इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
डिजिटल इंडिया आस्क आवर एक्सपर्ट्स ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को भारत की एआई यात्रा में एक अहम मोड़ के तौर पर पेश किया
कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और वास्तविक दुनिया में एआई के प्रभाव से जुड़े प्रमुख सवालों के जवाब दिए गए
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में लोगों को केंद्र में रखते हुए वास्तविक दुनिया के एआई समाधानों को प्रदर्शित किया जाएगा
प्रविष्टि तिथि:
13 JAN 2026 1:08PM by PIB Delhi
डिजिटल इंडिया आस्क आवर एक्सपर्ट्स के 38वें एपिसोड का आयोजन 9 जनवरी, 2026 को किया गया, जिसमें आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 पर प्रकाश डाला गया और इसे जिम्मेदार और समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को आकार देने वाले एक ऐतिहासिक वैश्विक कार्यक्रम के रूप में पेश किया गया।
इंडियाएआई और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अधिकारियों, जिनमें शिखा दहिया, संयुक्त निदेशक, इमर्जिंग टेक्नॉलॉजी, एमईआईटीवाई, कार्तिक शोभन सूरी, महाप्रबंधक, फ्यूचर स्किल्स, इंडियाएआई, स्वदीप सिंह, महाप्रबंधक, डेटा साइंस, इंडियाएआई और अंशुल सिंघल, महाप्रबंधक, स्टार्टअप्स, इंडियाएआई शामिल थे। इन सभी ने नागरिकों, स्टार्टअप्स, छात्रों और पेशेवरों के सवालों का सीधा जवाब दिया और भारत के एआई रोडमैप से जुड़े कुछ प्रमुख प्रश्नों के उत्तर दिए।
एपिसोड के दौरान, विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे यह शिखर सम्मेलन तीन मार्गदर्शक स्तंभों या 'सूत्रों' - लोग, ग्रह और प्रगति पर आधारित है, जिसके केंद्र में कार्य समूह या 'चक्र' हैं। इन समूहों की चर्चाओं और नतीजों से भारत और वैश्विक दक्षिण में एआई नीति, कौशल विकास रणनीतियों और कार्यान्वयन को प्रभावित करने की उम्मीद है।
इस एपिसोड में टियर 2 और टियर 3 के शहरों के युवाओं, स्टार्टअप्स, महिला नवप्रवर्तकों और शिक्षार्थियों के लिए मौजूद अवसरों पर प्रकाश डाला गया, जिनमें एआई और डेटा लैब्स, वैश्विक चुनौतियाँ, पिच फेस्ट और युवाई ग्लोबल यूथ चैलेंज शामिल हैं। दर्शकों को भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें यह दिखाया जाएगा कि एआई समाधान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों को कैसे बदल रहे हैं।
इस दौरान नागरिकों ने एआई अवसंरचना, खुले डेटा तक पहुंच, स्वास्थ्य सेवा डेटासेट, स्टार्टअप भागीदारी, शासन, गैर-तकनीकी उपयोगकर्ताओं को शामिल करने और ऑनलाइन भागीदारी से जुड़े प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने आश्वासन दिया कि इंडियाएआई खुले, सुरक्षित और समावेशी प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जो व्यक्तियों, छोटी टीमों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों की भागीदारी को सक्षम बनाते हैं।
एपिसोड का समापन नागरिकों से भारत के बढ़ते एआई तंत्र में सक्रिय भागीदार बनने के लिए शिखर सम्मेलन की वेबसाइट https://impact.indiaai.gov.in/ पर पंजीकरण, भागीदारी और योगदान के ज़रिए अपना पहला कदम उठाने के आह्वान के साथ हुआ।
डिजिटल इंडिया-आस्क आवर एक्सपर्ट्स कार्यक्रम नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद स्थापित करता है, जिससे डिजिटल प्रौद्योगिकियों में जागरूक भागीदारी और ज़िम्मेदार उपयोग को बढ़ावा मिलता है। इस लाइव सत्र में देशभर के दर्शकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विशेषज्ञों द्वारा दी गई स्पष्ट और सुलभ व्याख्याओं की सराहना की। एपिसोड 38 की पूरी रिकॉर्डिंग यहां उपलब्ध है: https://youtube.com/live/qV5BZ7O5AAI?feature=share
डिजिटल इंडिया-आस्क आवर एक्सपर्ट्स, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत एक प्रमुख इंटरैक्टिव पहल है, जो देश के नागरिकों को सरकारी विशेषज्ञों के साथ लाइव चर्चाओं के ज़रिए जोड़ती है, ताकि वे डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं को आसानी से और भरोसे के साथ समझ सकें और उनका उपयोग कर सकें। यह श्रृंखला डिजिटल इंडिया यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम की जाती है: https://www.youtube.com/@DigitalIndiaofficial । आगामी एपिसोड और डिजिटल इंडिया पहलों के बारे में अपडेट के लिए, www.digitalindia.gov.in और www.negd.gov.in पर जाएं।
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पीके/केसी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2214115)
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