संसदीय कार्य मंत्रालय
वर्ष 2025 की वर्षांत समीक्षा: संसदीय कार्य मंत्रालय
संसद के दोनों सदनों में वर्ष 2025 के दौरान 39 विधेयक पारित
संसद में सिंदूर अभियान, चुनाव सुधार और राष्ट्र गीत "वंदे मातरम" की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा
आयकर विधेयक, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, वक्फ (संशोधन) विधेयक, ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन एवं विनियमन विधेयक, शांति विधेयक और वीबी-जी-राम-जी विधेयक सहित कुछ महत्वपूर्ण कानून पारित किए गए
20 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडल पूरी तरह से राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन पर सक्रिय हो गए हैं, इससे कागज रहित विधायी कार्यप्रणाली को प्रोत्साहन मिला है
युवा संसद कार्यक्रम का विस्तार और एनवाईपीएस 2.0 के माध्यम से राष्ट्रव्यापी भागीदारी
संविधान दिवस 2025 का राष्ट्रव्यापी आयोजन और राष्ट्रगान की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राष्ट्रगान "वंदे मातरम" का सामूहिक गायन
प्रविष्टि तिथि:
05 JAN 2026 6:05PM by PIB Delhi
संसदीय कार्य मंत्रालय को संसद में सरकार की ओर से विभिन्न संसदीय कार्यों का कुशलतापूर्वक निर्वहन का दायित्व सौंपा गया है। इस प्रकार, मंत्रालय संसद के दोनों सदनों और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है, जिसे समय-समय पर कुछ अतिरिक्त दायित्व और कार्य सौंपे जाते हैं। वर्ष 2025 के दौरान संसदीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख पहल/घटनाएं/उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:
- वर्ष 2025 के दौरान संसद में विधायी कार्यवाहियाँ
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संसद में विधायी कार्यवाही
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लोकसभा
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राज्यसभा
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प्रस्तुत किए गए विधेयक
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34
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1
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पारित विधेयक
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36
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37
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दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक
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39
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* दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
- अठारहवीं लोकसभा का चौथा सत्र:
- चूंकि यह वर्ष का पहला सत्र था, इसलिए राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 87(1) के अनुसार 31 जनवरी, 2025 को संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उत्तर के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा हुई और उसे पारित कर दिया गया।
- वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट शनिवार, 1 फरवरी, 2025 को प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक, 2025 क्रमशः 21 मार्च, 2025 और 25 मार्च, 2025 को लोकसभा द्वारा पारित किए गए , जिन्हें 27 मार्च , 2025 को राज्यसभा द्वारा पारित कर वापस भेज दिया गया।
- मणिपुर राज्य के संबंध में वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की पूरक मांगों के दूसरे और अंतिम बैच; वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों और वर्ष 2024-25 के लिए मणिपुर की अनुदान की पूरक मांगों और वर्ष 2025-26 के लिए प्राप्य अनुदान मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक भी 11 मार्च, 2025 को लोकसभा में पारित किए गए थे , जिन्हें 18 मार्च , 2025 को राज्यसभा द्वारा वापस भेज दिया गया था ।
- संविधान के अनुच्छेद 356(1) के तहत मणिपुर राज्य के संबंध में राष्ट्रपति द्वारा 13 फरवरी, 2025 को जारी की गई घोषणा को मंजूरी देने वाला वैधानिक प्रस्ताव भी संसद के दोनों सदनों में स्वीकृत किया गया।
- अठारहवीं लोकसभा का पाँचवाँ सत्र:
- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए मजबूत, सफल और निर्णायक 'ऑपरेशन सिंदूर' पर एक विशेष चर्चा 28 और 29 जुलाई , 2025 को लोकसभा में और 29 और 30 जुलाई , 2025 को राज्यसभा में आयोजित की गई।
- अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के पहुंचने के बारे में विशेष चर्चा - '2047 तक विकसित भारत' के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका - के प्रस्ताव पर भी 18.08.2025 को लोकसभा में चर्चा शुरू की गई थी, लेकिन सदन में लगातार व्यवधान के कारण चर्चा पूरी नहीं हो सकी।
- भारत के संविधान के अनुच्छेद 356(4) के अंतर्गत मणिपुर राज्य में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त, 2025 से छह महीने की अवधि के लिए बढ़ाने की मंजूरी प्रदान करने वाला वैधानिक प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में स्वीकृत किया गया।
- मणिपुर राज्य के लिए वर्ष 2025-26 के अनुदान संबंधी मांगें और संबंधित विनियोग विधेयक लोकसभा द्वारा 7 अगस्त, 2025 को पारित किए गए थे , जिन्हें राज्यसभा द्वारा पारित करने के बाद 11 अगस्त, 2025 को वापस भेज दिया गया था।
- अठारहवीं लोकसभा का छठा सत्र:
- राष्ट्र गीत “वंदे मातरम” की 150 वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा में 8 दिसंबर को और राज्यसभा में 9, 10 और 11 दिसंबर, 2025 को एक विशेष चर्चा आयोजित की गई।
- लोकसभा में 9 और 10 दिसंबर को तथा राज्यसभा में 11, 15 और 16 दिसंबर 2025 को चुनाव सुधारों पर भी चर्चा हुई।
- राष्ट्रपति द्वारा मानसून सत्र 2025 के बाद जारी किए गए अध्यादेश, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2025 ( 2025 की संख्या 2) के स्थान पर एक विधेयक पर इस सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा विचार किया गया और उसे पारित कर दिया गया।
- वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान संबंधी पूरक मांगों का पहला बैच और संबंधित विनियोग विधेयक लोकसभा द्वारा 15.12.2025 को पारित किया गया और राज्यसभा द्वारा 16.12.2025 को वापस भेज दिया गया।
- 3 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में "मणिपुर राज्य में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम 2024" को स्वीकृति संबंधी एक वैधानिक प्रस्ताव पारित किया गया।
- जनवरी-दिसंबर 2025 के दौरान अधिनियमित महत्वपूर्ण कानूनों का विवरण
