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उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली विश्वविद्यालय में 'नशा मुक्त परिसर अभियान' का उद्घाटन किया


स्वस्थ और सशक्त युवा विकसित भारत की कुंजी हैं: श्री धर्मेंद्र प्रधान

प्रविष्टि तिथि: 13 JAN 2026 4:36PM by PIB Delhi

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय में नशामुक्त परिसर अभियान का उद्घाटन किया । उन्होंने युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से बचाने और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए निरंतर और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने नशा मुक्त परिसर अभियान के अंतर्गत एक समर्पित ई-प्रतिज्ञा मंच ( https://pledge.du.ac.in/home ) और मोबाइल एप्लिकेशन का भी शुभारम्भ किया और देश भर के विश्वविद्यालयों के छात्रों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और नशा मुक्त परिसर की प्रतिज्ञा लेने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि नशा मुक्त परिसर अभियान को सभी केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में भी आवश्यक तौर पर शुरू कराया जाए।

अपने संबोधन में श्री धर्मेंद्र प्रधान ने उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन की गरिमामय उपस्थिति में दिल्ली विश्वविद्यालय में नशामुक्त परिसर अभियान के उद्घाटन में शामिल होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह पहल मात्र एक अभियान नहीं बल्कि युवाओं, समाज और राष्ट्र के प्रति एक दृढ़ सामूहिक संकल्प है।

श्री प्रधान ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान ही नहीं, बल्कि विचारों के सृजन और मूल्यों के निर्माण का एक सशक्त केंद्र भी है। इस अभियान के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय ने युवाओं से जुड़ी एक गंभीर चुनौती का समाधान करने की दिशा में एक सार्थक कदम उठाया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए, बल्कि युवाओं की क्षमता और राष्ट्र के होनहार नागरिकों को पोषित करने की क्षमता के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय की यह पहल नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरेगी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की विकसित भारत 2047 की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है जब युवा स्वस्थ, जागरूक, आत्मनिर्भर और उद्देश्यपूर्ण हों।

श्री प्रधान ने इस दूरदर्शी और प्रेरणादायक पहल के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय को बधाई दी और छात्रों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने, इसे जन आंदोलन में बदलने और नशामुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

 

'नशा मुक्त परिसर अभियान' का उद्देश्य जागरूकता को बढ़ावा देना, स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करना और छात्रों को एक सुरक्षित एवं नशामुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाने की दिशा में प्रेरित करना है।

 

पीके/केसी/एक/एसके


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