राष्ट्रपति सचिवालय
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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संसद के समक्ष अभिभाषण

प्रविष्टि तिथि: 28 JAN 2026 12:57PM by PIB Delhi

माननीय सदस्यगण,

संसद के इस समवेत सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। बीता वर्ष भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्मरणीय रहा है। ये कालखंड अपने साथ अनेक प्रेरणाएं लेकर आया है। इस समय वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में समारोह आयोजित हो रहे हैं। सभी देशवासी इस महान प्रेरणा के लिए, ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी को नमन कर रहे हैं। मैं आप सभी संसद सदस्यों को बधाई देती हूं कि इस पुण्य अवसर पर संसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया गया।

माननीय सदस्यगण,

इसी दौरान, देशवासियों ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी पर्व पूरी श्रद्धा से मनाया। भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जन्म-जयंती वर्ष के दौरान, देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समाज के योगदान को याद किया।

सरदार पटेल की 150वीं जन्म-जयंती से जुड़े आयोजनों ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत के भाव को मजबूती दी। सभी देशवासी इस बात के भी साक्षी बने कि कैसे भारत रत्न भूपेन हज़ारिका की जन्म-शताब्दी के समारोह, सुरों और देश की एकता के भाव से भरे हुए थे।

जब देशवासी अतीत के ऐसे महान पड़ावों और अपने पूर्वजों के महान योगदान को याद करते हैं, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। ये प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और गति देती है।

माननीय सदस्यगण,

वर्ष 2026 के साथ ही हमारा देश इस सदी के दूसरे पड़ाव पर पहुंच गया है। भारत के लिए, सदी के पहले 25 वर्षों का समापन अनेक सफलताओं, गौरवशाली उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों के साथ हुआ है। बीते 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। ये वर्ष 2047 तक विकसित भारत की तेज यात्रा का बहुत बड़ा आधार हैं।

माननीय सदस्यगण,            

बाबा साहेब आंबेडकर ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। हमारा संविधान भी हमें यही प्रेरणा देता है। सच्चा सामाजिक न्याय यानी देश के हर नागरिक को उसका पूरा हक मिले, बिना किसी भेदभाव के मिले। मेरी सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है। और इसी का नतीजा है कि पिछले एक दशक में 25 करोड़ देशवासी गरीबी को हराकर गरीबी से बाहर निकले हैं। सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त करने का अभियान और तेजी से आगे बढ़ा है। 

पिछले एक दशक में गरीबों के चार करोड़ पक्के घर बने। बीते एक वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को मिले हैं।

जल जीवन मिशन के पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया। बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है।

उज्‍ज्‍वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शंस मिले हैं और पिछले वर्ष भी ये अभियान तेजी से आगे बढ़ा है।

मेरी सरकार पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्थाओं को स्थाई बना रही है। इसी एक वर्ष में सरकार ने, पौने सात लाख करोड़ रुपए से अधिक लाभ DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों को पहुंचाया है।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार, दलितों, पिछड़ों, वंचितों, जनजातीय समाज, सभी के लिए पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। सबका साथ-सबका विकास का विजन देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक प्रभाव ला रहा है। वर्ष 2014 की शुरुआत में सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक ही सोशल सिक्योरिटी की योजनाएं पहुंच पाती थीं। सरकार के प्रयासों में निरंतरता की वजह से आज करीब 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी का कवच मिला है।

गरीब मरीजों के लिए प्रारम्भ की गयी आयुष्मान भारत योजना से बीते वर्ष तक, देश भर के अस्पतालों में 11 करोड़ से अधिक मुफ्त इलाज किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत बीते वर्ष ढाई करोड़ गरीबों को मुफ्त इलाज मिला है।

बीते लगभग डेढ़ वर्ष में करीब एक करोड़ बुजुर्गों को वय वंदना कार्ड जारी किए गए हैं। इनकी मदद से करीब 8 लाख बुजुर्गों ने अस्पताल में भर्ती रहते हुए अपना मुफ्त इलाज कराया है।

आज देश में बने 1 लाख 80 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की वजह से मरीजों को घर के पास इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है।

मेरी सरकार ने बड़ी बीमारियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में साढ़े छह करोड़ से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई है। इससे कई जनजातीय इलाकों में इस बीमारी को रोकने में मदद मिली है।

मिशन-मोड में चलाए गए अभियानों के कारण जापानी इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। उत्तर प्रदेश के कई पिछड़े इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों में इस रोग की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हुई है।