इस अवधि के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा 39 विधेयक पारित किए गए। कुछ महत्वपूर्ण अधिनियमों के उद्देश्य और प्रयोजन निम्नलिखित हैं:
- वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से संबंधित हितधारकों को सशक्त बनाना, सर्वेक्षण, पंजीकरण और मामले के निपटान की प्रक्रिया में दक्षता में सुधार करना और वक्फ संपत्तियों का विकास करना है।
- आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2025 आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संगठनों की भूमिकाओं में अधिक स्पष्टता और अभिसरण लाता है, ताकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के कुशल कामकाज को मजबूत किया जा सके और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को सशक्त बनाया जा सके।
- त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 में सहकारी क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण प्रदान करने तथा संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास गतिविधियों को संचालित करने के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रावधान है।
- आयकर विधेयक, 2025 ने आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा की जिससे अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट, पढ़ने और समझने में आसान बनाया जा सके।
- राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 खेलों के विकास और संवर्धन, खिलाड़ियों के कल्याणकारी उपायों, सुशासन के बुनियादी सार्वभौमिक सिद्धांतों, ओलंपिक और खेल आंदोलन की नैतिकता और निष्पक्ष खेल, ओलंपिक चार्टर, पैरालंपिक चार्टर, अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और स्थापित कानूनी मानकों पर आधारित नैतिक प्रथाओं का प्रावधान करता है और खेल संबंधी शिकायतों और विवादों के एकीकृत, न्यायसंगत और प्रभावी तरीके से समाधान का प्रावधान करता है तथा इससे संबंधित या इसके आनुषंगिक मामलों का भी प्रावधान करता है।
- ऑनलाइन गेमिंग के संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 में ई-स्पोर्ट्स, शैक्षिक खेल और सामाजिक गेमिंग सहित ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र के संवर्धन एवं विनियमन का प्रावधान है और इस क्षेत्र के समन्वित नीतिगत समर्थन, रणनीतिक विकास और नियामक निरीक्षण के लिए एक प्राधिकरण की नियुक्ति का प्रावधान है।
- स्वास्थ्य सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए संसाधनों में वृद्धि करने और निर्दिष्ट वस्तुओं के निर्माण या उत्पादन के लिए स्थापित मशीनों या अपनाई गई अन्य प्रक्रियाओं पर उपरोक्त उद्देश्यों के लिए उपकर लगाने तथा उससे संबंधित मामलों के लिए प्रावधान करता है।
- सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य बीमा क्षेत्र की पैठ को गहरा करना, इसके विकास और वृद्धि को गति देना और व्यापार करने में आसानी को बढ़ाना है।
- भारत के रूपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा के टिकाऊ उपयोग और विकास विधेयक, 2025 में परमाणु ऊर्जा और आयनीकरण विकिरण के संवर्धन और विकास का प्रावधान है, जिसका उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य, जल, कृषि, उद्योग, अनुसंधान, पर्यावरण, परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार, भारत की जनता के कल्याण के लिए, और इसके सुरक्षित उपयोग के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा और इससे संबंधित मामलों के लिए किया जाएगा।
- एक समृद्ध और ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास, अभिसरण और संतृप्ति को बढ़ावा देने के लिए; और इससे संबंधित मामलों के लिए विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी: वीबी – जी राम जी विधेयक, 2025, विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करने का प्रावधान करता है, जिसके तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, एक सौ पच्चीस दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाती है।
- जनवरी-दिसंबर 2025 के दौरान संयुक्त/चयनित/स्थायी समितियों को भेजे गए विधेयक
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क्रम संख्या
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विधेयक का नाम
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समिति को संदर्भित किया गया
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संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024
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संयुक्त समिति
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केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024
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संयुक्त समिति
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संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025
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संयुक्त समिति
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केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025
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संयुक्त समिति
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-
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जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025
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संयुक्त समिति
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विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025
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संयुक्त समिति
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दिवालियापन एवं दिवालिया संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025
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चयन समिति
(17.12.2025 को लोकसभा में प्रस्तुत रिपोर्ट)
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जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2025।
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चयन समिति
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प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, 2025
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वित्त संबंधी स्थायी समिति
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- लोकसभा में नियम 377 के तहत और राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से उठाए गए मामले
