स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
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राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा का दौरा

प्रविष्टि तिथि: 24 JAN 2026 5:46PM by PIB Bhopal

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत सरकार श्री जे.पी. नड्डा ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (NIRTH), जबलपुर का दौरा किया। इस अवसर पर माननीय मंत्री ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों से संबंधित चल रहे अनुसंधान एवं वैज्ञानिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रभारी निदेशक डॉ. बोंथा वी. बाबू द्वारा माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा, मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री श्री राकेश सिंह, जबलपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री आशीष दुबे सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया।

इसके पश्चात वैज्ञानिक–डी डॉ. सुयश श्रीवास्तव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों से अवगत कराया। प्रस्तुतीकरण में विशेष रूप से जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य से जुड़े अनुसंधान कार्यों, जैसे मलेरिया, सिकल सेल रोग, क्षय रोग (टीबी), कुष्ठ रोग एवं अन्य विषाणुजनित रोगों पर किए जा रहे अध्ययनों की जानकारी दी गई।

संस्थान की गतिविधियों की सराहना करते हुए माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भारत में निवास करने वाले जनजातीय समुदायों की बड़ी आबादी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक परंपराओं, स्थानीय संसाधनों, स्वदेशी स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों एवं आनुवंशिक विविधताओं के अध्ययन के माध्यम से उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान हेतु संस्थान को और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का सुझाव दिया।

माननीय मंत्री ने जनजातीय समुदायों में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों  के माध्यम से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही, जनजातीय स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए नियमित कार्यशालाओं के आयोजन एवं अंतर-विभागीय तथा अंतर-क्षेत्रीय समन्वय को सुदृढ़ करने का सुझाव दिया गया।

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