ये गर्व की बात है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को आंखों के संक्रमण, ट्रेकोमा से मुक्त घोषित कर दिया है।

मेरी सरकार हर नागरिक को बीमा सुरक्षा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और पीएम सुरक्षा बीमा योजना की इसमें बड़ी भूमिका है। इन योजनाओं से करोड़ों जरूरतमंद नागरिकों को बीमा कवरेज मिला है। इनके तहत 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक का क्लेम भी दिया गया है। ये योजनाएं संकट के समय करोड़ों गरीबों का संबल बनी हैं।

माननीय सदस्यगण,

मुझे ये देखकर संतोष है कि आज देश के युवा, किसान, श्रमिक और उद्यमी विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का लगातार विस्तार कर रहे हैं। बीते वर्ष के उत्साहवर्धक आंकड़े इसका प्रमाण हैं।

पिछले वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड साढ़े तीन सौ मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन किया है।

150 मिलियन टन उत्पादन के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।

हमारा देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना है। ये ब्लू इकॉनमी में देश की सफलता को दिखाता है।

दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी, भारत दुनिया के सबसे सफल देश के रूप में जाना जाता है। ये सहकारिता आंदोलन की मजबूती का परिणाम है।

देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने भी इस दौरान रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसी फील्ड में भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। 2025-26 के पहले 5 महीनों में भारत का स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 1 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। इस साल भारत ने सौ से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक व्हीकल का निर्यात शुरू किया है।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से मुक्त व्यवस्था का निर्माण करने में सफल हो रही है। इससे करदाताओं की एक-एक पाई देश के विकास और जनकल्याण में खर्च हो रही है।

आज भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। जल-थल-नभ, हर क्षेत्र में भारत की तेज गति आज विश्व में चर्चा का विषय है।

अटल जी के समय पीएम ग्रामीण सड़क योजना शुरू हुई थी। बीते एक वर्ष में भारत ने लगभग 18 हजार किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें जोड़ी हैं। अब भारत की करीब-करीब पूरी ग्रामीण आबादी सड़क से जुड़ चुकी है।

गरीब तथा मध्यम वर्ग की सेवा में लगी भारतीय रेल तेजी से शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर आगे बढ़ रही है।

मिजोरम के आइजोल और नई दिल्ली को डायरेक्ट रेल रूट से जोड़ा गया है। बीते वर्ष जब आइजोल के स्टेशन पर पहली बार राजधानी एक्सप्रेस का आगमन हुआ, तो स्थानीय लोगों के उत्साह ने सारे देश को प्रसन्नता के भाव से जोड़ दिया।

जम्मू-कश्मीर में विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और तमिलनाडु में नए पंबन ब्रिज का निर्माण कर भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक कीर्तिमान स्थापित किया है।

आज जम्मू-कश्मीर से केरल तक, 150 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क खड़ा हो चुका है।

कुछ दिन पूर्व ही वंदे भारत ट्रेनों की नई पीढ़ी का पदार्पण हुआ है। बंगाल से असम के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत, भारत की रेल प्रगति की नई उपलब्धि है।

भारत के मेट्रो नेटवर्क पर भी देशवासियों को गर्व है। 2025 में भारत का कुल मेट्रो नेटवर्क 1,000 किलोमीटर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन गया है।

मेरी सरकार ने इनलैंड वॉटरवेज के विकास पर भी अनेक काम किए हैं। पहले भारत में राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 5 थी, जो अब 100 से अधिक हो चुकी है। इससे उत्तर प्रदेश, बंगाल, बिहार समेत पूर्वी भारत के राज्य लॉजिस्टिक हब बनकर उभर रहे हैं।

क्रूज़ टूरिज़्म से तटीय और नदी के इलाकों में पर्यटन बढ़ रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मज़बूत हो रही है।

माननीय सदस्यगण,

स्पेस टूरिज्म भी अब भारत की पहुंच से दूर नहीं है। भारत के युवा अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचना, एक ऐतिहासिक यात्रा का आरंभ है। आने वाले समय में हमारा देश अंतरिक्ष में भारतीय स्टेशन की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ने वाला है। देश बहुत उत्साह के साथ गगनयान मिशन पर भी काम कर रहा है।