लोकसभा के वे सदस्य जो सदन के संज्ञान में कोई ऐसा मामला लाना चाहते हैं जो व्यवस्था का प्रश्न नहीं है, उन्हें लोकसभा की कार्य-प्रक्रिया एवं संचालन विधि के नियम 377 के अंतर्गत लोकसभा अध्यक्ष द्वारा ऐसा मामला उठाने की अनुमति दी जाती है। राज्यसभा में, सदन के अध्यक्ष राज्यसभा की कार्य-प्रक्रिया एवं संचालन विधि के नियम 180-ई के अंतर्गत सदस्यों को अत्यावश्यक सार्वजनिक महत्व के मामलों का उल्लेख करने की अनुमति देते हैं, जिन्हें सामान्यतः विशेष उल्लेख कहा जाता है। ये मामले सामान्यतः प्रश्नों के निपटारे और ध्यानाकर्षण के बाद उठाए जाते हैं।
मंत्रालय, लोकसभा में नियम 377 के तहत और राज्यसभा में सचिव/अतिरिक्त सचिव/निदेशक तथा अवर सचिव स्तर पर विशेष उल्लेख के माध्यम से नियम 180 एई के तहत उठाए गए मुद्दों के समय पर निपटान के लिए मंत्रालयों/विभागों से अनुरोध करके अनुवर्ती कार्रवाई करता है। उपरोक्त अनुवर्ती कार्रवाइयों के जवाब में 29.12.2025 तक स्थिति इस प्रकार है:
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विवरण
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लोकसभा में नियम 377 से संबंधित मुद्दे
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राज्यसभा में विशेष उल्लेख
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दिनांक 01.01.2025 तक लंबित
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481
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144
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2025 के दौरान उठाए गए मुद्दे
(शीतकालीन सत्र तक)
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1643
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188
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कुल मुद्दे
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2124
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332
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उत्तर दिया
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1369
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177
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दिनांक 29.12.2025 तक लंबित
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755*
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155*
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*लोकसभा में लंबित 755 मुद्दों और राज्यसभा में लंबित 172 विशेष उल्लेखों में से, शीतकालीन सत्र (01.12.2025 से 19.12.2025) के दौरान लोकसभा में 440 मुद्दे और राज्यसभा में 87 विशेष उल्लेख क्व मुद्दे उठाए गए।
3. शून्यकाल के दौरान उठाए गए मुद्दे
शून्यकाल के दौरान, दोनों सदनों के सदस्य अध्यक्ष की अनुमति से सार्वजनिक महत्व के अत्यावश्यक मामलों को उठा सकते हैं। समीक्षाधीन अवधि के दौरान, लोकसभा में 1255 मामले और राज्यसभा में 462 मामले उठाए गए। सभी मामलों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों को भेज दिया गया।
4. आरटीआई एवं सार्वजनिक शिकायतें
इस अवधि के दौरान निपटाए गए आरटीआई और सार्वजनिक शिकायतों का विवरण: -
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विवरण
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आरटीआई
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सार्वजनिक शिकायतें
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01.01.2025 से 29.12.2025 तक
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401
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1877
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आज की तारीख तक कोई भी आरटीआई और सार्वजनिक शिकायतों का मामला उत्तर/निपटान के लिए लंबित नहीं है।
5. दोनों सदनों में दिए गए आश्वासनों के कार्यान्वयन की स्थिति
संसदीय कार्य मंत्रालय ने संसदीय आश्वासनों के प्रबंधन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 9 अक्टूबर 2018 को ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली (ओएएमएस) शुरू की। इसके शुरू होने के बाद से, इस प्रणाली ने कार्यान्वयन रिपोर्टों को प्रस्तुत करने, उनकी निगरानी करने और उनका पता लगाने की प्रक्रिया को काफी सुव्यवस्थित कर दिया है। वर्ष 2025 के शीतकालीन सत्र तक, लोकसभा में कुल 324 कार्यान्वयन रिपोर्टें और राज्यसभा में 236 कार्यान्वयन रिपोर्टें प्रस्तुत की गईं।
6. राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (एनईवीए)
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (एनईवीए) संसदीय कार्य मंत्रालय (एमओपीए) द्वारा डिजाइन और कार्यान्वित डिजिटल इंडिया कार्यक्रम (डीआईपी) के अंतर्गत एक प्रमुख मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) है। एनईवीए "एक राष्ट्र - एक एप्लीकेशन" के सिद्धांत पर आधारित है, जो सभी राज्य विधानसभाओं को पूरी तरह से कागजी कार्रवाई रहित, कुशल और पारदर्शी तरीके से कार्यवाही संचालित करने के लिए एक साझा डिजिटल मंच प्रदान करता है। यह परियोजना विधानसभाओं के सभी कार्यप्रवाहों के पूर्णतः डिजिटलीकरण को सक्षम बनाती है, जिससे विधानसभाएं "डिजिटल सदन" में परिवर्तित हो जाती हैं। यह सदस्यों को आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) उपकरणों का उपयोग करके दस्तावेजों तक पहुंचने, प्रश्न पूछने, नोटिस प्रस्तुत करने और सदन की कार्यवाही में भाग लेने के माध्यम से विधायी बहसों में अधिक प्रभावी ढंग से भाग लेने में सक्षम बनाती है।
वर्ष 2025 के दौरान 'एनईवीए' मोर्चे पर होने वाली प्रमुख घटनाएँ
- एनईवीए पर तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन
नेवा (एनईवीए) पर तीसरे राष्ट्रीय विधानसभा सम्मेलन का आयोजन 30 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में संसद भवन सौंध, स्थित मुख्य समिति कक्ष में सफलतापूर्वक किया गया। सम्मेलन में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं के सचिवों और राज्य नोडल विभागों के सचिवों सहित 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने किया। समापन सत्र की अध्यक्षता संसदीय कार्य एवं सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने की। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण एनईवीए 2025 पर नई दिल्ली प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृत करना था, जिसमें सभी प्रतिभागी विधानसभाओं ने एनईवीए के वृहत पैमाने पर विस्तार (अधिक सदनों को मंच पर लाना) और उन्नत मॉड्यूल के गहन उपयोग तथा विधायी प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के माध्यम से इसके वृहत पैमाने पर विस्तार के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की।





