नागरिक उड्डयन मंत्रालय
नागर विमानन मंत्रालय की वर्षांत समीक्षा
प्रविष्टि तिथि:
21 JAN 2026 5:08PM by PIB Delhi
नवी मुंबई, पटना, दतिया, सतना, अमरावती, तूतीकोरिन, पूर्णिया और गुवाहाटी में नए हवाई अड्डों एवं टर्मिनल सुविधाओं का उद्घाटन
सरकार ने तीन नयी एयरलाइनों की शुरुआत के लिए एनओसी प्रदान किया
नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने मेसर्स सेलेबी एवं उसकी संबद्ध कंपनियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द की
एमओसीए ने इंडिगो के परिचालन संकट के दौरान उचित और न्यायसंगत किराया सुनिश्चित करने के लिए अपने नियामक अधिकारों का प्रयोग किया
यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (पीएसीआर) की स्थापना
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण अधिनियम लागू हुआ
नागर विमानन पर क्षेत्रीय मंत्रियों के सम्मेलन को संस्थागत स्वरूप दिया गया
पुणे में 7वें हेलीकॉप्टर एवं लघु विमान शिखर सम्मेलन का आयोजन; समर्पित हेलीकॉप्टर निदेशालय की घोषणा
एएआईबी में फ्लाइट रिकॉर्डर्स प्रयोगशाला का उद्घाटन
एएआईबी, एमओसीए ने 4-दिवसीय एपीएसी-एआईजी बैठक आयोजित की
भारत आईसीएओ के भाग-II के लिए पुनः निर्वाचित
रिकॉर्ड संख्या में जारी किए गए कमर्शियल पायलट लाइसेंस
भारत ने एक ही दिन में 3,356 घरेलू उड़ानों में 5.38 लाख से अधिक घरेलू यात्रियों को ले जाकर एक और उपलब्धि हासिल की
कोटा–बूंदी (राजस्थान) में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे को मंत्रिमंडल की मंजूरी
एयरबस और महिंद्रा एयरो स्ट्रक्चर्स ने एच130 हेलीकॉप्टर के फ्यूजलेज के निर्माण हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर किए
एमओसीए ने एलायंस एयर की ‘फेयर से फुर्सत’ निश्चित हवाई किराया योजना शुरू की
जीएसटी दरों के युक्तिकरण का सकारात्मक प्रभाव
डीजीसीए ने पायलटों की चिकित्सीय जांच क्षमता बढ़ाने के लिए 10 नए एयरोमेडिकल मूल्यांकन केंद्र जोड़े
डीजीसीए ने उड़ान कर्मियों के लिए परीक्षा वेबसाइट के माध्यम से कंप्यूटर नंबरों का स्वतः सृजन शुरू किया
डीजीसीए द्वारा अनुमोदित फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों (एफटीओ) के लिए रैंकिंग प्रणाली
भारत के एमआरओ और विमानन विनिर्माण इकोसिस्टम को और मजबूती प्रदान की गई
डीजीसीए ने सुरक्षा सेमिनार 2025 का आयोजन किया
2025 में छह और उड़ान यात्री कैफे खोले गए
मालदीव में पुनर्विकसित हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
भारत में आईएटीए की वार्षिक महासभा का आयोजन
एसएएफ व्यवहार्यता रिपोर्ट पेश की गई –टिकाऊ विमानन ईंधन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने के लिए भारत का रोडमैप
फ्लाइब्ररी : हवाई अड्डे पर रीडिंग हब
उड़ान भवन में क्रेच सुविधा का उद्घाटन
नवी मुंबई, पटना, दतिया, सतना, अमरावती, तूतीकोरिन, पूर्णिया और गुवाहाटी में नए हवाई अड्डों और टर्मिनल सुविधाओं का उद्घाटन
वर्ष 2025 में भारत भर में हवाई अड्डों के बुनियादी ढाँचे का व्यापक विस्तार किया गया। पटना, दतिया, सतना, अमरावती, तूतीकोरिन और पूर्णिया में हवाई अड्डे और टर्मिनल सुविधाओं का उद्घाटन किया गया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई और बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में आर्थिक विकास को गति मिली।
पटना के जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में नए टर्मिनल का उद्घाटन

पटना हवाई अड्डे में अत्याधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इसे 1,200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यह हवाई अड्डा 65,150 वर्ग मीटर में फैला है और इसे व्यस्त समय में 3,000 यात्रियों और सालाना1 करोड़ यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
बिहार में पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्णिया हवाई अड्डे के नए सिविल एंक्लेव में अंतरिम टर्मिनल भवन का उद्घाटन किए जाने के साथ ही पूर्णिया ने हवाई संपर्क के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। यह नयी सुविधा यात्रियों को संभालने की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करती है और क्षेत्र में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए हवाई अड्डे की स्थिति को मजबूत बनाती है।
गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन

गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की हाल ही में बनकर तैयार हुई नयी इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग लगभग 1.4 लाख वर्ग मीटर में फैली है और इसे सालाना 1.3 करोड़ यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह भारत का पहला प्रकृति-थीम वाला हवाई अड्डा टर्मिनल है। इस हवाई अड्डे का डिज़ाइन “बांबू ऑर्किड्स” थीम के तहत असम की जैव विविधता और सांस्कृतिक धरोहर से प्रेरित है। टर्मिनल में लगभग 140 मीट्रिक टन स्थानीय रूप से प्राप्त पूर्वोत्तर बांस का नवोन्मेषी उपयोग किया गया है। एक अनोखा “स्काई फॉरेस्ट”, जिसमें लगभग एक लाख स्थानीय प्रजातियों के पौधे शामिल हैं, आगमन करने वाले यात्रियों को वन जैसी गहन अनुभूति प्रदान करता है।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
इनमें सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण रहा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 6 अक्टूबर, 2025 को किया। शहर को दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्राप्त हो जाने के साथ ही मुंबई की लंबी प्रतीक्षा समाप्त हो जाने को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हवाई अड्डा इस क्षेत्र को एशिया के सबसे बड़े कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना विकसित भारत के विजन को दर्शाती है। छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर निर्मित इस हवाई अड्डे का आकार कमल के फूल जैसा है, जो संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक है।

कुछ महीने पहले, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 29 मई, 2025 को मध्य प्रदेश के नव विकसित सतना हवाई अड्डे और अपग्रेड किए गए दतिया हवाई अड्डे का आभासी रूप से उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक अवसर बुंदेलखंड और बघेलखंड क्षेत्रों के लिए एक परिवर्तनकारी कदम साबित हुआ। दतिया में उद्घाटन समारोह में नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने अपने संबोधन में कहा,“माँ पीतांबरा के आशीर्वाद से, मध्य प्रदेश के ‘मिनी वृंदावन’ — दतिया को अब कनेक्टिविटी के पंख मिल गए हैं।”
तमिलनाडु के तूथुकुड़ी हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 26 जुलाई, 2025 को तमिलनाडु के तूथुकुड़ी हवाई अड्डे में नये उन्नत टर्मिनल का भी उद्घाटन किया। 450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल अब सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है, जबकि पहले यह क्षमता केवल 3 लाख यात्रियों की थी। तमिलनाडु की अवसंरचना का आधुनिकीकरण करते हुए इसकी पूरी संभावनाओं का लाभ उठाने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अग्रणी तकनीकों के साथ बंदरगाह सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। साथ ही हवाई अड्डों, राजमार्गों और रेलमार्गों के समन्वय जैसी योजनाओं के माध्यम से पूरे राज्य में सहज कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तूथुकुड़ी हवाई अड्डे के नए उन्नत टर्मिनल का उद्घाटन इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

