आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
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आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों और गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में आमंत्रित निर्माण श्रमिकों से बातचीत की


गणतंत्र दिवस महज एक औपचारिक अवसर होने से आगे बढ़कर जन भागीदारी का एक उत्सव बन गया है: श्री तोखन साहू

प्रविष्टि तिथि: 25 JAN 2026 7:19PM by PIB Delhi

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों और कर्तव्य पथ और कर्तव्य भवन जैसी ऐतिहासिक राष्ट्रीय परियोजनाओं से जुड़े निर्माण श्रमिकों के साथ बातचीत की, जिन्हें इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

इस संवाद में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास कटिकितला और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस संवाद से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में समावेशी और जन-केंद्रित शहरी विकास और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता झलकती है।

इस संवाद के दौरान, सड़क विक्रेताओं और निर्माण श्रमिकों ने अपने प्रत्यक्ष अनुभव साझा किए कि कैसे सरकारी हस्तक्षेपों ने उनकी आजीविका, वित्तीय समावेशन, गरिमा और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाया है, और उन्हें भारत की विकास गाथा में सक्रिय भागीदार बनने में सक्षम बनाया है।

सभा को संबोधित करते हुए श्री तोखन साहू ने कहा कि गणतंत्र दिवस महज एक औपचारिक अवसर से आगे बढ़कर जन भागीदारी का एक सच्चा उत्सव बन गया है, जहां समाज के सभी वर्गों के नागरिक राष्ट्रीय गौरव के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि जब ये विशेष अतिथि गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे, तो दुनिया यह देखेगी कि नए भारत की नींव उसके श्रमिकों, सड़क विक्रेताओं और आम नागरिकों की शक्ति पर टिकी है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना मात्र एक ऋण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सड़क विक्रेताओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का एक मिशन है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं।

श्री साहू ने यह भी कहा कि विक्रेताओं का डिजिटल सशक्तिकरण, क्यूआर-आधारित लेनदेन और डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने से स्पष्ट है, जो औपचारिक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में उनके एकीकरण को दर्शाता है।

श्री तोखन साहू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का मार्च 2030 तक विस्तार करना सरकार की इस दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता करता है कि प्रत्येक स्ट्रीट वेंडर को सशक्त बनाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि लाभार्थियों के लिए हाल ही में शुरू किए गए 30,000 रुपये तक की सीमा वाले क्रेडिट कार्डों का भी उल्लेख किया, जिससे किफायती संस्थागत ऋण तक उनकी पहुंच और मजबूत होगी।

निर्माण श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए श्री तोखन साहू ने कहा कि सेंट्रल विस्टा, कर्तव्य पथ और कर्तव्य भवन जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाएं मात्र ठोस संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि सेवा, दक्षता और राष्ट्रीय उद्देश्य पर आधारित एक नई कार्य संस्कृति के प्रतीक हैं। उन्होंने निर्माण श्रमिकों को राष्ट्र के भाग्य का सच्चा निर्माता बताया और दोहराया कि सरकार आधुनिक भारत का निर्माण करने वालों के सम्मान, कल्याण और मान्यता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री साहू ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शक मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' को दोहराते हुए अपने संबोधन का समापन किया और सभी नागरिकों से 2047 तक एक मजबूत, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास कटिकितला ने आगामी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया।

उन्होंने याद दिलाया कि भारत को 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त हुई और 1950 में संविधान अपनाया गया, जिससे यह एक गणतंत्र बन गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गणतंत्र एक ऐसा राष्ट्र है जहां सर्वोच्च सत्ता जनता के पास होती है और शासन उनके नाम पर चलाया जाता है।
इस अवसर के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि माननीया राष्ट्रपति की गरिमामय उपस्थिति में कल गणतंत्र दिवस परेड देखना एक गौरवपूर्ण और यादगार अनुभव होगा, जो भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, एकता और संवैधानिक भावना का उत्सव मनाएगा।

गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में भाग लेने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों और विभिन्न राज्यों के निर्माण श्रमिकों सहित कुल 300 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इससे पहले दिन में, विशेष अतिथियों ने प्रधानमंत्री संग्रहालय का दौरा किया।

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पीके/केसी/एसकेएस/एसके


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