रेल मंत्रालय
अश्विनी वैष्णव ने 100 रेल अधिकारियों को 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 प्रदान किया, साथ ही विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 ज़ोन को शील्ड भी प्रदान कीं
भारतीय रेलवे को वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित रेलवे के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए स्तर पर पहुंचना होगा: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री ने संकल्पों के छह सूत्रीय रोडमैप का अनावरण किया: प्रणालीगत सुधार, प्रौद्योगिकी को अपनाना, सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना, उन्नत प्रशिक्षण, रखरखाव में उत्कृष्टता और मानसिकता में बदलाव से अगली पीढ़ी के रेलवे को सशक्त बनाना होगा मुमकिन
समर्पित रेलकर्मी भारत के परिवहन परिवर्तन की रीढ़ हैं: वी. सोमन्ना
आधुनिकीकरण, सुरक्षा और यात्री केंद्रित दृष्टिकोण नए भारतीय रेलवे को परिभाषित करते हैं: सतीश कुमार
प्रविष्टि तिथि:
09 JAN 2026 8:30PM by PIB Delhi
केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र (यशोभूमि) में 100 रेल अधिकारियों को 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार और विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 ज़ोन को शील्ड प्रदान की। समारोह में रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, रेल बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार, रेल बोर्ड के सदस्य और विभिन्न रेलवे ज़ोन एवं उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक उपस्थित थे।
अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत, विकसित रेलवे के सपने को साकार करने के लिए भारतीय रेलवे को एक नए स्तर पर पहुंचना होगा। रेल कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सामूहिक प्रयासों से ही रेलवे ने लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों पर काबू पाया है, क्षमताओं का विस्तार किया है, दक्षता में सुधार किया है और बुनियादी ढांचे एवं परिचालन संबंधी कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं।
श्री वैष्णव ने आगे कहा कि बड़े स्तर पर रेलवे ट्रैक निर्माण से रेलवे क्षमता में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि दीवाली, छठ, क्रिसमस और गर्मी के मौसम जैसे सभी प्रमुख व्यस्त मौसमों के दौरान विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान आसानी हुई और पिछले वर्ष एक नया मानदंड स्थापित किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे ने 2026 के लिए ‘52 सप्ताह, 52 सुधार’ नामक एक महत्वाकांक्षी सुधार योजना शुरू की है, जिसके तहत ग्राहक सेवा, रखरखाव, उत्पादन, गुणवत्ता प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रणाली और संचालन जैसे प्रमुख कार्यात्मक क्षेत्रों में हर सप्ताह एक बड़ा सुधार लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानकों को पुनर्परिभाषित करने, बाधाओं की पहचान करने और स्पष्ट, समयबद्ध कार्य योजनाएँ तय करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के साथ कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
उन्होंने आगामी चरण में भारतीय रेलवे का मार्गदर्शन करने वाले छह प्रमुख संकल्पों की रूपरेखा प्रस्तुत की:
पहला, जवाबदेही और क्रियान्वयन द्वारा संचालित, ग्राहक सेवा, रखरखाव, उत्पादन, गुणवत्ता और स्वास्थ्य प्रणालियों में समयबद्ध बदलावों के साथ प्रणालीगत सुधारों के लिए निर्णायक प्रयास।
दूसरा, विश्वसनीयता और उत्पादकता में सुधार के लिए नई पीढ़ी के रोलिंग स्टॉक, उन्नत ट्रैक सिस्टम, आधुनिक सिग्नलिंग और स्मार्ट रखरखाव प्रथाओं सहित प्रौद्योगिकी, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को व्यापक रूप से अपनाना।
तीसरा, रखरखाव के मानकों का मूलभूत उन्नयन, यह मानते हुए कि पुरानी प्रथाओं से दूर जाना अल्पकालिक असुविधा का कारण बन सकता है, लेकिन दीर्घकालिक सुरक्षा और प्रदर्शन के लिए यह ज़रुरी है।
चौथा, सुरक्षा पर सीधा और केंद्रित फोकस, जिसका मकसद बेहतर प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी तैनाती, अनुशासित संचालन और नेतृत्व के सभी स्तरों पर दैनिक निगरानी के ज़रिए गंभीर दुर्घटनाओं को कम करना है।
पांचवां, प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास में परिवर्तन, निरंतर कौशल के उन्नयन को अनिवार्य बनाना, प्रशिक्षण को कैरियर प्रगति से जोड़ना और उच्च दक्षता वाले कार्यबल के निर्माण के लिए सिमुलेटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग करना।