सरकार ने तीन नयी एयरलाइने शुरु करने के लिए एनओसी प्रदान किया
नागर विमानन मंत्रालय ने भारत में नयी एयरलाइनों की शुरुआत के लिए मंजूरी प्रदान की। शंख एयर को जहाँ पहले ही मंत्रालय से एनओसी मिल चुका था, वहीं अल हिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस को दिसंबर 2025 के मध्य में एनओसी प्राप्त हुआ। इस बारे में जानकारी देते हुए नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारतीय आकाश में पंख फैलाने की आकांक्षा रखने वाली नयी एयरलाइनों— शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस — की टीमों से मुलाकात कर प्रसन्नता हुई… मंत्रालय का हमेशा से यही प्रयास रहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों की बदौलत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में से एक भारतीय विमानन में और अधिक एयरलाइनों को प्रोत्साहित किया जाए। उड़ान जैसी योजनाओं ने स्टार एयर, इंडिया वन एयर, फ्लाई91 आदि जैसी छोटी एयरलाइनों को देश में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाया है, और इसमें आगे भी विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं।”

नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने मेसर्स सेलेबी एवं उसकी संबद्ध कंपनियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द की
नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने 15 मई, 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर मेसर्स सेलेबी और उसकी संबद्ध कंपनियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि देश और उसके नागरिकों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। राष्ट्रीय हित और सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर मंत्री महोदय ने कहा: “हम परिचालनों की निगरानी करने और किसी भी उभरती समस्या को वास्तविक समय में हल करने के लिए विशेष टीमें भी तैनात कर रहे हैं। हम देश भर में यात्रा और माल की आवाजाही सुगम बनाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना जारी रखेंगे।”
एमओसीए ने इंडिगो के परिचालन संकट के दौरान उचित और न्यायसंगत किराया सुनिश्चित करने के लिए अपने नियामक अधिकारों का प्रयोग किया

एमओसीए ने व्यवधान के दौरान कुछ एयरलाइनों द्वारा असामान्य रूप से अधिक हवाई किराया वसूले जाने से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लिया। यात्रियों को किसी भी प्रकार के अवसरवादी मूल्य निर्धारण से बचाने के लिए मंत्रालय ने सभी प्रभावित मार्गों पर उचित और तर्कसंगत किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी नियामक शक्तियों का प्रयोग किया। सभी एयरलाइनों को एक आधिकारिक निर्देश जारी कर निर्धारित किराया सीमा का सख्ती से पालन अनिवार्य किया गया। ये सीमाएँ तब तक लागू रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाती। इस निर्देश का उद्देश्य बाज़ार में मूल्य निर्धारण अनुशासन बनाए रखना, संकट से घिरे यात्रियों का शोषण रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और मरीज़ों सहित तत्काल यात्रा की आवश्यकता वाले नागरिकों को इस अवधि के दौरान आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। मंत्रालय वास्तविक समय के आंकड़ों और एयरलाइनों एवं ऑनलाइन यात्रा प्लेटफार्मों के साथ सक्रिय समन्वय के माध्यम से किराया स्तरों पर कड़ी निगरानी बनाए रखना जारी रखे हुए है। निर्धारित मानदंडों की किसी भी प्रकार की अवहेलना व्यापक जनहित में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई का कारण बनेगी।
एमओसीए ने यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (पीएसीआर) की स्थापना की

नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के नेतृत्व में नागर विमानन मंत्रालय ने एक स्थायी, 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (पीएसीआर) स्थापित करने का निर्णय लिया। इस कंट्रोल रूम को यात्री-प्रथम शासन दृष्टिकोण को संस्थागत बनाते हुए विमानन संचालन की वास्तविक समय में निगरानी और यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए कार्यान्वित किया गया।
इस पहल का नेतृत्व नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों की सहायता और संकट प्रबंधन के लिए एक एकीकृत, भविष्य के लिए तैयार और संस्थागत तंत्र स्थापित करना है। पीएसीआर एक एकीकृत केंद्र के रूप में कार्य करता है, जिसमें नागर विमानन मंत्रालय, डीजीसीए, एएआई, एयरलाइन ऑपरेटरों और अन्य प्रमुख हितधारकों के अधिकारी नयी दिल्ली स्थित उड़ान भवन में एक ही छत के नीचे साथ मिलकर काम करते हैं। पीएसीआर चौबीसों घंटे संचालित होता है, जहां विमानन संचालन की लगातार निगरानी की जाती है, यात्रियों की कॉल्स सुनी जाती हैं और वास्तविक समय में सहायता तथा शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी और कुशल समन्वय किया जाता है।



एयरसेवा प्रणाली को भी पूरी तरह पीएसीआर के साथ एकीकृत कर दिया गया है, जिससे इसके माध्यम से प्राप्त यात्री शिकायतों का निर्बाध निपटान संभव हो सका है। एक बहु-चैनल तकनीकी ढाँचा यात्रियों से प्राप्त इनपुट को कार्रवाई योग्य मामलों में बदलता है, जिसे डेटा-आधारित डैशबोर्ड का समर्थन मिलता है। ये डैशबोर्ड शिकायतों के प्रकार, समय-सीमा और संबंधित हितधारकों की कार्रवाई पर लाइव निगरानी उपलब्ध कराते हैं। कंट्रोल रूम में एयरलाइन प्रतिनिधियों की भौतिक मौजूदगी से त्वरित समन्वय और मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो पाता है। सचिव ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया है कि 03 दिसंबर 2025 से अब तक पीएसीआर में केंद्रित निगरानी और त्वरित हस्तक्षेप के माध्यम से 14,000 से अधिक यात्री शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इसके अलावा, परिचालन में बाधा के दौरान यात्रियों को सीधे सहायता देने के लिए 500 से अधिक कॉल-आधारित हस्तक्षेप भी किए गए हैं। उड़ान में देरी, उड़ान रद्द होने, रिफंड और बैगेज से जुड़ी शिकायतों को यात्री चार्टर के प्रावधानों के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।
इसके अलावा नागर विमानन मंत्रालय ने इंडिगो के नेटवर्क में हाल ही में परिचालन संबंधी व्यवधानों और उड़ानों के रद्द होने को गंभीरता से लिया है। नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने नागर विमानन सचिव; महानिदेशक,डीजीसीए; मंत्रालय और एएआई के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इंडिगो के वरिष्ठ प्रबंधन के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, इंडिगो ने उड़ानों के रद्द होने से संबंधित डेटा प्रस्तुत किया और चालक दल की योजना और संशोधित उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) मानदंडों के कार्यान्वयन में चुनौतियों के साथ-साथ मौसम संबंधी बाधाओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्थिति से निपटने के एयरलाइन के तरीके पर स्पष्ट रूप से अपनी नाराज़गी व्यक्त की और ज़ोर देकर कहा कि नयी नियामक आवश्यकताओं के साथ सहज परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त तैयारी का समय उपलब्ध था। मंत्री महोदय ने इंडिगो को तत्काल परिचालन सामान्य करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मौजूदा स्थिति के कारण हवाई किराए में कोई वृद्धि न हो।
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण अधिनियम लागू हुआ
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण विधेयक, 2025 संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा अनुमोदित होने के बाद 16 अप्रैल, 2025 को कानून बन गया। यह कानून नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू के नेतृत्व में पारित किया गया, दूसरा प्रमुख विमानन सुधार है। यह कानून भारत के विमान पट्टे और वित्तपोषण इकोसिस्टम को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाता है। यह अधिनियम 2001 के केप टाउन कन्वेंशन के ढाँचे पर आधारित है, जिसका उद्देश्य इंटरनेशनल लीजिंग समझौतों को सरल बनाना और मानकीकृत करना था। भारत ने इस कन्वेंशन को औपचारिक रूप से 2008 में अपना लिया था, लेकिन कानूनी प्रवर्तन में अंतराल के कारण पट्टे की लागत बढ़ गई जो अन्य देशों की तुलना में आमतौर पर 8 से 10 प्रतिशत अधिक है। इस अधिनियम के साथ, भारत ने उन खामियों को दूर किया है, जिससे विमान वित्तपोषकों को कानूनी निश्चितता मिली है और भारतीय एयरलाइनों के लिए लागत में कमी आई है।
नागर विमानन पर क्षेत्रीय मंत्रियों के सम्मेलन को संस्थागत स्वरूप दिया गया

