संचार मंत्रालय
दूरसंचार विभाग ने स्टार्टअप्स और टीटीडीएफ लाभार्थियों के लिए मानकीकरण प्रक्रियाओं पर एक वेबिनार का आयोजन किया
वेबिनार का आयोजन दूरसंचार विभाग की ओर से टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (टीसीओई) इंडिया ने टीएसडीएसआई और टीईसी के सहयोग से किया
वेबिनार में स्टार्टअप्स, टीटीडीएफ लाभार्थियों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के हितधारकों सहित 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया
वेबिनार में नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में दूरसंचार मानकों की कार्यनीतिक भूमिका पर प्रकाश डाला गया
अंतर्राष्ट्रीय मानक निकायों में स्वीकृत तकनीकी योगदान भारतीय नवोन्मेषकों की वैश्विक विश्वसनीयता और दृष्टिक्षेत्र को बढ़ाते हैं
प्रविष्टि तिथि:
08 JAN 2026 3:33PM by PIB Delhi
संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने स्टार्टअप्स, दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (टीटीडीएफ) के लाभार्थियों, शिक्षाविदों और उद्योग के हितधारकों के बीच राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार मानकीकरण ढांचे और भागीदारी तंत्र के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 7 जनवरी 2026 को "मानकीकरण प्रक्रियाओं" पर एक वेबिनार का आयोजन किया।
इस वेबिनार का आयोजन दूरसंचार विभाग की ओर से टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (टीसीओई) इंडिया ने टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (टीएसडीएसआई) और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) के सहयोग से किया। स्टार्टअप्स, टीटीडीएफ लाभार्थियों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के हितधारकों सहित 150 से अधिक प्रतिभागियों ने वेबिनार में भाग लिया।


वेबिनार का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ जिसमें दूरसंचार विभाग के डीडीजी (मानक, अनुसंधान एवं नवाचार) श्री अशोक कुमार; टीसीओई इंडिया के सीईओ डॉ. राजेश शर्मा और टीएसडीएसआई के महानिदेशक श्री ए.के. मित्तल ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने, वैश्विक प्रतिस्पर्धा को सक्षम बनाने और अंतर्राष्ट्रीय मानक विकास में भारत की भूमिका को मजबूत करने में दूरसंचार मानकों के कार्यनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
टीएसडीएसआई विशेषज्ञों श्री पी.के. जसवाल और श्री धिवगर बास्करन (सीईडब्ल्यूआईटी) ने 3जीपीपी, वनएम2एम और टीएसडीएसआई मानकीकरण प्रक्रियाओं पर एक विस्तृत तकनीकी सत्र प्रस्तुत किया। इस सत्र में 3जीपीपी की संगठनात्मक संरचना, अंतरसंचालनीय आईओटी और एम2एम प्रणाली में वनएम2एम की भूमिका, मानक विकास जीवनचक्र और स्टार्टअप्स के भाग लेने और तकनीकी योगदान प्रस्तुत करने के व्यावहारिक तरीके के साथ ही टीएसडीएसआई के माध्यम से उपलब्ध संस्थागत सहायता तंत्रों को शामिल किया गया।
दूरसंचार विभाग (डीओटी) के दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) के निदेशक (रेडियो) श्री विनीत मलिक ने आईटीयू-आर और आईटीयू-टी मानकीकरण ढांचों की व्याख्या की। सत्र में स्पेक्ट्रम प्रबंधन, दूरसंचार नेटवर्क मानकों और वैश्विक नियामक समन्वय में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की भूमिका के साथ-साथ भारतीय हितधारकों के लिए उपलब्ध भागीदारी के अवसरों पर प्रकाश डाला गया।
इस वेबिनार में एक स्टार्टअप द्वारा अनुभव साझा करने के लिए एक सत्र भी शामिल था, जिसे लेखा वायरलेस सॉल्यूशंस के संस्थापक डॉ. श्रीनाथ रामनाथ ने प्रस्तुत किया। उन्होंने मानकीकरण निकायों के साथ जुड़ने, प्रारंभिक भागीदारी में आने वाली चुनौतियों, परितन्त्र से प्राप्त सहयोग और वैश्विक मानकों में योगदान से प्राप्त ठोस लाभों के बारे में जानकारी साझा की।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय मानक निकायों में स्वीकृत तकनीकी योगदान वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त मानक मानदंडों का हिस्सा बनते हैं, जो बाद में राष्ट्रीय नियमों, लाइसेंसिंग ढांचे और ऑपरेटर खरीद प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं। इससे भारतीय नवप्रवर्तकों की वैश्विक विश्वसनीयता और दृष्टिक्षेत्र बढ़ी है।
वेबिनार का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। प्रतिभागियों को भविष्य में मानकीकरण संबंधी पहलों में प्रमुखता से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
मानकीकरण अंतरसंचालनीयता, वैश्विक बाजार तक पहुंच, प्रौद्योगिकी को अपनाने और बौद्धिक संपदा के सृजन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, दूरसंचार विभाग अपने संबद्ध तकनीकी और संस्थागत निकायों के माध्यम से वैश्विक मानकीकरण प्रणालियों में भारतीय हितधारकों की जागरूकता और भागीदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है, विशेष रूप से उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में जो भारत 6जी मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप हैं।
दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) के बारे में
दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) दूरसंचार विभाग की तकनीकी शाखा है। यह दूरसंचार नेटवर्क, उपकरण, सेवाओं और अंतरसंचालनीयता के लिए तकनीकी मानक और विनिर्देश तैयार करता है, जिन्हें जीआर, आईआर और एसआर के रूप में जारी किया जाता है। यह अनुमोदन और प्रमाणन गतिविधियों को अंजाम देता है, आईटीयू, ईटीएसआई और एपीटी जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण मंचों में भारत का प्रतिनिधित्व करता है, और दूरसंचार विभाग को तकनीकी सहायता प्रदान करने के साथ-साथ टीआरएआई और टीडीएसएटी को सलाह भी देता है।
टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (टीएसडीएसआई) के बारे में
टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (टीएसडीएसआई) दूरसंचार विभाग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का एक स्वायत्त, सदस्यता-आधारित राष्ट्रीय मानक विकास संगठन है। टीएसडीएसआई भारत के लिए विशिष्ट दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मानक विकसित करती है और 3जीपीपी और वनएम2एम जैसे वैश्विक मानक निकायों में भारत की भागीदारी को सुगम बनाती है, जिससे स्वदेशी नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन को बढ़ावा मिलता है।
टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (टीसीओई) इंडिया के बारे में
टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (टीसीओई) इंडिया एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी पहल है जो दूरसंचार नवाचार, क्षमता निर्माण और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत को एक साथ जोड़ती है। टीसीओई इंडिया उभरती प्रौद्योगिकियों का समर्थन करता है और राष्ट्रीय तथा वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण गतिविधियों में स्टार्टअप और शोधकर्ताओं की भागीदारी को सुगम बनाता है।
दूरसंचार विभाग ने स्टार्टअप, शिक्षा जगत और उद्योग को राष्ट्रीय और वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण प्रक्रियाओं में प्रभावी ढंग से भाग लेने के लिए एक सूत्रधार और सहायक के रूप में कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिससे अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार मानक प्रणाली में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
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पीके/केसी/एके/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2212533)
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