माननीय सदस्यगण,

दशकों से लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए, योजनाओं के लाभ को हर लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए मेरी सरकार ने ‘प्रगति’ नाम से एक नई व्यवस्था आरंभ की थी। दिसंबर 2025 में ‘प्रगति’ की 50वीं बैठक का ऐतिहासिक पड़ाव भी आया। बीते वर्षों में ‘प्रगति’ ने 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स को गति दी, लाखों करोड़ रुपए की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में मदद की। Reform-Perform-Transform के जिस मंत्र को लेकर देश चल रहा है, उसकी सफलता में ‘प्रगति’ की इन बैठकों ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

माननीय सदस्यगण,

बीते 11 वर्षों में, देश की आर्थिक नींव बहुत मजबूत हुई है। दुनिया में अनेक प्रकार के संकटों के बावजूद भारत दुनिया की fastest growing मेजर इकॉनॉमी बना हुआ है। भारत ने महंगाई दर को कम रखने के अपने रिकॉर्ड को और बेहतर किया है। इसका सीधा फायदा देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हो रहा है। मेरी सरकार की नीतियों के कारण देशवासियों की आय बढ़ी है, बचत बढ़ी है और खरीद शक्ति में भी वृद्धि हुई है।

अभी यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर जो सहमति हुई है, मैं सभी देशवासियों को इसके लिए बधाई देती हूं। ये ऐतिहासिक कदम, भारत में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर और सर्विस सेक्टर को गति देगा। भारत के युवाओं के लिए रोज़गार के अनेक नए अवसर बनाएगा।

माननीय सदस्यगण,

आज मेरी सरकार 'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' के पथ पर चल रही है। पुराने नियमों और प्रावधानों को, भविष्य की जरूरतों के हिसाब से निरंतर बदला जा रहा है।

सभी ने देखा है कि कैसे GST में ऐतिहासिक नेक्स्ट जनरेशन रिफ़ॉर्म ने देशवासियों को उत्साह से भर दिया। इस रिफॉर्म के कारण देशवासियों को एक लाख करोड़ रुपए की बचत सुनिश्चित हुई। GST में कटौती के बाद वर्ष 2025 में टू व्हीलर का रजिस्ट्रेशन, दो करोड़ पार कर गया है। ये अपने आप में नया रिकॉर्ड है।

इनकम टैक्स कानून भी अब नए स्वरूप में सामने आया है। 12 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स ज़ीरो करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। ऐसे रिफॉर्म्स से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अभूतपूर्व फायदा हो रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।

माननीय सदस्यगण,

देश में अनेक नए सेक्टर्स के उदय के साथ ही श्रमिकों के हितों को सुरक्षित करना भी उतना ही आवश्यक है। नए श्रम कानून लागू करने के पीछे भी यही उद्देश्य है। लंबे समय से देश की श्रम-शक्ति दर्जनों कानूनों में उलझी हुई थी। इसको अब सिर्फ चार कोड्स में सीमित किया गया है। इससे श्रमिकों को उचित वेतन-भत्ते और अन्य कल्याणकारी लाभ मिलने आसान हुए हैं। देश के युवाओं और महिलाओं को इसका खास तौर से फायदा होगा।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार भारत को ग्रीन ग्रोथ और आधुनिक टेक्नॉलॉजी का पावरहाउस बनाने में जुटी है। तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, AI और डेटा सेंटर्स में निवेश बढ़ रहा है। इकॉनॉमी के इस नए स्वरूप के लिए अधिक ऊर्जा की भी जरूरत है। इस दिशा में परमाणु ऊर्जा की बड़ी भूमिका है। हाल ही में पारित शांति अधिनियम से 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी। इस ऐतिहासिक रिफॉर्म के लिए, मैं आप सभी का अभिनंदन करती हूं।

न्यूक्लियर के अलावा, भारत सोलर पावर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से देश के आम उपभोक्ता अब बिजली के उत्पादक बन रहे हैं। अब तक लगभग 20 लाख rooftop सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इससे लाखों परिवारों के घर में बिजली का उत्पादन बढ़ा है और इन परिवारों के बिजली बिल कम हुए हैं।

इन सभी प्रयासों से भारत इस दशक के अंत तक पांच सौ गीगावाट की रीन्युएबल एनर्जी कैपेसिटी का लक्ष्य जरूर हासिल करेगा।

माननीय सदस्यगण,

किसी भी न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि उसके कानून नागरिकों में भय का नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा एवं सशक्तीकरण का भाव पैदा करें। इस बात को ध्यान में रखते हुए, भारतीय न्याय संहिता को तेजी से लागू किया जा रहा है। साथ ही जन-विश्वास कानून का एक और संस्करण भी देश में लाया गया है। अभी तक 300 से अधिक प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा चुका है।

विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए मेरी सरकार, इस रिफ़ॉर्म एक्सप्रेस की गति को निरंतर तेज करती रहेगी।

माननीय सदस्यगण,

आजादी के बाद भारत की प्रगति को कुछ शहरों और क्षेत्रों से ज्यादा गति मिली। भारत का एक बहुत बड़ा क्षेत्र और बहुत बड़ी आबादी ऐसी रही, जिसे उचित अवसर नहीं मिल पाया। अब मेरी सरकार, पिछड़े क्षेत्रों और वंचित आबादी के सामर्थ्य को विकसित भारत की ऊर्जा बना रही है।

आज पूर्वोदय, यानी पूर्वी भारत के तेज विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। आज पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्री क्षेत्र में प्रगति की नई संभावनाएं बन रही है। पूर्वोत्तर का क्षेत्र भी अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। पूर्वोत्तर में असम श्रीमंत शंकर देव जी जैसी महान विभूतियों की भूमि है। अब वो दिन भी दूर नहीं जब असम में बनी सेमीकंडक्टर चिप, दुनिया भर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की लाइफलाइन बनेगी। इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी पर भी अभूतपूर्व बल दिया जा रहा है।

माननीय सदस्यगण,

बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में 7,200 किलोमीटर से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं। इससे दूर-दराज, पहाड़ी, जनजातीय और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचना आसान हुआ है।

साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 50 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनी हैं। इससे बाजार, अस्पताल और स्कूलों तक पहुंचना सरल हुआ है। 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में रेलवे के विकास पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम इन तीनों राज्यों की राजधानियां अब ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ चुकी हैं। इससे इन इलाकों में आर्थिक प्रगति, रोजगार और पर्यटन उद्योग के लिए नए द्वार खुले हैं।

साथ-साथ पूर्वोत्तर की आरोग्य सुरक्षा के लिए भी, ये दशक निर्णयों का दशक रहा है। ईटानगर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, और असम के शिवसागर में मेडिकल कॉलेज बनने से लाखों परिवारों को इलाज में मदद मिलेगी।

सिक्किम के सिचे में मेडिकल कॉलेज, और अगरतला में महिलाओं और बच्चों का अस्पताल बनने से भी बड़ी सुविधा होगी। इस तरह के प्रयासों से पूर्वोत्तर में एक बड़ा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है।

माननीय सदस्यगण,

जो पिछड़ा है वो मेरी सरकार की प्राथमिकता है। पीएम जनमन योजना इसी प्राथमिकता पर काम कर रही है। इस योजना के तहत, आदिवासियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों के 20 हजार से ज्यादा गांवों को विकास से जोड़ा जा रहा है। इन गांवों में गरीबों के करीब ढाई लाख घर इसी योजना के माध्यम से बने हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से भी आदिवासी क्षेत्रों में विकास को अभूतपूर्व गति मिल रही है। इन दोनों योजनाओं पर सरकार एक लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर रही है।

पिछले 11 वर्षों में अनुसूचित जाति के लाखों छात्रों को 42 हजार करोड़ रुपए से अधिक की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति दी गई है। इससे करीब 5 करोड़ विद्यार्थियों को लाभ हुआ है। आदिवासी क्षेत्रों में सरकार ने 400 से अधिक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भी खोले हैं। इनसे जनजातीय बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य मिल रहा है।

माननीय सदस्यगण,

कृषि का महत्व समझाते हुए संत तिरुवल्लुवर ने कहा था कि समाज के लोग चाहे जिस भी काम से जुड़े हों, हर व्यक्ति का जीवन एक मेहनती किसान के परिश्रम पर निर्भर होता है।

इसीलिए, मेरी सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता के रूप में देखती है। इसी भावना के साथ सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजना को शुरू किया था। अब तक इस योजना से किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है।

मेरी सरकार की सही नीतियों और प्रयासों से आज देश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न और बागवानी की फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सरकार उन फसलों का भी उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रही है, जिसमें अभी तक हमारा कृषि क्षेत्र पीछे था।

सरकार की मंशा है कि इससे कृषि उत्पादों का आयात भी कम हो। खाद्य तेल, तिलहन और दलहन से जुड़े नेशनल मिशन के कारण, इन क्षेत्रों में देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। इसके बल पर 2024-25 में देश में ऑयल सीड फसलों का उत्पादन भी बढ़ा है।

