प्रधानमंत्री कार्यालय
azadi ka amrit mahotsav

प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूरे होने पर श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रविष्टि तिथि: 05 JAN 2026 8:59AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर 1026 ईस्वी में हुए पहले हमले के बाद से 1000 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में एक संपादकीय लेख साझा किया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि सदियों से बार-बार हुए हमलों के बावजूद, सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट भावना के प्रतीक के रूप में आज भी शान से खड़ा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ की कथा केवल एक मंदिर की नहीं, बल्कि भारत माता के उन अनगिनत सपूतों के अदम्य साहस की कहानी है जिन्होंने देश की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की।

एक्स पर अलग-अलग पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा:

जय सोमनाथ!

वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इसके बाद बार-बार हुए हमलों के बावजूद, सोमनाथ आज भी अडिग है! ऐसा इसलिए है क्योंकि सोमनाथ मंदिर की कहानी भारत माता के अनगिनत सपूतों के अटूट साहस की कहानी है जिन्होंने हमारी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की।

इस विषय पर मेरा संपादकीय लेख यहां है।

#SomnathSwabhimanParv

https://www.narendramodi.in/somnath-swabhiman-parv-a-1000-years-of-unbroken-faith-1026-2026

जय सोमनाथ!

वर्ष 2026 में आस्था की हमारी तीर्थस्थली सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। बार-बार हुए हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है! सोमनाथ दरअसल भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा है, जिनके लिए अपनी संस्कृति और सभ्यता सदैव सर्वोपरि रही है।

पढ़िए, इसी विषय से जुड़ा मेरा यह आलेख...

#SomnathSwabhimanParv
https://www.narendramodi.in/hi/somnath-swabhiman-parv-a-1000-years-of-unbroken-faith-1026-2026

***

पीके/केसी/एके/एसएस


(रिलीज़ आईडी: 2211365) आगंतुक पटल : 833
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi , Manipuri , Bengali , Bengali-TR , Assamese , Punjabi , Gujarati , Odia , Tamil , Telugu , Kannada , Malayalam