नागर विमानन पर क्षेत्रीय मंत्रियों के सम्मेलन के रूप में वर्ष 2025 में एक व्यवस्थित परामर्श तंत्र शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य केंद्र–राज्य समन्वय को मजबूत करना है। उत्तरी, पूर्वोत्तर, पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में आयोजित सम्मेलनों के माध्यम से हवाई अड्डा विकास, भूमि अधिग्रहण, कनेक्टिविटी की कमी, एटीसी बाधाओं और नियामकीय स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों का समयबद्ध समाधान संभव हुआ, जिससे विमानन क्षेत्र में सहकारी संघवाद की परिकल्पना को आगे बढ़ाया गया।

नागर विमानन पर उत्तरी क्षेत्र के मंत्रियों का सम्मेलन 2025 उत्तराखंड के देहरादून में 4 जुलाई, 2025 को आयोजित किया गया। नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू के शब्दों में, सम्मेलन का व्यापक दृष्टिकोण देश में विमानन क्षेत्र की अपार संभावनाओं को उजागर करना था। यह सम्मेलन विमानन क्षेत्र में केंद्र–राज्य–उद्योग सहयोग को गहराई देने के उद्देश्य से परिकल्पित क्षेत्रीय सम्मेलनों की श्रृंखला की शुरुआत था। इसमें उत्तरी भारत के विमानन परिदृश्य में कनेक्टिविटी, अवसंरचना और निवेश को सुदृढ़ करने हेतु कार्यान्वयन योग्य रणनीतियों पर केंद्रित विचार-विमर्श किया गया।

नागर विमानन पर पूर्वी क्षेत्र के मंत्रियों का सम्मेलन 2025 भुवनेश्वर में 25 अगस्त, 2025 को आयोजित किया गया। नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने पूर्वी क्षेत्र में नागर विमानन क्षेत्र की तीव्र प्रगति के लिए केंद्र–राज्य–उद्योग सहयोग को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षमता, सशक्त पर्यटन आधार, तटीय पहुँच और आकांक्षी टियर-II शहरों के कारण पूर्वी क्षेत्र की कनेक्टिविटी संबंधी आवश्यकताएँ विविधताओं से भरपूर हैं और इनमें भारत को वैश्विक विमानन शक्ति बनाने की दिशा में प्रमुख प्रेरक बनने की अपार क्षमता है। उन्होंने केंद्र सरकार के निरंतर समर्थन का आश्वासन देते हुए यह भी रेखांकित किया कि विमानन अब विलासिता नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ का एक महत्वपूर्ण सक्षमकर्ता बन चुका है।
नागर विमानन पर तृतीय पूर्वोत्तर क्षेत्र के मंत्रियों का सम्मेलन 2025 एवं तृतीय पूर्वोत्तर विमानन शिखर सम्मेलन 4 सितंबर, 2025 को ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश में आयोजित किया गया। नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में नागर विमानन क्षेत्र की तीव्र प्रगति के लिए केंद्र–राज्य–उद्योग सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्नत हवाई कनेक्टिविटी दूरदराज़ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुँच में सुधार लाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, कार्गो और लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाने तथा अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर क्षेत्र में औद्योगिक एवं सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने के लिए अत्यंत आवश्यक है। पूर्वोत्तर क्षेत्र की मजबूत पर्यटन संभावनाओं को साकार करने के लिए कनेक्टिविटी संबंधी चुनौतियों का त्वरित समाधान जरूरी है। साथ ही, क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार सृजन को तेज़ी से आगे बढ़ाने हेतु कौशल विकास पहलों में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग-प्रेरित विमानन इकोसिस्टम इन दोनों आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से पूरा कर सकता है।

नागर विमानन पर पश्चिमी क्षेत्र के मंत्रियों का सम्मेलन 11 जुलाई, 2025 को मुंबई में नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए) द्वारा फिक्की के सहयोग से आयोजित किया गया। यह सम्मेलन विमानन क्षेत्र में केंद्र–राज्य सहयोग को मजबूत करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की व्यापक पहल का हिस्सा था। मुंबई में आयोजित इस सम्मेलन में नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने भाग लिया। यह आयोजन विमानन क्षेत्र में केंद्र–राज्य सहयोग को सुदृढ़ करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की व्यापक पहल का हिस्सा था। यह सम्मेलन उत्तरी क्षेत्र के मंत्रियों के सम्मेलन की सफलता के बाद संपन्न हुआ। यह सम्मेलन मंत्री द्वारा प्रारंभ की गई क्षेत्रीय विमानन सम्मेलनों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भारत की विमानन विकास यात्रा में समान भागीदार बनाना है। मजबूत औद्योगिक आधार, अनुकूल उड़ान परिस्थितियों और व्यापक पर्यटन संभावनाओं के साथ, पश्चिमी क्षेत्र केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि विश्व भर के लिए विमानन, एमआरओ और फ्लाइट प्रशिक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की पूरी क्षमता रखता है।
पुणे में 7वें हेलीकॉप्टर एवं लघु विमान शिखर सम्मेलन का आयोजन; समर्पित हेलीकॉप्टर निदेशालय की घोषणा