छठा, औपनिवेशिक मानसिकता का पूर्ण उन्मूलन, अधिकारियों को नए विचारों के प्रति खुलापन अपनाने, युवा अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को सशक्त बनाने, भारतीय समाधानों को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर स्वीकार की जा रही मेड-इन-इंडिया उपलब्धियों पर गर्व करने के लिए प्रोत्साहित करना।
उन्होंने स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को शामिल करने, रेलवे कर्मचारियों को सुधार संबंधी सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित करने और सफल नवाचारों को पूरे नेटवर्क में लागू करने के महत्व पर भी बल दिया। प्रमुख राष्ट्रीय सुधारों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे को भी परिवर्तन के प्रति ऐसा ही साहस और आत्मविश्वास दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा कार्यबल, पारदर्शी प्रणालियों और सुधार आधारित मानसिकता के साथ, भारतीय रेलवे वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बनने और 2047 तक भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में एक ज़रुरी स्तंभ बनने के लिए बेहतर स्थिति में है।
इस अवसर पर, भारतीय रेलवे में विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक स्मारक सिक्का भी जारी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, श्री वी. सोमन्ना ने रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को बधाई दी और भारतीय रेलवे को दुनिया के सबसे बड़े सेवा संगठनों में से एक बताते हुए, रेल परिवार को प्रतिदिन लाखों लोगों के लिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने का श्रेय दिया।
राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाली प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में रेल सुविधाएं जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्वी जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी हैं। उन्होंने बेहतर संपर्क के लिए अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनों का भी ज़िक्र किया और कहा कि आगामी वंदे भारत स्लीपर लंबी दूरी की यात्रा को सुगम बनाएगी।
रेलवे के विद्युतीकरण और पर्यावरण स्थिरता में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे पर्यावरण के अनुकूल संचालन की ओर अग्रसर है। अपने दौरों के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने सभी स्तरों पर रेलवे कर्मचारियों के समर्पण और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की और उन्हें संगठन की रीढ़ बताया।
अपने संबोधन में श्री सतीश कुमार ने कहा कि भारतीय रेलवे में तेज़ी से बदलाव आए हैं और यह एक आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित संगठन के रूप में उभरा है। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को खत्म करने, ट्रैक की बेहतर निगरानी और संबंधित सुरक्षा उपायों के ज़रिए निरंतर जारी सुधारों के बारे में जानकारी दी। माल ढुलाई संचालन पर उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे डोर-टू-डोर और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के ज़रिए नए मानक स्थापित कर रहा है और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
उन्होंने रेल विद्युतीकरण के एक शताब्दी पूरे होने के खास मौके को भी याद किया और इसे भारतीय रेलवे की यात्रा में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया, जिसे विशेष पहलों के ज़रिए मनाया जा रहा है। रेल कर्मचारियों को "असली नायक" मानते हुए उन्होंने उनके अनुशासन, समर्पण और सेवा को इन बदलावों की रीढ़ बताया।
भारतीय रेलवे प्रतिवर्ष अपने कर्मचारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान करता है। ये पुरस्कार दो श्रेणियों में दिए जाते हैं: व्यक्तिगत पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोन को दिए जाने वाले शील्ड पुरस्कार। व्यक्तिगत पुरस्कार रेलवे कर्मियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और भारतीय रेलवे को अधिक कुशल, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल संगठन बनाने में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देने और सम्मानित करने का एक मंच प्रदान करते हैं। विभिन्न श्रेणियों में शील्ड पुरस्कार भारतीय रेलवे के समग्र प्रदर्शन में उनके उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों को मान्यता देते हुए प्रदान किए जाते हैं।
70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (एवीआरएसपी)-2025 के लिए चयनित अधिकारियों की सूची
शील्ड विजेताओं की सूची
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पीके/केसी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2213142)
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