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विधि और न्याय मंत्रालय, विधायी विभाग, राजभाषा खंड की 14वीं "हिंदी सलाहकार समिति" की पहली बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई
केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधि के क्षेत्र में राजभाषा हिंदी के प्रचार और प्रसार के महत्व पर ज़ोर दिया
प्रविष्टि तिथि:
08 JAN 2026 7:22PM by PIB Delhi
विधि और न्याय मंत्रालय, विधायी विभाग, राजभाषा खंड की 14वीं "हिंदी सलाहकार समिति" की पहली बैठक आज यहां केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता में डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित की गई । इस अवसर पर राजभाषा के प्रगामी प्रयोग के विषय पर चर्चा हुई ।
केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय के राजभाषा खंड की पहल और प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया । उन्होंने विधि के क्षेत्र में राजभाषा हिंदी के प्रयोग में प्रशंसनीय कार्य करने के लिए विधायी विभाग के राजभाषा खंड की सराहना की । बैठक के दौरान, राजभाषा अर्थात् विधि के क्षेत्र में हिंदी, के प्रचार और प्रसार को सुनिश्चित किए जाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए । उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राजभाषा की उपयोगिता को आम आदमी के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए जिसमें "कार्य करने में सुगमता", "शब्दों और अभिव्यक्तियों के प्रयोग की सरलता", और "विचारों तथा कार्यों को अस्पष्टता से परे, सही भावना के अनुरूप व्यक्त करना” शामिल है ।


श्री भर्तृहरि महताब, संसद् सदस्य (लोक सभा) और संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष ने हिंदी सलाहकार समिति की नियमित बैठकें आयोजित कराने के बारे में अपने विचार व्यक्त किए और नागरिकों के फायदें तथा उनके सहज-बोध के लिए हिंदी शब्दों के सरलीकरण के लिए भी सुझाव दिया । उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राजभाषा खंड को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएं ।

गैर-सरकारी सदस्यों ने विधि के क्षेत्र में हिंदी के प्रयोग और न्यायालयों में इसके प्रयोग का प्रसार करने के लिए विभिन्न उपायों का भी सुझाव दिया ।
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Samrat
(रिलीज़ आईडी: 2212596)
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