इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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राजस्थान ने क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की, जो समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है


एआई कौशल में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया

प्रविष्टि तिथि: 07 JAN 2026 12:13PM by PIB Delhi

राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्व, नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को एक मंच उपलब्‍ध कराया गया ताकि शासन, बुनियादी ढ़ांचे, नवाचार और कार्यबल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। यह सम्मेलन 15-20 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इंडिया एआई प्रभाव सम्‍मेलन का पूर्वाभ्यास है।

इस सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव (जो वर्चुअल रूप से उपस्थित थे), भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और राजस्थान सरकार के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर सहित एमईआईटीवाई और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उनकी भागीदारी ने भारत की एआई-आधारित विकास यात्रा में राजस्थान को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने में केंद्र और राज्य के मजबूत सहयोग को रेखांकित किया।

सभा को संबोधित करते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “औद्योगिक क्रांति, बिजली, कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर, इंटरनेट और मोबाइल प्रौद्योगिकी के माध्यम से जिस प्रकार का परिवर्तन आया है, वैसा ही परिवर्तन अब एआई के माध्यम से होने वाला है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट लक्ष्य प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण करना है ताकि एआई से संचालित ज्ञान कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहकर प्रत्येक व्यक्ति, प्रत्येक घर और प्रत्येक उद्यमी तक पहुंचे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आज एक कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसके तहत दस लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे भारत के युवा इस नए तकनीकी युग के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें।

भारत सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा, “ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण होना चाहिए। इसी सोच से प्रेरित होकर सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और पर्यावरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई का लाभ उठाने के लिए इंडिया एआई मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों की आय बढ़ाना, जीवन स्तर में सुधार करना और एआई के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग के माध्यम से राष्ट्र की समग्र उत्पादकता को बढ़ावा देना है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा, “ आज राजस्थान ई-गवर्नेंस और समावेशन से आगे बढ़कर एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। एआई हमारे देश की प्रगति का अगला महत्वपूर्ण चरण है। इस दिशा में और आगे बढ़ते हुए हमने एक एआई और मशीन लर्निंग नीति लागू की है। यह नीति सुनिश्चित करेगी कि एआई प्रणालियां अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों के प्रति जवाबदेह बनें। एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग से सार्वजनिक सेवाओं का वितरण तेज, अधिक पारदर्शी और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कई एआई पहलों की घोषणा और शुभारंभ था, जिसने एआई-आधारित नवाचार और शासन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में राजस्थान की भूमिका को मजबूत किया। ये कार्यक्रम और पहलें इस प्रकार हैं:

सभी के लिए युवा एआई – राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम, भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका नेतृत्व एमईआईटीवाई के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन कर रहा है। इसका उद्देश्य देशभर के छात्रों और युवाओं में एआई की बुनियादी जानकारी का विकास करना है। राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के उपलक्ष्य में शुरू किया गया यह अभियान लाखों शिक्षार्थियों को एक संक्षिप्त, स्व-गति से संचालित बुनियादी एआई (एआई 101) पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहता है, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना और समावेशी, लोकतांत्रिक एआई अपनाने के अनुरूप सामूहिक एआई शिक्षण का एक राष्ट्रव्यापी माहौल तैयार हो सके।

राजस्थान एआई/एमएल नीति 2026 का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य शासन को सुदृढ़ करना, आर्थिक विकास को गति देना, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित करना है। इस नीति के शुभारंभ के साथ ही राजस्थान के एआई पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया।

राज्यभर में कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईस्टार्ट लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का उपयोग किया जाएगा।

राजस्थान एवीजीसी-एक्‍सआर पोर्टल का उद्देश्य राज्य में एनिमेशन, वीएफएक्‍स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। भारत और राजस्थान के एआई विजन को प्रदर्शित करने वाला एक एआई -थीम वाला वीडियो भी जारी किया गया।

संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में गूगल, आईआईटी दिल्ली, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर और स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क (वाधवानी फाउंडेशन) के साथ एआई अनुसंधान, कौशल विकास, नैतिक ढांचे और नवाचार संस्‍कृति को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत में आयोजित एक उच्च स्तरीय रणनीतिक सत्र में एमईआईटीवाई के अतिरिक्त सचिव, इंडियाएआई मिशन के सीईओ और एनआईसी के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह ने एनवीडिया के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक श्री विशाल धूपर के साथ वार्तालाप किया। इस सत्र का संचालन प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक श्री समीर जैन ने किया। चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतांत्रिकरण, सार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ाने, बड़े पैमाने पर नवाचार को सक्षम बनाने और जिम्मेदार एवं विश्वसनीय एआई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता निर्माण के साथ-साथ वैश्विक एआई सुरक्षा कॉमन के निर्माण को आगे बढ़ाने की भारत की रणनीति का विश्लेषण किया गया।

श्रीमती कविता भाटिया, वैज्ञानिक 'जी', समूह समन्वयक, एमईआईटीवाई भारत एआई मिशन की सीओओ ने भारत एआई मिशन का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया और इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 के विजन और प्राथमिकताओं की रूपरेखा बताई।

सम्मेलन में आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर श्री अविनाश शर्मा द्वारा वैश्विक एआई, राष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई पर परिप्रेक्ष्य विषय पर एक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक, संदर्भ-जागरूक एआई समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

समानांतर विषयगत सत्रों में शासन,  बुनियादी ढ़ांचे, नवाचार, नैतिकता और रोजगार के क्षेत्रों में एआई के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों की जांच की गई।

राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन ने इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 की तैयारी में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय उपलब्‍धि हासिल किया, जिससे सार्वजनिक भलाई, समावेशी विकास और क्षेत्रों में सतत विकास के लिए एआई का लाभ उठाने की भारत की प्रतिबद्धता को बल मिला।

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पीके/केसी/पीसी/ओपी


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