राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गुजरात के गांधीनगर में दूषित पेयजल से टाइफाइड के मरीज़ों की संख्या बढ़ने पर स्वतः संज्ञान लिया


नए पाइपलाइन नेटवर्क में लीकेज के कारण सीवेज का पानी पेयजल सप्लाई में मिल रहा है

आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी

रिपोर्ट में टाइफाइड के मरीज़ों की स्थिति और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए उठाए गये कदम की जानकारी अपेक्षित है

प्रविष्टि तिथि: 08 JAN 2026 2:20PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग – एनएचआरसी ने गुजरात के गांधीनगर में दूषित पेयजल की सप्लाई से टाइफाइड के मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के एक इलाके में टाइफाइड के कुल 70 सक्रिय मामलों की पुष्टि की है।  रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के गांधीनगर में नई बिछाई गई पाइप लाइन में गंभीर कमियां पाई गई हैं। पाइपलाइन में सात जगहों पर लीक का पता चला है, जिससे सीवेज का पानी पेयजल में मिल रहा है।

आयोग ने कहा है कि संबंधित खबर अगर सच है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला है। इस सिलसिले में आयोग ने गुजरात के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में टाइफाइड के घरों में चिकित्साअधीन और अस्पताल में भर्ती मरीज़ों की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी अपेक्षित है।

4 जनवरी, 2026 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि यह जलजनित बीमारी का प्रसार है और मरीज़ों का जल्द पता लगाकर उन्हें प्राथमिकता के आधार तुरंत मेडिकल सहायता दी जा रही है। खबर के अनुसार गांधीनगर सिविल हॉस्पिटल में टाइफाइड के मरीज़ों की बढ़ती संख्या, जिसमें अधिकांश बच्चे हैं, को देखते हुए 30 बिस्तर वाला पीडियाट्रिक वार्ड स्थापित किया गया है। बताया गया है कि मरीज़ तेज़ बुखार और पेट से जुड़ी समस्या के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।

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पीके/केसी/एकेवी/एसके


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