAN 2026 5:32PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 का शुभारंभ दिल्ली कैंट स्थित डीजी एनसीसी शिविर में भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इस वर्ष आयोजित आरडी शिविर में देशभर से कुल 2,406 कैडेट भाग ले रहे हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के 127 कैडेट तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के 131 कैडेट शामिल हैं। इसके अलावा, यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (वाईईपी) के अंतर्गत 25 मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी भी इस शिविर में सहभागिता कर रहे हैं।
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कोर की स्थापना के 77 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सभी कैडेटों और अधिकारियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस शिविर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह कैडेटों को गणतंत्र दिवस से पूर्व राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, मूल्यों और परंपराओं से परिचित कराने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है।
लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने मीडिया को संबोधित करते हुए देशभर के 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में एनसीसी इकाइयों की सशक्त और निरंतर बढ़ती उपस्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1948 में स्थापना के समय जहां एनसीसी कैडेटों की संख्या मात्र 20,000 थी, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 20 लाख हो चुकी है, जिनमें 40 प्रतिशत बालिका कैडेट शामिल हैं। लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 के दौरान एनसीसी ने देश की विविध संस्कृतियों व विभिन्न क्षेत्रों के कैडेटों के बीच एकता, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 1,665 वार्षिक प्रशिक्षण शिविर, 6 विशेष राष्ट्रीय एकता शिविर तथा 33 ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिविरों का सफल आयोजन किया। एनसीसी ने नियमित साहसिक कार्यक्रमों के अलावा, निम्नलिखित गतिविधिययां भी कीं:
- माउंट एवरेस्ट के लिए विशेष पर्वतारोहण अभियान।
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लगभग 75,000 कैडेटों ने भाग लिया, जिन्होंने नागरिक प्रशासन की सहायता की और स्वैच्छिक रक्तदान सहित चिकित्सा सहायता प्रदान की।
- वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच।
- ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 8 लाख पेड़ लगाए।
- विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद प्रश्नोत्तरी में 4 लाख से अधिक कैडेटों ने भाग लिया।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में 8 लाख से अधिक कैडेटों ने भाग लिया।
- स्वच्छोत्सव में 50,000 से अधिक कैडेटों ने भाग लिया।
- वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 6 लाख कैडेटों ने भाग लिया।
- चार दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण संगठनों (आरपीटीओ) में कैडेटों के लिए ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण।
- स्किल मंथन कार्यशालाओं में 3000 कैडेटों को प्रशिक्षण दिया गया।
- आइडिया एंड इनोवेशन प्रतियोगिता के दौरान 340 कैडेटों ने 85 स्टार्टअप विचारों और समाधानों पर काम किया।
लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने वर्तमान में चल रहे अभियानों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों को समर्पित अंडमान एवं निकोबार के 21 निर्जन द्वीपों के आसपास एक विशेष नौकायन अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महान स्वतंत्रता सेनानी वीर बिरसा मुंडा तथा पेशवा बाजीराव की उपलब्धियों, सामाजिक सुधारों और उनकी गौरवशाली विरासत को स्मरण करने के उद्देश्य से दो विशेष साइकिल यात्रा अभियानों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जानकारी दी कि गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा देश के 315 जिलों से लगभग 94,400 एनसीसी कैडेटों को ‘युवा आपदा मित्र’ योजना के अंतर्गत नामित किया गया है। इन कैडेटों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से मार्च 2026 तक आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस शिविर में उपराष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, राज्य मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री, रक्षा सचिव, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ तथा थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता रहेगी। शिविर से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का समापन 28 जनवरी, 2026 को प्रधानमंत्री की रैली के साथ होगा।


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पीके/केसी/एनके/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2211163)
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