संचार मंत्रालय
दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) ने आईआईटी कानपुर के साथ टेलीकॉम तकनीकों और मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन एवं तकनीकी योगदान पर सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए
यह साझेदारी भारत-विशिष्ट टेलीकॉम मानकों और भविष्य की नेटवर्क तकनीकों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखती है
इस सहयोग से भारत की वैश्विक टेलीकॉम मानकीकरण और उभरती तकनीकों में नेतृत्व को मजबूती मिलेगी
यह साझेदारी स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास को गति देने तथा वैश्विक मानकीकरण प्रक्रियाओं में भारत के प्रभाव को बढ़ाने का भी उद्देश्य रखती है
प्रविष्टि तिथि:
08 JAN 2026 5:55PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की तकनीकी इकाई दूरसंचार इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आईआईटी कानपुर) के साथ उन्नत टेलीकॉम तकनीकों तथा वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन, अनुसंधान एवं तकनीकी योगदान पर सहयोग के लिए एक समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।यह साझेदारी उभरती एवं भविष्य की संचार तकनीकों, जिसमें 6 जी , टेलीकॉम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नॉन टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (NTNs), वस्तु-इंटरनेट (IoT), डिजिटल ट्विन, मेटावर्स तथा क्वांटम संचार शामिल हैं, जिनके लिए भारत-विशिष्ट मानकों एवं परीक्षण ढांचों के विकास पर केंद्रित होगी। यह भारत की वैश्विक मानक-निर्धारण एवं रेडियो संचार निकायों जैसे आईटीयू - टी, आईटीयू - आर, 3 जीपी पी तथा अन्य प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय मंचों में सक्रिय भागीदारी एवं नेतृत्व को मजबूत करने का भी लक्ष्य रखती है।

इस समझौता पत्र पर 8 जनवरी 2026 को टी ई सी के उप महानिदेशक (मोबाइल टेक्नोलॉजीज) श्री अमित कुमार श्रीवास्तव तथा आईआईटीके के डीन (आरएंडडी) प्रो. तरुण गुप्ता ने हस्ताक्षर किए, जिनके समक्ष आईआईटीके के निदेशक प्रो. मैनिंद्र अग्रवाल,आईआईटी के प्रो. रोहित बुधिराजा, तथा टी ई सी के डीडीजी (सूचना प्रौद्योगिकी) श्री शशि मोहन उपस्थित थे।
यह साझेदारी अगली पीढ़ी की टेलीकॉम तथा मानकीकरण गतिविधियों पर टी ई सी तथा आईआईटी कानपुर के निकट सहयोग के लिए एक औपचारिक ढांचा तैयार करती है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र: 6 जी वास्तुकला एवं सक्षमकर्ता तकनीकों की खोज, जिसमें 3 जी पी पी तथा आई टी यू जैसे वैश्विक मंचों में अनुसंधान, पूर्व-मानकीकरण एवं मानकीकरण गतिविधियों में योगदान शामिल है।
टेलीकॉम नेटवर्क एवं वास्तुकला: 4G, 5G, LTE-A, NB-IoT तथा भविष्य के नेटवर्क्स में वास्तुकला, सिग्नलिंग, प्रोटोकॉल एवं परस्पर संचालन परीक्षण को कवर करते हुए संयुक्त अध्ययन एवं तकनीकी योगदान।
एआई-सक्षम टेलीकॉम सिस्टम: नेटवर्क ऑटोमेशन, अनुकूलन एवं बुद्धिमान प्रबंधन के लिए एआई/एमएल में संयुक्त अनुसंधान, जिसमें भविष्य के नेटवर्क्स के लिए एआई-नेटिव क्षमताओं की दिशा में रोडमैप शामिल है।
रेडियो, एंटीना एवं MIMO तकनीकें: उन्नत एंटीना सिस्टम, मासिव MIMO तथा संबंधित रेडियो एक्सेस तकनीकों में सहयोगी अनुसंधान।
उपग्रह एवं गैर-स्थलीय नेटवर्क (NTNs): उपग्रह संचार सिस्टम, NTNs, HAPS तथा उपग्रह-स्थलीय एकीकरण में संयुक्त अध्ययन, जिसमें आपदा-प्रतिरोधी एवं आपातकालीन कनेक्टिविटी समाधान शामिल हैं।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स(आईओटी), डिजिटल ट्विन्स एवं इमर्सिव सिस्टम: आईओटी पारिस्थितिक तंत्र, डिजिटल ट्विन तकनीकों तथा इमर्सिव संचार प्लेटफॉर्म्स में संयुक्त अनुसंधान।
क्वांटम संचार: सुरक्षित संचार के लिए QKD, PQC, QRNG तथा संबंधित घटकों सहित क्वांटम संचार तकनीकों में संयुक्त अध्ययन।
आईआईटी कानपुर के बारे में :भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) एक प्रमुख राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जिसमें उन्नत दूरसंचार, 5जी/6जी तकनीकों, टेलीकॉम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोगों, अभिसरण एवं प्रसारण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा उभरते आईसीटी क्षेत्रों में मजबूत शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमताएं हैं।
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पीके/केसी/ एमएम / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2212642)
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