पुणे में 7वें हेलीकॉप्टर एवं लघु विमान शिखर सम्मेलन के दौरान, दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी, आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और परिचालन में सुधार लाते हुए रोटरी-विंग सेक्टर पर केंद्रित रूप से नीतिगत ध्यान देने के लिए एक परिवर्तनकारी संरचनात्मक सुधार लाने पर चर्चा हुई। यह सम्मेलन 24 जून, 2025 को पुणे में आयोजित किया गया। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने भविष्य के विमानन इकोसिस्टम के आवश्यक घटकों के रूप में हेलीकॉप्टर और छोटे विमानों को बढ़ावा देने के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि विमानन का अगला दशक केवल बड़े विमानों और बड़े हवाई अड्डों से ही नहीं, बल्कि आधुनिक और समावेशी हवाई समाधानों से परिभाषित होगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में, हेलीकॉप्टर और छोटे विमानों की उड़ान का फायदा सभी तक पहुंचाना हमारे मिशन के केंद्र में हैं।” केंद्रीय मंत्री ने एकल खिड़की विनियामक निरीक्षण प्रदान करने, हेलीकॉप्टर-केंद्रित सुरक्षा और प्रमाणन मुद्दों का समाधान करने और ऑपरेटरों को प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं में सहायता देने के उद्देश्य से डीजीसीए के तहत एक समर्पित हेलीकॉप्टर निदेशालय की स्थापना की घोषणा की। केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने कई प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला और कहा, “हम अपनी हवाई यातायात प्रणालियों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं, हरित ईंधन अपनाने को बढ़ावा दे रहे हैं और ईवीटीओएल जैसे भविष्य के विमानों को नीतिगत प्राथमिकताओं के दायरे में ला रहे हैं। ”
एएआईबी में फ्लाइट रिकॉर्डर्स प्रयोगशाला का उद्घाटन
भारत की विमानन सुरक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण उन्नयन, दुर्घटना जांच क्षमताओं को मजबूती प्रदान करते हुए और सुरक्षा-संवेदनशील अवसंरचना में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने 9 अप्रैल, 2025 को नयी दिल्ली के उड़ान भवन में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) में अत्याधुनिक डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (डीएफडीआर और सीवीआर) प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। आमतौर पर "ब्लैक बॉक्स लैब" के नाम से संदर्भित इस अत्याधुनिक सुविधा की स्थापना 9 करोड़ रुपये के निवेश से की गई है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री राममोहन नायडू ने विमानन सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने में इस नयी सुविधा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत को दुर्घटनाओं के मूल कारणों की अधिक प्रभावी ढंग से पहचान करने तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने में सक्षम बनाकर सुरक्षित विमानन इकोसिस्टम के एक कदम करीब ले आएगी, जो विमानन सुरक्षा की आधारशिला है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल प्रभावी और स्वतंत्र जांच के माध्यम से ही भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
एएआईबी, एमओसीए ने 4-दिवसीय एपीएसी-एआईजी बैठक आयोजित की
नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने राष्ट्रीय राजधानी में 28-31 अक्टूबर 2025 को चार दिवसीय एशिया प्रशांत दुर्घटना जांच समूह (एपीएसी-एआईजी) बैठक और कार्यशाला का उद्घाटन किया। श्री समीर कुमार सिन्हा ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत ने विमान दुर्घटनाओं की जांच के लिए विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 के रूप में आईसीएओ अनुलग्नक 13 के मानकों को अपनाया है। एएआईबी के महानिदेशक श्री जीवीजी युगंधर ने जांचकर्ताओं को गहन जांच और सुझाव देकर वैश्विक स्तर पर दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने की दिशा में काम करने की सलाह दी। उन्होंने खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए सदस्य देशों को भारतीय विमानन प्रयोगशाला सुविधाओं की पेशकश की। आईसीएओ एपीएसी-एआईजी के अध्यक्ष श्री स्टुअर्ट गॉडली और सचिव श्री अनम ने प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
भारत आईसीएओ के भाग-II के लिए पुनः निर्वाचित
भारत को संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट एजेंसी- अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) की परिषद के भाग-II के लिए पुनः निर्वाचित किया गया है। भाग-II में अंतरराष्ट्रीय नागरिक हवाई नौवहन के लिए सुविधाओं के प्रावधान में सबसे बड़ा योगदान देने वाले देश शामिल हैं। यह चुनाव 27 सितंबर 2025 को मॉन्ट्रियल में आयोजित आईसीएओ के 42वें अधिवेशन के दौरान हुआ। भारत ने वर्ष 2022 के चुनावों की तुलना में अधिक वोट हासिल किए, जो सदस्य देशों के बीच भारत के नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के प्रति प्रतिबद्धता में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। इससे पहले, 2 सितंबर 2025 को, नागर विमानन मंत्रालय ने 42वें आईसीएओ अधिवेशन से पहले नयी दिल्ली में राजदूतों और उच्चायुक्तों के लिए एक स्वागत समारोह का आयोजन किया था। इस अवसर पर, नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने वर्ष 2025- 2028 तक के कार्यकाल के लिए पुनः चुनाव के लिए भारत की उम्मीदवारी के लिए सदस्य देशों से समर्थन मांगा था।
महानिदेशक (नागर विमानन) श्री फैज़ अहमद किदवई को 23 सितंबर, 2025 को आईसीएओ मॉन्ट्रियल में एसेम्बली के 42वें सत्र के दौरान एक समारोह में आईसीएओ काउंसिल अध्यक्ष प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ। यह प्रमाणपत्र प्रभावी विमानन निरीक्षण प्रणाली स्थापित करने में भारत की प्रगति और आईसीएओ के मानक और अनुशंसित प्रथाओं के कार्यान्वयन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को मान्यता देने के लिए दिया गया।

एसएएफ व्यवहार्यता रिपोर्ट पेश की गई –टिकाऊ विमानन ईंधन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने के लिए भारत का रोडमैप
भारत ने अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) की एसीटी-एसएएफ परियोजना (एसएएफ के लिए सहायता, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण) में भाग लिया है। इस परियोजना का उद्देश्य आईसीएओ सदस्य देशों को एसएएफ के विकास और कार्यान्वयन में पूरी क्षमता हासिल करने में मदद करना है, जिसमें व्यवहार्यता अध्ययन आयोजित करना शामिल है। नागर विमानन मंत्रालय ने, अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) की भागीदारी और यूरोपीय संघ के समर्थन से, 3 सितंबर, 2025 को भारत के लिए टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) व्यवहार्यता अध्ययन आधिकारिक रूप से जारी किया। लॉन्च कार्यक्रम को केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू, नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा, नागर विमानन महानिदेशक श्री फैज अहमद और सुश्री जेन हूपे, उप निदेशक एनवायर्नमेंट, एयर ट्रांसपोर्ट ब्यूरो, आईसीएओ ने संबोधित किया।

