पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने पहुँच एवं लाभ साझेदारी ढांचे के तहत महाराष्ट्र को 68 लाख रुपये जारी किए
प्रविष्टि तिथि:
08 JAN 2026 7:21PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने अपनी पहुँच एवं लाभ बंटवारे (एबीएस) की नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तहसील में जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) तथा बृहन्मुंबई नगर निगम को 68 लाख रुपये की राशि जारी किया है।
यह आबंटन मिट्टी के सूक्ष्मजीवों, विशेष रूप से बेसिलस जीनस के बैक्टीरिया के व्यावसायिक उपयोग से उत्पन्न स्थितियों के लिए जारी किया गया है जिनका उपयोग नवीन प्रोबायोटिक उत्पादों के विकास के लिए किया गया है। यह एबीएस ढांचे के उस प्रभावी कार्यान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो सुनिश्चित करता है कि भारत की समृद्ध सूक्ष्मजीवी जैव विविधता से प्राप्त लाभों का स्थानीय समुदायों तथा इन संसाधनों के संरक्षकों के साथ निष्पक्ष एवं समान रूप से सामूहिक उपयोग हो।
उल्लेखनीय है कि एबीएस के लिए आवेदनों में से लगभग 15 प्रतिशत आवेदन सूक्ष्मजीवों से संबंधित हैं, जो कृषि, स्वास्थ्य सेवा तथा जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उनकी क्षमता को रेखांकित करते हैं। यह तंत्र न केवल किसानों, स्थानीय समुदायों, बीएमसी तथा अन्य हितधारकों तक लाभ पहुंचाता है, बल्कि जैविक संसाधनों के संरक्षण एवं सतत उपयोग को भी प्रोत्साहित करता है।
यह मील का पत्थर 'अदृश्य से दृश्य' की कहानी को दर्शाता है, जो एबीएस ढांचे के माध्यम से कॉर्पोरेट समूह के योगदान को समुदायों तक पहुंचाने को चित्रित करता है। अब तक, एनबीए ने अकेले महाराष्ट्र में 200+ बीएमसी तथा सात संस्थानों को लगभग 8 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
अभी हालिया आबंटन के मुताबिक भारत की संचयी एबीएस जारी करने की राशि 144.20 करोड़ रुपये (लगभग 16 मिलियन अमेरिकी डॉलर) को पार कर गई है। यह उपलब्धि राष्ट्र की मजबूत एवं समावेशी जैव विविधता ढांचे के विकास को रेखांकित करती है जो आर्थिक विकास को पारिस्थितिक जिम्मेदारी के साथ संतुलित करता है।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2212617)
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