(एनईवीए का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन 30 अक्टूबर, 2025 को नई दिल्ली में संसद भवन सौंध में आयोजित किया गया)
- नई राज्य विधानसभाओं ने एनईवीए को अपनाया
- राजस्थान विधानसभा में एनईवीए का सीधा प्रसारण: राजस्थान विधानसभा 31 जनवरी 2025 से एनईवीए के माध्यम से अपने बजट सत्र का सीधा प्रसारण करके पूरी तरह से डिजिटल सदन में परिवर्तित होने वाली 16 वीं राज्य विधानसभा बन गई है।

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र पूरी तरह से नेवा (एनईवीए) मंच पर संचालित किया गया है
- ओडिशा ने एनईवीए का शुभारंभ किया: एनईवीए के माध्यम से ओडिशा विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल सदन बन गया है। इस मंच का शुभारंभ 13 फरवरी 2025 को किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी, ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष श्रीमती सुरमा पाधी और तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव श्री उमंग नरूला उपस्थित थे ।

(ओडिशा विधानसभा में एनईवीए का शुभारंभ समारोह)
- उत्तराखंड ने एनईवीए को अपनाया: उत्तराखंड विधानसभा 18 फरवरी 2025 को एनईवीए को अपनाने वाली देश की 18 वीं राज्य विधानसभा बन गई। देहरादून विधानसभा में आयोजित शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी उपस्थित थीं।

(उत्तराखंड विधानसभा में एनईवीए का शुभारंभ समारोह)
- पुद्दुचेरी में एनईवीए का आगमन: 17 जून 2025 को पुद्दुचेरी विधानसभा एनईवीए को अपनाने वाली 19 वीं राज्य/केंद्र शासित प्रदेश विधानसभा बन गई, जिससे यह पूरी तरह से डिजिटल विधानसभा में परिवर्तित हो गई। 9 जून 2025 को आयोजित शुभारंभ समारोह में संसदीय कार्य एवं सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, पुद्दुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाशनाथन, मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी, अध्यक्ष श्री आर. सेल्वम, तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव श्री उमंग नरूला और संसदीय कार्य मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. सत्य प्रकाश उपस्थित थे।

(पुद्दुचेरी विधानसभा में नेवा का शुभारंभ समारोह)
- दिल्ली विधानसभा में एनईवीए लागू: दिल्ली विधानसभा 4 अगस्त 2025 को एनईवीए को लागू करने वाली देश की 20वीं विधानसभा बन गई , जिसने इसके कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद रिकॉर्ड 100 दिनों से भी कम समय में यह उपलब्धि हासिल की।

(दिल्ली विधानसभा में एनईवीए की आधारशिला रखने के समारोह में भाग लेते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू)

(दिल्ली विधानसभा का सीधा प्रसारण एनईवीए प्लेटफॉर्म पर)
- क्षमता निर्माण पहल

(दिल्ली, नागालैंड, त्रिपुरा और मणिपुर की विधानसभाओं के लिए 19-21 नवंबर, 2025 को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम)
क्षमता निर्माण पहलों के अंतर्गत, मंत्रालय ने विभिन्न हितधारकों को एनईवीए सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए कई कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, मार्गदर्शन सत्रों और वीडियो-कॉन्फ्रेंस सत्रों का आयोजन किया। इन प्रयासों को और मजबूत करने के लिए, मंत्रालय ने 23 सितंबर, 2025 से नई दिल्ली में राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के विधानसभाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यशालाओं की एक श्रृंखला शुरू की है। इस श्रृंखला के तहत कई कार्यशालाएं पहले ही सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। इन कार्यशालाओं के जनवरी 2026 तक जारी रहने की संभावना है, जिनमें सभी 37 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं को शामिल किया जाएगा।

( आंध्र प्रदेश विधानमंडल के लिए 4, 6-7 नवंबर, 2025 को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम )
- एनईवीए कार्यान्वयन की स्थिति
एनईवीए ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसके तहत 28 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं ने इसके कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं और इनमें से 26 विधानसभाओं को परियोजना के लिए धनराशि प्राप्त हो चुकी है। विशेष रूप से, इनमें से 20 विधानसभाएं अब पूरी तरह से सक्रिय हैं और एनईवीए प्लेटफॉर्म पर डिजिटल सदनों के रूप में कार्य कर रही हैं। ये 20 विधानसभाएं निम्नलिखित हैं:
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असम विधानसभा
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बिहार परिषद
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दिल्ली विधानसभा
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गुजरात विधानसभा
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हरियाणा विधानसभा
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा
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मणिपुर विधानसभा
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मेघालय विधानसभा
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मिजोरम विधानसभा
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नागालैंड विधानसभा
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ओडिशा विधानसभा
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पुडुचेरी विधानसभा
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पंजाब विधानसभा
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राजस्थान विधानसभा
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सिक्किम विधानसभा
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तमिलनाडु विधानसभा
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त्रिपुरा विधानसभा
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उत्तर प्रदेश विधानसभा
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उत्तर प्रदेश परिषद
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उत्तराखंड विधानसभा
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7. संसद सदस्यों की विदेशी यात्राएँ
इस अवधि के दौरान, लोकसभा के 3 सांसदों ने विदेश यात्राओं के बारे में इस मंत्रालय को सूचित किया। विदेश मंत्रालय और विदेशों में स्थित हमारे दूतावासों के माध्यम से उन्हें अनुरोध पर आवश्यक सहायता प्रदान की गई।
8. विदेशी यात्राओं के लिए राज्य सरकारों से अनुमति/मंजूरी प्राप्त करना
कैबिनेट सचिवालय के दिशा-निर्देशों (ओ.एम. संख्या 21/1/7/94-कैबिनेट सचिवालय दिनांक 30.03.1995) के अनुसार, राज्य सरकारों को विदेश की आधिकारिक यात्राओं के लिए संबंधित केंद्रीय प्रशासनिक मंत्रालय से मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है।
रिपोर्ट में उल्लिखित अवधि के दौरान, संसदीय कार्य मंत्रालय ने तेलंगाना सरकार को उनके सरकारी प्रायोजित प्रतिनिधिमंडलों के विदेश दौरे के संबंध में मंजूरी/अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया।
9. विदेशों से आए प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक
विदेशों में प्रतिनिधिमंडल भेजने के अलावा, विभिन्न विदेशी प्रतिनिधिमंडल संसदीय कार्य मंत्री/संसदीय कार्य राज्य मंत्री से मुलाकात करते हैं और संसद के कामकाज और आपसी हित के अन्य मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान करते हैं। इस वर्ष, ब्रिटेन से 4 अगस्त 2025 को, रूस से 18 अगस्त 2025 को और सऊदी अरब से 3 दिसंबर 2025 को ऐसे तीन संसदीय प्रतिनिधिमंडलों ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री से मुलाकात की और संसद के कामकाज और आपसी हित के अन्य मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