इस विशिष्ट कार्यक्रम में हितधारकों का स्वागत करते हुए मंत्री महोदय ने भारत के टिकाऊ विमानन विकास को आगे बढ़ाने में एसएएफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने एसएएफ उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की भारत की तत्परता को पुनः रेखांकित किया और बताया कि भारत सीओआरएसआईए के तहत अनिवार्यता के अनुसार 2027 तक 1% ब्लेंडिंग, 2028 तक 2% और 2030 तक 5% ब्लेंडिंग हासिल करने का लक्ष्य रख रहा है। मंत्री महोदय ने कहा, “एसएएफ विमानन क्षेत्र को कार्बनमुक्त करने का एक व्यावहारिक और तात्कालिक समाधान है, जिसमें पारंपरिक ईंधन की तुलना में जीवनचक्र CO₂ उत्सर्जन में 80 प्रतिशत तक की कटौती करने की क्षमता है।”
आईसीएओ एसीटी-एसएएफ कार्यक्रम के तहत किया गया यह व्यवहार्यता अध्ययन भारत में ड्रॉप-इन एसएएफ के उत्पादन और उपयोग की संभावनाओं का आकलन करता है। यह अध्ययन घरेलू फीडस्टॉक की उपलब्धता, व्यवहार्य उत्पादन मार्गों, बुनियादी ढाँचे और नीतिगत तत्परता तथा एक मज़बूत घरेलू एसएएफ बाज़ार स्थापित करने के लिए आवश्यक अनुकूल परिस्थितियों का मूल्यांकन करता है। अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं का उपयोग करते हुए और उन्हें भारत के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय संदर्भ के अनुरूप ढालते हुए यह रिपोर्ट टिकाऊ ईंधन अपनाने का रोडमैप प्रस्तुत करती है।
एसएएफ व्यवहार्यता रिपोर्ट भारत में मज़बूत एसएएफ इकोसिस्टम बनाने की नागर विमानन मंत्रालय की प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विजन एक दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचे पर आधारित है जो टिकाऊ विमानन ईंधन के उत्पादन और उपयोग दोनों का समर्थन करता है। मज़बूत आपूर्ति-पक्ष गतिशीलता और ऊर्जा फसलों, कृषि अपशिष्ट और नगरपालिका ठोस अपशिष्ट जैसे कम कार्बन-तीव्रता वाले फीडस्टॉक्स के महत्वपूर्ण स्रोतों के साथ भारत में एसएएफ उत्पादन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं हैं।
कोटा–बूंदी (राजस्थान) में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे को मंत्रिमंडल की मंजूरी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 19 अगस्त, 2025 को 1,507.00 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कोटा-बूंदी (राजस्थान) में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा विकसित करने के भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राजस्थान सरकार ने ए-321 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित करने हेतु एएआई को 440.06 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित की है। इस परियोजना में 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक टर्मिनल भवन का निर्माण किया जाएगा, जो व्यस्त समय के दौरान 1000 यात्रियों (पीएचपी) को संभालने में सक्षम होगा और जिसकी वार्षिक यात्री संभालने की क्षमता 20 लाख यात्री प्रति वर्ष (एमपीपीए) होगी।
रिकॉर्ड संख्या में जारी किए गए कमर्शियल पायलट लाइसेंस
डीजीसीए ने 2024 में 1,628 कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) जारी किए, जो भारतीय नागर विमानन के इतिहास में अब तक के सर्वाधिक हैं। यह 2023 से 06 सीपीएल ज़्यादा है, जो अब तक की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। वह भी तब जब मानव शक्ति 2023 के लगभग आधे के बराबर है। पिछले आठ साल में सीपीएल की संख्या 2.5 गुना से ज़्यादा बढ़ाई गई है। पिछले सालों में भारत में जारी किए गए सीपीएल की संख्या इस तरह है: 2018 में 640, 2019 में 744, 2020 में 578, 2021 में 862, 2022 में 1,165, 2023 में 1,622 और 2024 में 1,347
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, एमओसीए ने नियमित हवाई किराए सुनिश्चित किए
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए दुखद आतंकवादी हमले के मद्देनज़र, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने प्रभावित पर्यटकों और पीड़ितों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाए। तत्काल राहत उपायों के रूप में, श्रीनगर से चार विशेष उड़ानों - दो दिल्ली और दो मुंबई के लिए- की व्यवस्था की गई, साथ ही इसके बाद की निकासी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त उड़ानों को तैयार रखा गया। श्री राममोहन नायडू ने सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ एक तत्काल बैठक बुलाते हुए किरायों में बढ़ोतरी के खिलाफ सख्त निर्देश जारी करते हुए एयरलाइनों को नियमित किराया स्तर बनाए रखने को कहा।
महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज हवाई अड्डे का उन्नयन
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज हवाई अड्डे पर हवाई यातायात में अनुमानित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, हवाई अड्डे में काफी बदलाव और उन्नयन किया गया। टर्मिनल क्षेत्र को 6,700 वर्गमीटर से बढ़ाकर 18,500 वर्गमीटर कर दिया गया, जिससे व्यस्त समय में यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़कर 2,700 यात्री हो गई। अधिक चेक-इन काउंटर, बैगेज बेल्ट और पार्किंग बे सहित बुनियादी ढाँचे में हुए इस सुधार ने हवाई अड्डे को महाकुंभ तीर्थयात्रा के दौरान 5,80,000 से अधिक यात्रियों के आवागमन को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने में मदद की।
भारत ने एक ही दिन में 3,356 घरेलू उड़ानों पर 5.38 लाख से अधिक घरेलू यात्रियों को ले जाकर एक और उपलब्धि हासिल की
नागर विमानन क्षेत्र ने 23 नवंबर, 2025 को ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस दिन एयरलाइंस ने देश भर में 5,38,429 घरेलू यात्रियों को प्रस्थान कराया। यह इतिहास में किसी एक दिन का सबसे अधिक यात्रियों का आंकड़ा है। यह इतिहास में एक दिन का सबसे ज़्यादा यातायात है। पिछले तीन वर्षों में घरेलू यात्री संख्या लगातार 5 लाख के आंकड़े को कई बार पार कर चुकी है, जो वैश्विक विमानन परिदृश्य में भारत के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। 23 नवंबर, 2025 को अनुमोदित शेड्यूल फ़्लाइट्स में से 88.66 प्रतिशत, 3,356 विमानों ने उड़ान भरी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर, 2016 को उड़ान – “उड़े देश का आम नागरिक” योजना शुरू की थी, जिसके बाद से यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह उपलब्धि इस क्षेत्र के तेज़ी से बढ़ने को दिखाती है, जिसे बेहतर कनेक्टिविटी, यात्रियों के अनुकूल नीतियों और किफायती हवाई यात्रा तक पहुँच बढ़ने से मदद मिली है। यह यात्रियों को भरोसेमंद और अच्छी सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एयरलाइंस से लेकर हवाई अड्डा ऑपरेटरों तक, सभी हितधारकों की बेजोड़ कोशिशों को दिखाता है।
नागर विमानन मंत्रालय क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (उड़ान), ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों का विकास और यात्री सेवाओं का डिजिटलीकरण जैसी पहलों के माध्यम से लगातार इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह उपलब्धि भारत के विमानन उद्योग के लचीलेपन और क्षमता का प्रमाण है जो राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में एक प्रमुख चालक के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूती प्रदान करती है।
एयरबस और महिंद्रा एयरोस्ट्रक्चर्स ने एच130 हेलीकॉप्टर के फ्यूजलेज के निर्माण हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने एक विशिष्ट कार्यक्रम में 09 अप्रैल, 2025 को एयरबस और महिंद्रा एयरोस्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के बीच एच130 हेलीकॉप्टर के फ्यूजलेज या ढाँचे के निर्माण हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित समारोह की अध्यक्षता की। यह सहयोग भारत की विमानन यात्रा में एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो देश की औद्योगिक क्षमता के प्रति वैश्विक विश्वास को और मजबूत करता है। महिंद्रा एयरोस्ट्रक्चर और एयरबस के बीच साझेदारी विमानन क्षेत्र में भारत की प्रगति और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पायलटों के लिए डिजिटल लाइसेंस की शुरुआत

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने 20 फरवरी, 2025 को पायलटों के लिए इलेक्ट्रॉनिक पर्सनेल लाइसेंस (ईपीएल) का शुभारंभ किया, जो भारत के नागर विमानन क्षेत्र को आधुनिक बनाने और उसकी सुरक्षा, संरक्षा और दक्षता को बेहतर बनाने की दिशा में एक अभूतपूर्व पहल है। इस प्रगति के साथ भारत अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) से अनुमोदन के बाद इस उन्नत प्रणाली को लागू करने वाला विश्व का दूसरा देश बन गया है। ईपीएल कार्मिक लाइसेंस का डिजिटल संस्करण है, जो पायलटों के पारंपरिक भौतिक लाइसेंस की जगह लेगा। यह ईजीसीए मोबाइल ऐप के माध्यम से सुरक्षित रूप से सुलभ होगा, जो भारत सरकार की "व्यापार करने में सुगमता" और "डिजिटल इंडिया" पहलों के अनुरूप सहज और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।
गांधीनगर में दूसरा ‘‘भारत विमान लीजिंग एवं वित्तपोषण शिखर सम्मेलन’’

केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के सहयोग से गुजरात के गांधीनगर में 07 मार्च, 2025 को दूसरा ‘‘भारत विमान लीजिंग एवं वित्तपोषण शिखर सम्मेलन’’ आयोजित किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री राममोहन नायडू ने कहा कि वर्तमान समय में जीआईएफटी सिटी की तुलना किसी भी वैश्विक वित्तीय केंद्र से की जा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत किसी के साथ प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश नहीं कर रहा है। विचार यह है कि भारत को बड़े बाजार के कारण विशाल अवसर को नहीं खोना चाहिए, जो ऐसे और अधिक प्रतिभागियों को समाहित कर सकता है।
भारतीय विमानन अकादमी में करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने स्कूली छात्रों के लिए 'विमानन में करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम' की शुरुआत की। इसका उद्घाटन सत्र भारतीय विमानन अकादमी, नयी दिल्ली में 09 अप्रैल, 2025 को आयोजित किया गया। इस पहल के उद्देश्यों में कक्षा 11 और 12 के छात्रों को विमानन क्षेत्र में विविध करियर क्षेत्रों जैसे पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से लेकर विमान डिजाइन, हवाई अड्डे के प्रबंधन सहित विमानन क्षेत्र से जुड़े अन्य व्यवसायों के लिए प्रेरित और शिक्षित करना शामिल है। भारत के सबसे युवा कैबिनेट मंत्री, नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “हम उस उत्साह को सहेजना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि विमानन में ज़्यादा से ज़्यादा लोग शामिल हों। भारतीय विमानन जिस तरह से बढ़ रहा है, वैसा किसी और देश में नहीं है।”
एमओसीए ने एलायंस एयर की ‘फेयर से फुर्सत’ निश्चित हवाई किराया योजना शुरू की