किसानों की अतिरिक्त आय के लिए सरकार द्वारा मिलेट्स यानी श्रीअन्न को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का कार्य भी निरंतर जारी है।

माननीय सदस्यगण,

आज किसानों को अनाज उत्पादन के साथ ही पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन में भी आर्थिक प्रगति के रास्तों से जोड़ा जा रहा है। Coastline पर रहने वाले मछुआरों को Exclusive Economic Zone का लाभ देने के लिए नई नीति बनी है। इसके साथ ही High Seas की क्षमताओं के इस्तेमाल में सक्षम बनाने के लिए भी नई पॉलिसी बनाई गई है। 2024-25 में देश का मत्स्य उत्पादन लगभग 200 लाख टन हो गया है। 2014 की तुलना में इसमें कुल 105 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार ने एग्रिकल्चर सेक्टर के आधुनिकीकरण के लिए और बेहतर लॉजिस्टिक्स निर्माण के लिए Agriculture Infrastructure Fund की व्यवस्था भी की है। मुझे ये साझा करते हुए खुशी हो रही है कि इसके जरिए अब तक सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित हुआ है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए मार्ग भी सृजित हुए हैं। सरकार की दूरदर्शिता से देश में फूड प्रोसेसिंग क्षमता बीस गुना बढ़ी है। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिल रहा है।

माननीय सदस्यगण,

ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत - जी राम जी कानून बनाया गया है। नए रिफॉर्म से गांव में एक सौ पच्चीस दिन के रोजगार की गारंटी होगी। साथ ही भ्रष्टाचार और लीकेज को रोकना सुनिश्चित हो पाएगा, जिसके लिए मेरी सरकार ने लंबे समय से प्रयास किए हैं। अब इस योजना से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी और किसान, पशुपालक और मछुआरे साथियों के लिए नई सुविधाएं निर्मित होंगी।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार कृषि और पशुपालन जैसे सेक्टर्स में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बना रही है। आज त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी से सहकारिता से जुड़े लोगों को सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। इसके अलावा 10 हजार से ज्यादा FPOs के माध्यम से भी कृषि क्षेत्र को सशक्त किया जा रहा है।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार स्पष्ट रूप से मानती है कि देश का विकास सभी देशवासियों को आगे बढ़ने का समान अवसर देकर ही संभव है। इसलिए आज देश वीमेन लेड डवलपमेंट के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।

मेरी सरकार ने महिलाओं के लिए समर्पित विशेष योजनाएं बनाई हैं। और साथ ही, अन्य योजनाओं के केंद्र में भी महिलाओं को रखा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर जल जीवन मिशन तक हर योजना में महिला लाभार्थियों को बड़ी वरीयता मिली है।

देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मेरी सरकार ने 10 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा है। आज देश में लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। बीते एक वर्ष में ही 60 लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। मेरी सरकार कुल 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को जल्द प्राप्त करने वाली है।

माननीय सदस्यगण,

नमो ड्रोन दीदी योजना भी देश के सुदूर अंचलों तक महिला सशक्तीकरण का एक पर्याय बनकर उभरी है। ये प्रशिक्षित ड्रोन दीदी अब आधुनिक तकनीक के जरिए एग्रिकल्चर सेक्टर को ट्रांसफ़ॉर्म कर रही हैं।

मेरी सरकार महिलाओं की आर्थिक उन्नति के साथ-साथ उनके पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सभी विषयों पर ध्यान दे रही है। सितंबर 2025 में चलाए गए 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान के तहत लगभग सात करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच हुई है। इस अभियान ने महिलाओं को त्वरित इलाज शुरू कराने में मदद की है।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। इसी दिशा में कुछ ही महीनों पहले, देश ने एक और बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, यानी NDA में महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ है। इससे ये विश्वास और मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तीकरण में नारीशक्ति सबसे आगे खड़ी है।

माननीय सदस्यगण,

श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमें सिखाया है - ‘भय काहू को देत नय, नय भय मानत आन’ यानी हम ना किसी को डराएं, और ना किसी से डरकर जिएं।

इसी निडर मन से, इसी भावना से देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया। मेरी सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षाबलों ने माओवादी आतंक पर भी निर्णायक कार्रवाई की है। वर्षों तक देश के 126 जिलों में असुरक्षा, भय और अविश्वास का वातावरण था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में डाल दिया। इसका सबसे ज्यादा नुकसान हमारे युवाओं, आदिवासी और दलित भाई-बहनों को हुआ।