(रूस से संसदीय प्रतिनिधिमंडल)

(ब्रिटेन से संसदीय प्रतिनिधिमंडल)

(सऊदी अरब से संसदीय प्रतिनिधिमंडल)
10. संसद में विभिन्न दलों/समूहों के नेताओं के साथ संपर्क स्थापित करना
भारत सरकार (कार्य आवंटन) नियम, 1961 के तहत इस मंत्रालय को सौंपे गए महत्वपूर्ण कार्यों में से एक संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों और समूहों के नेताओं और सचेतकों के साथ संपर्क स्थापित करना है। मंत्रालय प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों द्वारा संसद में बुलाई गई विभिन्न राजनीतिक दलों/समूहों के नेताओं की बैठकों का आवश्यक प्रबंध/समन्वय करता है ताकि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर आम सहमति बन सके। रिपोर्ट की अवधि के दौरान, संसद के सुचारू संचालन के विषय पर संसद सत्र शुरू होने से पहले 30.01.2025, 20.07.2025 और 30.11.2025 को ऐसी तीन बैठकें आयोजित की गईं।


(शीतकालीन सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय नेताओं की बैठक)
उपरोक्त के अलावा, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री द्वारा दो अन्य बैठकें भी बुलाई गईं-
- 24.04.2025 को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को 'पहलगाम में आतंकवादी हमला' विषय पर जानकारी देने के उद्देश्य से एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने की; और
- एक अन्य बैठक 8 मई 2025 को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को 'भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर' के विषय पर जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने की।

(पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के विषय पर 24.04.2025 को नेताओं को दी गई ब्रीफिंग)

(भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के विषय पर 08.05.2025 को नेताओं को दी गई ब्रीफिंग)
11. युवा संसद कार्यक्रम
- दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय और एनडीएमसी के अंतर्गत विद्यालयों के लिए युवा संसद प्रतियोगिता।
- प्रशिक्षण पाठ्यक्रम: 58 वीं युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 14 अक्टूबर 2025 को आयोजित किया गया था। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय और एनडीएमसी के अंतर्गत आने वाले 41 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रभारी शिक्षकों ने इस पाठ्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में किया गया था। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों/कर्मचारियों ने व्याख्यान दिए।

(दिल्ली के स्कूलों के लिए 58 वीं युवा संसद प्रतियोगिता के लिए अभिविन्यास पाठ्यक्रम, 14 अक्टूबर 2025 को आयोजित )
- मूल्यांकन: दिल्ली के स्कूलों के लिए युवा संसद कार्यक्रम के अंतर्गत, युवा संसद प्रतियोगिता के 57 वें संस्करण का मूल्यांकन 13 फरवरी 2025 को पूरा हो गया था। 58 वीं युवा संसद प्रतियोगिता के लिए मूल्यांकन 17 नवंबर 2025 से शुरू किया गया था ।
- पुरस्कार वितरण समारोह: मंत्रालय ने 22 अगस्त, 2025 को जीएमसी बालायोगी सभागार, संसद पुस्तकालय भवन, संसद भवन परिसर, नई दिल्ली में दिल्ली के स्कूलों के लिए 57वीं युवा संसद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया ।

(22 अगस्त, 2025 को जीएमसी बालायोगी सभागार में आयोजित 57 वीं युवा संसद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह )
- केंद्रीय विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिताएं
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- प्रशिक्षण पाठ्यक्रम: 36 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 जुलाई 2025 को आयोजित किया गया। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय) में वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में 200 केंद्रीय विद्यालयों के सहायक आयुक्तों, प्रधानाचार्यों और प्रभारी शिक्षकों ने भाग लिया। पाठ्यक्रम के दौरान संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने व्याख्यान दिए ।
- मूल्यांकन: 35 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2024-25 का राष्ट्रीय/क्षेत्रीय स्तर का मूल्यांकन जनवरी 2025 में पूरा हो गया था। 36 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 के लिए मूल्यांकन 3 नवंबर, 2025 से शुरू हुआ और 3 दिसंबर, 2025 को पूरा हुआ ।
- पुरस्कार वितरण समारोह: 34 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2023-24 और 35 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 के लिए पुरस्कार वितरण समारोह क्रमशः 10 जनवरी, 2025 और 29 अगस्त, 2025 को जीएमसी बालायोगी सभागार , संसद पुस्तकालय भवन, संसद भवन परिसर, नई दिल्ली में आयोजित किए गए।

(केवीएस के लिए 34 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 का पुरस्कार वितरण समारोह 10 जनवरी, 2025 को जीएमसी बालायोगी सभागार में आयोजित किया गया )

(केवीएस के लिए 35 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025-26 का पुरस्कार वितरण समारोह 29 अगस्त, 2025 को जीएमसी बालायोगी सभागार में आयोजित किया गया )
- जवाहर नवोदय विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिताएं
- प्रशिक्षण पाठ्यक्रम: 27 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 15 जुलाई 2025 को आयोजित किया गया। नवोदय विद्यालय समिति (मुख्यालय) में वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में 100 जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के सहायक आयुक्तों, प्रधानाचार्यों और प्रभारी शिक्षकों ने भाग लिया। पाठ्यक्रम के दौरान संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने व्याख्यान दिए।
- मूल्यांकन: 26 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2024-25 का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन फरवरी 2025 में पूरा हो गया।
- पुरस्कार वितरण समारोह: 25 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 के लिए पुरस्कार वितरण समारोह 16 जनवरी, 2025 को जीएमसी बालायोगी सभागार, संसद पुस्तकालय भवन, संसद भवन परिसर, नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