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने 13 अक्टूबर, 2025 को भारत की सरकारी स्वामित्व वाली क्षेत्रीय एयरलाइन, एलायंस एयर की 'फेयर से फुर्सत' पहल का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य यात्रियों को लगातार बदलते हवाई किरायों के तनाव से मुक्ति दिलाना और देश में उड़ान को आसान बनाना है। इस योजना के तहत, एलायंस एयर ने एकल, निश्चित किराया पेश किया, जो बुकिंग की तारीख की परवाह किए बगैर स्थिर रहा, यहाँ तक कि प्रस्थान के दिन भी।
इस पहल को 13 अक्टूबर से 31 दिसंबर, 2025 तक चुनिंदा मार्गों पर प्रायोगिक आधार पर लागू किया गया, ताकि इसकी परिचालन व्यवहार्यता और यात्रियों की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन किया जा सके। इसके उद्घाटन के अवसर पर मंत्री महोदय ने कहा,“‘फेयर से फुर्सत’ योजना उड़ान योजना के मूल सिद्धांतों के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।
आज, एलायंस एयर विमानन को सबके लिए सुलभ बनाने तथा इसे मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग और नव-मध्यम वर्ग के लिए किफायती बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आगे बढ़ा रही है।” निश्चित किराया प्रणाली उतार-चढ़ाव वाले हवाई किराए से जुड़ी अनिश्चितता और तनाव को दूर करती है, जिससे अंतिम समय की बुकिंग के लिए भी लागत का पूर्वानुमान सुनिश्चित होता है।
मणिपुर के लिए एलायंस एयर की नई उड़ानों की शुरुआत
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने 15 जनवरी, 2025 को तीन मार्गों पर एलायंस एयर की उड़ानों को हरी झंडी दिखाई, जिसमें दो नए मार्ग भी शामिल हैं। एलायंस एयर अब इम्फाल-कोलकाता और इम्फाल-गुवाहाटी के बीच उड़ान सेवाएँ प्रदान कर रही है इसके अलावा इम्फाल-दीमापुर मार्ग पर भी अतिरिक्त उड़ाने संचालित कर रही है। ये उड़ानें मणिपुर सरकार की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) सहायता से चालू की गई हैं। अपने संबोधन में श्री राममोहन नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार 'एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट, एक्ट फर्स्ट' की नीति के तहत पूर्वोत्तर के विकास को देश के बाकी हिस्सों के बराबर लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महाराष्ट्र में कोल्हापुर हवाई अड्डे पर नए एटीसी टॉवर का उद्घाटन

केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने 15 मई, 2025 को कोल्हापुर हवाई अड्डे पर नए एटीसी टॉवर सह तकनीकी ब्लॉक सह अग्निशमन केंद्र का उद्घाटन किया और महाराष्ट्र में कोल्हापुर और नागपुर के बीच स्टार एयर की पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू के सक्रिय मार्गदर्शन में, इन उन्नयनों का उद्देश्य हवाई सुरक्षा को बढ़ाना, आपातकालीन सेवाओं को बढ़ावा देना और महाराष्ट्र भर में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाना है। मंत्री महोदय ने हर क्षेत्र को आधुनिक और समावेशी विमानन बुनियादी ढाँचे से लाभ सुनिश्चित कराने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी।
जीएसटी दरों के युक्तिकरण का सकारात्मक प्रभाव
जीएसटी परिषद की 56 वीं बैठक द्वारा अनुमोदित जीएसटी सुधार भारत के तेजी से बढ़ते ड्रोन इकोसिस्टम सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास में सहायक हैं। इससे पहले, एकीकृत कैमरों वाले ड्रोन पर जीएसटी दर 18% और निजी इस्तेमाल के लिए वर्गीकृत ड्रोन पर 28% थी। नए सुधारों के तहत, सभी तरह के ड्रोन पर 5% की एक समान जीएसटी दर लागू की गई है, चाहे कैमरा एकीकृत हो या अलग, और चाहे उनका इस्तेमाल व्यावसायिक हो या निजी। यह सुधार मजबूत, सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी ड्रोन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के भारत सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है। नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने इन सुधारों की सराहना करते हुए कहा, “5% और 18% की सरल दो-स्लैब संरचना के साथ जीएसटी दरों को युक्ति संगत बनाना भारत के अप्रत्यक्ष कराधान में अब तक का सबसे बड़ा सुधार है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में, हम आत्मनिर्भर भारत को आधार बनाकर विकसित भारत 2047 के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं।”
डीजीसीए ने पायलट चिकित्सा जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए 10 नए एयरोमेडिकल मूल्यांकन केंद्रों को मंजूरी दी
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने डीजीसीए लाइसेंस धारकों के लिए चिकित्सा जांच की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने और उसमें तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश भर में 10 नए एयरोमेडिकल मूल्यांकन केंद्रों के पैनल को मंजूरी दी है। एयरोमेडिकल मूल्यांकन केंद्रों की मंजूरी से डीजीसीए क्लास 1, 2 और 3 चिकित्सा परीक्षण करने की समग्र क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे भारत में पायलटों के लिए चिकित्सा परीक्षण सुविधाओं तक जल्द और समय पर पहुँच सुनिश्चित होगी। इससे पहले आठ केंद्रों को क्लास 1 प्रारंभिक चिकित्सा जांच की मंजूरी के साथ डीजीसीए द्वारा सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि इन नए केंद्रों को स्पेशल, पोस्ट टेम्पररी अनफिट मेडिकल और तो और आयु विशिष्ट चिकित्सा परीक्षणों सहित डीजीसीए के समस्त प्रकार के चिकित्सा परीक्षणों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये केंद्र भारत भर के भौगोलिक स्थानों पर रणनीतिक रूप से स्थापित किए गए हैं।
एमओसीए ने उड़ान की 9वीं वर्षगाँठ मनाई