(25 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह 16 जनवरी 2025 को जीएमसी बालायोगी सभागार में आयोजित किया गया । )
- /महाविद्यालयों के लिए राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिताएं
- मूल्यांकन: विश्वविद्यालयों/कॉलेजों के लिए 17 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 के कार्यक्रम के अनुसार , समूह स्तरीय प्रतियोगिता जनवरी से मई 2025 तक आयोजित की गई थी। राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 17 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 का मूल्यांकन 10 सितंबर, 2025 से शुरू हुआ और 14 नवंबर, 2025 को 8 स्थानों पर समाप्त हुआ ।
- विज्ञापन: विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 18 वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 में भाग लेने हेतु विज्ञापन 4 जुलाई 2025 को प्रकाशित किया गया था।
- आदर्श आवासीय विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिताएं
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के लिए प्रथम राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 12-13 नवंबर , 2025 को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, रफी मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस पाठ्यक्रम के दौरान संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने व्याख्यान दिए।

( 12-13 नवंबर 2025 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 के लिए अभिविन्यास पाठ्यक्रम)
- युवा संसद प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता
युवा संसद प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के कार्यक्रम के तहत, त्रिपुरा, उत्तराखंड और हरियाणा राज्यों को उनके संबंधित दावों की प्राप्ति पर वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
- वेब-पोर्टल आधारित राष्ट्रीय युवा संसद योजना (एनवाईपीएस)
अपने युवा संसद कार्यक्रम की व्यापक पहुंच बढ़ाने के लिए, मंत्रालय राष्ट्रीय युवा संसद योजना (एनवाईपीएस) का एक समर्पित वेब पोर्टल संचालित करता है। देश के शैक्षणिक संस्थानों, समूहों और व्यक्तिगत नागरिकों, विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी को सक्षम बनाने के लिए एनवाईपीएस 2.0 में उन्नत किए गए इस पोर्टल पर 1 जनवरी, 2025 से 10 दिसंबर, 2025 की अवधि के दौरान 1,800 से अधिक संस्थागत पंजीकरण, 260 से अधिक समूह भागीदारी और 15,800 से अधिक व्यक्तिगत भागीदारी दर्ज की गई है ।
12. जनवरी से दिसंबर 2025 तक हिंदी अनुभाग द्वारा की गई गतिविधियाँ
राजभाषा नीति, राजभाषा अधिनियम, 1963 और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ अनुवाद कार्य करने के लिए मंत्रालय में एक हिंदी अनुभाग स्थापित किया गया है।
राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय में एक राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया है। रिपोर्ट की अवधि के दौरान, समिति की चार बैठकें 28 मार्च, 27 जून, 25 सितंबर और 11 दिसंबर, 2025 को आयोजित की गईं।
हिंदी के प्रगतिशील उपयोग और राजभाषा नीति के कार्यान्वयन से संबंधित मामलों पर परामर्श देने के लिए मंत्रालय में एक हिंदी परामर्शदाता समिति का गठन किया गया है। इस अवधि के दौरान, 22 अगस्त, 2025 को हिंदी परामर्शदाता समिति की एक बैठक आयोजित की गई थी।
राजभाषा अधिनियम और राजभाषा नियमों के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने और हिंदी के उपयोग से संबंधित प्रावधानों के कार्यान्वयन की निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए, मंत्रालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया जाता है। रिपोर्ट की अवधि के दौरान, 11 विभागों का निरीक्षण किया गया।
मंत्रालय में 14 से 30 सितंबर, 2025 तक "हिंदी पखवाड़ा" मनाया गया। इस पखवाड़े के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। हिंदी पखवाड़े का समापन समारोह 30 सितंबर, 2025 को आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। कुल 48 अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कार दिए गए।
आधिकारिक कार्यों में हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहन देने के लिए, रिपोर्ट की अवधि के दौरान चार हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। पहली कार्यशाला 13-14 जनवरी, 2025 को, दूसरी 24 फरवरी, 2025 को, तीसरी 28-29 अगस्त, 2025 को और चौथी 1-2 सितंबर, 2025 को आयोजित की गई। इन कार्यशालाओं के माध्यम से 28 अधिकारियों को हिंदी में टिप्पण और आलेखन का प्रशिक्षण दिया गया।
मंत्रालय में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए, रिपोर्ट की अवधि के दौरान दो हिंदी संगोष्ठी भी आयोजित की गईं। पहली संगोष्ठी 19 सितंबर, 2025 को और दूसरी संगोष्ठी 9 अक्टूबर, 2025 को आयोजित की गई। इन संगोष्ठियों के माध्यम से 16 अधिकारियों को हिंदी में आधिकारिक कार्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे मंत्रालय में हिंदी के उपयोग और प्रचार को और अधिक मजबूती मिली।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, 11 जून, 2025 को मंत्रालय में एक योग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सहायक योगाचार्य डॉ. रमेश कुमार ने योग प्रशिक्षण प्रदान किया।
13. स्वच्छता पखवाड़ा, 2025
भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत, संसदीय कार्य मंत्रालय ने कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार 16 से 30 अप्रैल 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया। इस पखवाड़े की शुरुआत संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव द्वारा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाकर की गई। इस पखवाड़े के दौरान कई गतिविधियाँ संचालित की गईं, जिनमें कार्यालय परिसर में गहन स्वच्छता अभियान, पुरानी फाइलों की समीक्षा और छंटाई, अप्रचलित वस्तुओं और ई-कचरे की पहचान और निपटान, बिजली के उपकरणों की सफाई, सफेदी और कार्यालय परिसरों का सामान्य रखरखाव, और स्वच्छ एवं हरित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के लिए आंतरिक पौधों की स्थापना शामिल थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और समापन समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागों को सम्मानित किया गया। इस पहल ने कुशल सरकारी कामकाज के अभिन्न अंग के रूप में स्वच्छता, स्थिरता और डिजिटल स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया।
14. स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान 2025
संसदीय कार्य मंत्रालय ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाए गए राष्ट्रव्यापी स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस)-2025 अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। अभियान का शुभारंभ संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव द्वारा दिलाई गई स्वच्छता शपथ के साथ हुआ, जिसके बाद एक सुनियोजित दैनिक कार्य योजना का कार्यान्वयन किया गया। प्रमुख गतिविधियों में विशेष स्वच्छता अभियान और श्रमदान, घर के अंदर पौधे वितरित करके हरित पहलों को बढ़ावा देना, रंगोली प्रतियोगिता जैसे कर्मचारी सहभागिता कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच और सफाई मित्रों का अभिनंदन, और एक औपचारिक समापन समारोह शामिल थे। एक प्रमुख आकर्षण केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री के नेतृत्व में नई दिल्ली के गोल मार्केट स्थित जैन हैप्पी स्कूल में आयोजित "एक घंटा - एक दिन - एक साथ श्रमदान" कार्यक्रम था, साथ ही "एक पेड़ मां के नाम अभियान" के तहत पौधारोपण भी किया गया। इस अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों और समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिससे स्वच्छता, श्रम की गरिमा और नागरिक जिम्मेदारी का संदेश सुदृढ़ हुआ।



(स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान जैन हैप्पी स्कूल, गोल मार्केट, नई दिल्ली में)
15. स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान 5.0
मंत्रालय ने प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के तत्वावधान में 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित विशेष अभियान 5.0 में अपनी भागीदारी सफलतापूर्वक संपन्न की। लंबित मामलों, अप्रचलित अभिलेखों और अनावश्यक सामग्रियों की पहचान के लिए प्रारंभिक चरण के बाद, मंत्रालय ने एक गहन कार्यान्वयन चरण शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप पहचाने गए सभी लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निपटान हुआ। सभी विभागों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाए गए, अप्रचलित सामग्रियों और ई-कचरे का निपटान पर्यावरण मानकों के अनुसार किया गया, और ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस, एनईवीए, ओएएमएस और अन्य प्रबंधन प्रणालियों जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों पर अधिक निर्भरता बढ़ाई गई। इस अभियान ने कागज रहित शासन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा दिया, प्रशासनिक दक्षता में सुधार किया और अभिलेख प्रबंधन प्रथाओं को मजबूत किया। मंत्रालय ने प्रचार-प्रसार और पारदर्शिता के लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग किया, जिसमें अभियान के तहत किए गए निरीक्षणों और प्रगति को प्रदर्शित किया गया। विशेष अभियान 5.0 की सफल समाप्ति स्वच्छ, कुशल और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
16. राष्ट्र गीत “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन – राष्ट्र गीत के 150 वर्ष
भारत के राष्ट्र गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के राष्ट्रव्यापी समारोह के अंतर्गत, संसदीय कार्य मंत्रालय ने 7 नवंबर 2025 को अपने परिसर में वंदे मातरम का पूर्ण गायन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में संसदीय कार्य राज्य मंत्री, सचिव, अपर सचिव और मंत्रालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय द्वारा इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह के साथ आयोजित किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य मंत्री के संबोधनों में वंदे मातरम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और देशभक्तिपूर्ण महत्व पर प्रकाश डाला गया, जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उसके बाद राष्ट्रीय एकता और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा, जिसमें उन्होंने एकता, सांस्कृतिक गौरव और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा देने में राष्ट्र गीत की स्थायी प्रासंगिकता पर बल दिया। इस कार्यक्रम के साथ ही 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक चलने वाले एक वर्ष के राष्ट्रव्यापी समारोह का शुभारंभ हुआ।


(वंदे मातरम का सामूहिक गायन)
17. संविधान दिवस (संविधान दिवस) समारोह 2025
संविधान दिवस 26 नवंबर 2025 को संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में एक भव्य राष्ट्रीय समारोह के साथ मनाया गया, जिसमें संवैधानिक मूल्यों के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। समारोह की अध्यक्षता माननीय राष्ट्रपति महोदया ने की और इसमें उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, संसद सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रमुख आकर्षणों में नौ भारतीय भाषाओं में भारत का संविधान और संवैधानिक कला और सुलेख पर एक स्मारक पुस्तिका जैसी महत्वपूर्ण डिजिटल विज्ञप्तियां शामिल थीं। राष्ट्रपति ने सभा को संबोधित किया और प्रस्तावना का पाठ किया। नोडल मंत्रालय के रूप में, संसदीय कार्य मंत्रालय ने सक्रिय भूमिका निभाई और माईगव के सहयोग से निबंध और ब्लॉग लेखन प्रतियोगिताएं, एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी और प्रस्तावना-पाठ पहल सहित राष्ट्रव्यापी गतिविधियों का आयोजन किया। मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सजीव प्रसारन देखकर और ऑनलाइन गतिविधियों में भाग लेकर संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

(संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में संविधान दिवस का मुख्य कार्यक्रम)
18. लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर सांसदों/पूर्व सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन।
संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों में निहित प्रावधानों को प्रभावी बनाने के लिए, सरकार ने लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर सांसदों/पूर्व सांसदों के वेतन, दैनिक भत्ता, पेंशन, अतिरिक्त पेंशन, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय व्यय भत्ता और फर्नीचर की मौद्रिक सीमा को 01.04.2023 से संशोधित किया है। सांसदों/पूर्व सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन निम्नानुसार है:
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क्रमांक
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मद
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पिछली दर (₹)
1.4.2018 से प्रभावी
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संशोधित दर (₹)
1.4.2023 से प्रभावी
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1.
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वेतन
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1,00,000/- प्रति माह
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1,24,000/- प्रति माह
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2.
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दैनिक भत्ता
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2,000/-
|
2,500/-
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|
3.
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पेंशन
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25,000/- प्रति माह
|
31,000/- प्रति माह
|
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4.
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पांच वर्ष से अधिक की सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए अतिरिक्त पेंशन
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2,000/- प्रति माह
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2,500/- प्रति माह
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5.
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निर्वाचन क्षेत्र भत्ता
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70,000/- प्रति माह
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87,000/- प्रति माह
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6.
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कार्यालय व्यय भत्ता
(i) कंप्यूटर साक्षर व्यक्ति
(ii) स्थिर वस्तुएँ
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40,000/- प्रति माह
20,000/- प्रति माह
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50,000/- प्रति माह
25,000/- प्रति माह
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7.
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फर्नीचर के लिए मौद्रिक सीमा (कार्यकाल के दौरान एक बार)
- टिकाऊ
- टिकाऊ नहीं
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80,000/-
20,000/-
|
1,00,000/-
25,000/-
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19. संसदीय कार्य मंत्रालय के कामकाज संबंधी पुस्तिका को दिसंबर 2025 में अद्यतन किया गया है।
20. परामर्श समिति
मंत्रालय संसद सदस्यों की परामर्श समितियों का गठन करता है और सत्र एवं अंतर-सत्र अवधियों के दौरान उनकी बैठकों के आयोजन की व्यवस्था करता है। प्रारंभ में, विभिन्न मंत्रालयों के लिए 41 परामर्श समितियों का गठन किया गया था; 5 मई 2025 को आयुष मंत्रालय के लिए परामर्श समिति के गठन के साथ, समितियों की कुल संख्या अब 42 हो गई है।
22.12.2025 तक निम्नलिखित गतिविधियाँ संपन्न की गईं:
- विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की हिंदी सलाहकार समितियों में संसद के 105 सदस्यों (लोकसभा और राज्यसभा) को मनोनीत किया गया।
- भारत सरकार के अधीन स्थापित विभिन्न बोर्डों/परिषदों/आयोगों में संसद के 46 सदस्यों (लोकसभा और राज्यसभा) को मनोनीत किया गया था।
- क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्श समितियों (जेडआरयूसीसी) में संसद के 160 सदस्यों (लोकसभा और राज्यसभा) को मनोनीत किया गया।
- आयुष मंत्रालय के लिए गठित सलाहकार समिति में संसद के 11 सदस्यों (लोकसभा और राज्यसभा) को मनोनीत किया गया।
- विभिन्न सलाहकार समितियों में संसद के 21 सदस्यों (लोकसभा और राज्यसभा) को मनोनीत किया गया।
- राज्यसभा में अपना कार्यकाल समाप्त होने/संसद से इस्तीफा देने या दुखद निधन के कारण विभिन्न मंत्रालयों की विभिन्न सलाहकार समितियों से संसद (राज्यसभा) के 10 सदस्यों के नाम हटा दिए गए।
- 18 वीं लोकसभा के दौरान 19 दिसंबर, 2025 तक परामर्श समितियों की 85 बैठकें आयोजित की गईं ।
अनुलग्नक
संसद के दोनों सदनों द्वारा 2025 के दौरान पारित विधेयक
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क्रम संख्या
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विधेयकों के नाम
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रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2025
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तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक, 2025
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विनियोग विधेयक (संख्या 2), 2025
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विनियोग विधेयक, 2025
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मणिपुर विनियोग (मतदान) विधेयक, 2025
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मणिपुर विनियोग विधेयक, 2025
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आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2025
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बॉयलर विधेयक, 2025
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बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
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विनियोग विधेयक (संख्या 3), 2025।
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वित्त विधेयक, 2025।
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"त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025।
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आव्रजन एवं विदेशी विधेयक, 2025
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वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025
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मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2025
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विमान वस्तुओं में हितों के संरक्षण का विधेयक, 2025
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माल ढुलाई विधेयक, 2025
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समुद्री मार्ग से माल ढुलाई विधेयक, 2025
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तटीय जहाजरानी विधेयक, 2025
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मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025
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मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2025
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व्यापारी नौवहन विधेयक, 2025
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गोआ राज्य की विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के पुनर्व्यवस्थापन का विधेयक, 2025
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राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025।
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राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025
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आयकर विधेयक, 2025
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कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
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भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025
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खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025
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भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025
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ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने और विनियमित करने वाला विधेयक, 2025
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मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025
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केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025
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स्वास्थ्य सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025
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विनियोग (संख्या 4) विधेयक, 2025
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निरसन एवं संशोधन विधेयक, 2025
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सबका बीमा सबकी रक्षा ( बीमा कानून में संशोधन ) विधेयक, 2025
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भारत के रूपांतरण हेतु परमाणु ऊर्जा के टिकाऊ उपयोग एवं संवर्धन विधेयक, 2025
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विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी : वीबी - जी राम जी विधेयक, 2025
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पीके/केसी/एमकेएस
(रिलीज़ आईडी: 2211679)
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