नागर विमानन मंत्रालय ने 21 अक्टूबर, 2025 को क्षेत्रीय संपर्क योजना - उड़ान की 9वीं वर्षगाँठ मनाई। नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने इस बात को रेखांकित किया कि उड़ान योजना को 21 अक्टूबर 2016 को राष्ट्रीय नागर विमानन नीति के अंतर्गत प्रारंभ किया गया था। यह एक परिवर्तनकारी पहल रही है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ और किफ़ायती बनाना है। इस योजना के अंतर्गत 15 हेलीपोर्ट और 2 एयरोड्रोम सहित 93 अप्रयुक्त और अल्प प्रयुक्त हवाई अड्डों को जोड़ने वाले 657 मार्गों का संचालन शुरू किया गया है, जिससे 3.34 लाख उड़ान फ्लाइटों के माध्यम से 1.59 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ हुआ है। एयरलाइन ऑपरेटरों और क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचे को समर्थन देने के लिए सरकार ने व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) के रूप में 4,465 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है और आरसीएस के तहत हवाई अड्डे के विकास में 4,639 करोड़ रुपये का निवेश किया है। सचिव ने विस्तारित उड़ान फ्रेमवर्क के माध्यम से अप्रैल 2027 के बाद भी इस योजना को जारी रखने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसमें पर्वतीय, पूर्वोत्तर और आकांक्षी क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी और लगभग 120 नए गंतव्यों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
डीजीसीए ने विमान चालक दल के लिए परीक्षा वेबसाइट के माध्यम से कंप्यूटर नंबरों का स्वतः सृजन शुरू किया
नागर विमान महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 16 अक्टूबर 2025 से परीक्षा वेबसाइट/पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले फ्लाइट क्रू (एफसी) उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर नंबरों का स्वतः सृजन शुरू किया है।
चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वयन:
चरण I : सीबीएसई बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर नंबरों का स्वतः सृजन उपलब्ध होगा, जो डिजिलॉकर के माध्यम से सफल सत्यापन के अधीन होगा।
बाद के चरण: यह सुविधा अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड के उम्मीदवारों को भी दी जाएगी जिनकी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट/प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध हैं।
डीजीसीए द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार, डीजीसीए परीक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा करने पर ऑटो-जनरेशन प्रणाली स्वचालित रूप से तुरंत एक कंप्यूटर नंबर आवंटित करेगी। इस पहल का उद्देश्य डिजिलॉकर सुविधा का उपयोग करना, आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, व्यापार करने में आसानी बढ़ाना और हाथ से दस्तावेज़ जमा करने और सत्यापन की प्रक्रिया को समाप्त करना है। यह कदम नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू द्वारा ईजीसीए और अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से डीजीसीए/बीसीएएस कार्यालयों में सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने से संबंधित बड़ी पहल और निर्देशों का हिस्सा है ताकि उड़ान में आसानी और छात्रों/पायलटों/और हितधारकों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया के साथ बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के अनुमोदन प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।
डीजीसीए द्वारा स्वीकृत फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों (एफटीओ) के लिए रैंकिंग प्रणाली
डीजीसीए ने 8 जुलाई, 2025 को जारी सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से अपनी स्वीकृति के तहत संचालन करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों (एफटीओ) के लिए रैंकिंग फ्रेमवर्क की शुरुआत की घोषणा की। डीजीसीए द्वारा स्वीकृत एफटीओ के लिए रैंकिंग प्रणाली की शुरुआत भारत में 1 अक्टूबर, 2025 से लागू की जा रही है। यह रैंकिंग अर्धवार्षिक रूप से प्रकाशित की जाएगी अर्थात अगली रैंकिंग 1 अप्रैल, 2026 को प्रकाशित होगी। एफटीओ रैंकिंग का वर्गीकरण संशोधित किया गया है और यह हर एफटीओ को मिले कुल अंकों के आधार पर होगा, जो इस तरह है-

• 85% और उससे ज़्यादा A+
• 70% से 85% से कम A
• 70% से 50% तक B
• 50% से कम C
श्रेणी ‘सी’ में आने वाले एफटीओ को डीजीसीए की ओर से नोटिस भेजकर प्रदर्शन में सुधार लाने हेतु आत्म-विश्लेषण करने को कहा जाएगा।
भारत के एमआरओ और विमानन विनिर्माण इकोसिस्टम को और मजबूती प्रदान की गई

भारत की एयरोस्पेस आत्मनिर्भरता को व्यापक मजबूती प्राप्त हुई है। हैदराबाद में नव-उद्घाटित सफ्रान लीप इंजन एमआरओ सुविधा ने देश में विश्व-स्तरीय रखरखाव क्षमता स्थापित की है, विदेशी निर्भरता को कम किया है, उच्च-कौशल रोजगार सृजित किए हैं और आत्मनिर्भर विमानन की दिशा में हमारी यात्रा को तेज़ किया है। सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज, हैदराबाद के परिचालन की शुरुआत तथा भारत में थेल्स की पहली एवियोनिक्स एमआरओ सुविधा के संचालन से देश के भीतर रखरखाव क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और भारत एक वैश्विक एमआरओ हब के रूप में स्थापित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

क्षेत्रीय हवाई संपर्क में उल्लेखनीय विस्तार
हिंडन हवाई अड्डे सहित कई नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्ग शुरू किए गए हैं और आंध्र प्रदेश, एनसीआर और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बेहतर हवाई संपर्क स्थापित हुआ है, जो उड़ान योजना और क्षेत्रीय संपर्क की परिकल्पना को सशक्त समर्थन प्रदान करता है।
डीजीसीए ने सुरक्षा सेमिनार 2025 का आयोजन किया

नागर विमानन मंत्रालय के तहत नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने नयी दिल्ली में भारतीय विमानन अकादमी में 19 दिसम्बर, 2025 को सुरक्षा सेमिनार 2025 का सफल आयोजन किया। सेमिनार का विषय "सहयोग के माध्यम से विमानन सुरक्षा बढ़ाना" था, जिसमें एमओसीए, डीजीसीए के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के दिग्गज और भारत के नागर विमानन इकोसिस्टम के विमानन पेशेवर शामिल हुए। इस सेमिनार का उद्घाटन नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “सुरक्षा कोई निश्चित गंतव्य नहीं, अपितु निरंतर चलने वाली यात्रा है - जिसके लिए सतर्कता, अनुपालन और जवाबदेही अपेक्षित है।” उन्होंने उदाहरणों के जरिए सुरक्षा से जुड़ी अहम चिंताओं को साफ तौर पर समझाया, जिसका दर्शकों पर गहरा असर हुआ और सुरक्षित विमानन माहौल बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूती मिली।
2025 में छह और उड़ान यात्री कैफे खोले गए

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने 27 फरवरी, 2025 को चेन्नई हवाई अड्डे पर दूसरे उड़ान यात्री कैफे का उद्घाटन किया, जो इस अभूतपूर्व पहल के तहत दूसरी सुविधा है। प्रथम उड़ान यात्री कैफे 19 दिसंबर, 2024 को कोलकाता के ऐतिहासिक नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की 100वीं वर्षगांठ पर खोला गया था। ये कैफ़े विशेष रूप से तैयार किया गया मेनू किफ़ायती कीमतों पर उपलब्ध कराते हैं, जिससे यात्रियों को उचित लागत पर गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। इससे मूल्य से समझौता किए बिना उनकी यात्रा का अनुभव बेहतर होता है। यात्रियों के बीच इन कैफ़े को जबरदस्त सफलता मिली है। यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए इस पहल का अब देशभर में विस्तार किया जा रहा है। अहमदाबाद, पुणे, भुवनेश्वर, होलोंगी और विजयवाड़ा हवाई अड्डों पर पाँच नए कैफ़े पहले ही शुरू किए जा चुके हैं, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है।
मालदीव में पुनर्विकसित हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विशेष दूत के रूप में मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज़्ज़ू के साथ पुनर्विकसित हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन में भाग लिया। एटोल क्षेत्र में एयरोब्रिज से सुसज्जित यह अपनी तरह की प्रथम ऐतिहासिक परियोजना भारत–मालदीव साझेदारी में एक नया मील का पत्थर है और बेहतर क्षेत्रीय संपर्क व विकास के लिए भारत के साझा विजन को दर्शाती है। हनीमाधू परियोजना भारत की पड़ोसी पहले नीति के तहत सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह भारत और मालदीव के बीच समृद्धि, प्रगति तथा जनता के बीच मजबूत पारस्परिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है।

मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने कहा कि भारत के सहयोग ने मालदीव के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मालदीव के राष्ट्रपति ने हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का समय पर उद्घाटन सुनिश्चित करने में भारत की सहायता के लिए विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिससे विकास को गति मिली और वैश्विक संपर्क सुदृढ़ हुआ। उन्होंने कहा कि मालदीव के विकास के एजेंडे में भारत दृढ़ और भरोसेमंद साझेदार बना हुआ है तथा वर्तमान में जारी विकास परियोजनाओं की अविलंब पूर्णता और संचालन सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग बने रहने का विश्वास व्यक्त किया। नागर विमानन मंत्री ने मालदीव की सीप्लेन सुविधाओं का भी दौरा किया। मालदीव स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सीप्लेन के विशालतम बेड़े के संचालन में द्वीपीय राष्ट्र का अनुभव भारत के लिए अनुकरणीय और उपयोगी सिद्ध होगा।
भारत में आईएटीए की वार्षिक महासभा का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय विमान परिवहन संघ (आईएटीए) की 81वीं वार्षिक महासभा (एजीएम) और वर्ल्ड एयर ट्रांसपोर्ट समिट (डब्ल्यूएटीएस) का 1-3 जून 2025 को नयी दिल्ली के भारत मंडपम – कन्वेंशन सेंटर में आयोजन किया गया, जिसकी मेज़बानी इंडिगो ने की। आईएटीए की 81वीं एजीएम और डब्ल्यूएटीएस में एयरलाइनों, विमानन मूल्य श्रृंखला और सरकारों के शीर्ष नेतृत्व ने भाग लिया। इससे पूर्व भारत में 42 साल पहले 1983 में यह एजीएम आयोजित हुई थी। विश्वस्तरीय विमानन अवसंरचना विकसित करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2 जून 2025 को नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आईएटीए की 81वीं वार्षिक महासभा (एजीएम) और वर्ल्ड एयर ट्रांसपोर्ट समिट (डब्ल्यूएटीएस) के पूर्ण सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने अतिथियों का स्वागत किया और चार दशकों बाद भारत में इस कार्यक्रम के लौटने के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने इस अवधि में भारत हुए गहन बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि आज का भारत पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वासी है। उन्होंने वैश्विक विमानन इकोसिस्टम में भारत की भूमिका को रेखांकित किया, जो केवल एक विशाल बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि नीतिगत नेतृत्व, नवाचार और समावेशी विकास के प्रतीक के रूप में भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत अंतरिक्ष और विमानन के संगम में ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है”, और इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि पिछले दशक में नागर विमानन क्षेत्र ने ऐतिहासिक प्रगति देखी है, जिसे व्यापक रूप से सराहा गया है। प्रधानमंत्री ने भारत के विमानन क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाले तीन मूल स्तंभों को रेखांकित किया: पहला विशाल बाजार – केवल उपभोक्ताओं का समूह नहीं, बल्कि भारत के महत्वाकांक्षी समाज का प्रतिबिंब है। दूसरा, मजबूत जनसांख्यिकी और प्रतिभा का पूल – जहां युवा नवोन्मेषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और स्वच्छ ऊर्जा में महत्वपूर्ण नवाचार कर रहे हैं। तीसरा, मुक्त और सहयोगपूर्ण नीतिगत इकोसिस्टम जो औद्योगिक विकास को सक्षम बना रहा है।
फ्लाइब्ररी : हवाई अड्डे पर रीडिंग हब
अब यात्री अपनी उड़ान का इंतजार करते समय कहानियों का आनंद ले सकते हैं, कोई पुस्तक पढ़ सकते हैं और अपनी कल्पना को उड़ान भरने दे सकते हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की अनूठी पहल- फ्लाइब्ररी, यात्रा के खाली समय को समृद्ध और प्रेरक अनुभवों में बदल देती है, जिससे हर यात्रा यादगार और अर्थपूर्ण बन जाती है। इसे भारत में 2025 के आरंभ में पहली बार स्थापित किया गया था।

नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा “फ्लाइब्ररी भारत में अपनी तरह की पहली पहल है, जो यात्रियों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराती है। यात्री कोई भी पुस्तक ले सकते हैं, उसे हवाई अड्डे पर पढ़ सकते हैं, या साथ ले जाकर अपनी अगली यात्रा पर वापस कर सकते हैं। मैं वास्तव में प्रभावित हूँ कि यह विचारशील पहल न केवल यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाती है, बल्कि इंतजार के समय को सीखने और मनोरंजन के एक आनंददायक अवसर में बदल देती है। आज हमारे हवाई अड्डे केवल यात्रा के केंद्र भर नहीं रह गए हैं।”
यात्री सेवा दिवस समारोह

नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने 17 सितंबर, 2025 को देश भर के हवाई अड्डों पर 'यात्री सेवा दिवस' पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर, हवाई अड्डों पर निःशुल्क चिकित्सा जाँच और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाए गए, जिनमें स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत महिला यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने कहा कि यात्री सेवा दिवस हमारी प्रगति का जश्न है और साथ ही यह हर यात्रा को सुगम और सम्मानजनक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता भी सुनिश्चित करता है। हिंडन हवाई अड्डे से कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए श्री राममोहन नायडू ने कहा, “देश के प्रधान सेवक के रूप में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 11 वर्षों में शासन की मूल अवधारणा को ही नया रूप दिया है और इसे जनसेवा के प्रति समर्पित किया है। इसी दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए हम विमानन क्षेत्र में प्रत्येक यात्री को अपनी प्राथमिकता और प्रत्येक यात्रा को समर्पण भाव से सेवा करने के अवसर के रूप में देखते हैं। यह स्वीकार करते हुए कि यात्री हमारे तेज़ी से बढ़ते विमानन इकोसिस्टम की धड़कन हैं, हमने आज यात्री सेवा दिवस का शुभारंभ किया है। यह हमारे विकास का उत्सव है और साथ ही, प्रत्येक यात्रा को निर्बाध और गरिमापूर्ण बनाने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि भी है, जो प्रधानमंत्री के राष्ट्र प्रथम के मार्गदर्शक सिद्धांत में निहित यात्री प्रथम की भावना को आगे बढ़ाता है।”
हिंडन हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रम में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विपिन कुमार ने भी भाग लिया और उन्होंने अपने उत्साहवर्धक संबोधन में कहा, “मैं एएआई के सभी कर्मचारियों को यात्रियों की सुविधा और कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए सभी हवाई अड्डों पर शानदार समारोह आयोजित करने के लिए बधाई देता हूँ। केंद्रीय मंत्री श्री राममोहन नायडू के कुशल नेतृत्व में, हम देश भर में डिजी यात्रा, उड़ान यात्री कैफ़े, फ्लाइब्रेरी जैसी कई पहल कर रहे हैं और यात्रियों के लिए हवाई अड्डे के अनुभव को और अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बना रहे हैं।” यात्री सेवा दिवस के अवसर पर, हवाई अड्डों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं व चित्रकला प्रतियोगिताओं जैसी आकर्षक गतिविधियों के साथ यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
उड़ान भवन में क्रेच सुविधा का उद्घाटन
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने 01 नवम्बर, 2025 को नयी दिल्ली स्थित उड़ान भवन में क्रेच सुविधा का उद्घाटन किया। यह पहल मंत्रालय के अंदर अधिक समावेशी, सहयोगपूर्ण और कर्मचारी-अनुकूल कार्यस्थल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह क्रेच छह महीने से छह साल तक के बच्चों की नियमित देखभाल के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें बच्चों की वृद्धि की निगरानी, पोषण, खेल, स्कूल-पूर्व शिक्षा और चिकित्सा देखभाल शामिल है।

यहाँ के परिवेश को प्री-स्कूल बच्चों के लिए आकर्षक और प्रेरक बनाया गया है। यह सुविधा नागर विमानन मंत्रालय और उसके संबद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालयों-एएआई, डीजीसीए, बीसीएएस, एएआईबी और एईआरए के कर्मचारियों की ज़रूरतों को पूरा कर रही है। इससे वे काम और बच्चों की देखभाल की ज़िम्मेदारियों को अधिक आसानी से संतुलित करने में सक्षम हैं । इस क्रेच की स्थापना मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सरकारी परिसरों में अप्रयुक्त स्थानों के रचनात्मक उपयोग और कर्मचारी कल्याण और कार्यस्थल दक्षता को बढ़ावा देना है।
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(रिलीज़ आईडी: 2217729)
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