आज माओवादी आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर आठ जिलों तक सिमट गई है। इनमें भी 3 जिले ही ऐसे हैं, जो गंभीर रूप से प्रभावित हैं। इस एक साल में माओवाद से जुड़े लगभग 2 हजार लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है।

माओवाद से प्रभावित रहे इलाकों में परिवर्तन को आज पूरा देश देख रहा है। बीजापुर के एक गांव में 25 साल बाद बस पहुंची तो लोगों ने किसी उत्सव की तरह खुशी मनाई। बस्तर ओलंपिक में युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हथियार छोड़ चुके व्‍यक्ति अब जगदलपुर के पंडुम कैफे में लोगों की सेवा कर रहे हैं।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि जो लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़े हैं, उनका जीवन पटरी पर लौटे। वो दिन दूर नहीं है, जब देश से माओवादी आतंक पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।

माननीय सदस्यगण,

गुरुदेव रवीन्‍द्रनाथ टैगोर ने कहा था कि आजादी तब तक अधूरी है, जब तक आत्मनिर्भरता का जीवन न जिया जाए। मेरी सरकार, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है। आज मेक इन इंडिया के विजन के साथ बने उत्पाद, दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंच रहे हैं। स्वदेशी को लेकर भी देशवासियों में बहुत उत्साह है।

माननीय सदस्यगण,

PLI योजना से अभी तक लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। साथ ही 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर अभूतपूर्व गति से विकास कर रहा है। बीते 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन में 6 गुणा वृद्धि हुई है। आज ये 11 लाख करोड़ रुपए का हो चुका है।

वर्ष 2025 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन डेढ़ लाख करोड़ रुपए से पार हो चुका है। और डिफेंस एक्सपोर्ट भी रिकॉर्ड 23 हज़ार करोड़ रुपए से ऊपर चला गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद, मेड इन इंडिया डिफेंस प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा मजबूत हुआ है।

माननीय सदस्यगण,

निवेश और निर्यात के मामले में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी निरंतर बढ़ रही है। बीते 11 वर्षों में भारत में लगभग सात सौ पचास बिलियन डॉलर का FDI आया है।

मेरी सरकार भारत में नए सेक्टर्स को प्रोत्साहन दे रही है। आधुनिक मैन्युफेक्चरिंग और भविष्य की टेक्नॉलॉजी के लिए माइक्रो चिप में आत्मनिर्भरता बहुत आवश्यक है। वर्ष 2025 में चार और सेमीकंडक्टर मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स को मंज़ूरी दी गई है। भारत में 10 ऐसी फैक्ट्रियां, आने वाले समय में अपना काम शुरू करने वाली हैं। भारत अब नैनो चिप निर्माण के लिए भी बड़े कदम उठा रहा है।

माननीय सदस्यगण,

चिप के अलावा एक और बहुत बड़ा क्षेत्र है, जिसको लेकर मेरी सरकार ने मिशन मोड पर काम शुरू किया है। राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल्स मिशन से, जरूरी मिनरल्स के लिए विदेशों पर निर्भरता को कम किया जा रहा है।

माननीय सदस्यगण,

अतीत में भारत समुद्री व्यापार की एक महाशक्ति हुआ करता था। लेकिन, गुलामी के बाद दशकों की उपेक्षा के कारण आज भारत का 95 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों पर होता है। इस पर हर वर्ष 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च होता है।

मेरी सरकार इस स्थिति से देश को बाहर निकालने में जुटी है। शिपिंग सेक्टर के लिए सरकार ने करीब सत्तर हजार करोड़ रुपए का ऐतिहासिक पैकेज घोषित किया है। बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर का स्टेटस दिया गया है। इतना ही नहीं, शिपिंग से जुड़े पुराने कानूनों को भी वर्तमान जरूरतों के हिसाब से बदला गया है।

माननीय सदस्यगण,

केरल के महान संत, श्रीनारायण गुरु कहते थे - शिक्षा से ज्ञान प्राप्त करो और संगठन से शक्तिशाली बनो। क्योंकि, एक राष्ट्र जब सपने देखता है, तो उन सपनों का द्रष्टा भी उस राष्ट्र का युवा होता है, और उनका निर्माता भी वही युवा होता है।

आपको ये जानकर खुशी होगी, कि बीते 11 वर्षों के दौरान देश में सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में पच्चीस लाख से अधिक नए रोजगार सृजित हुए हैं। मेरी सरकार की नीतियों के कारण आज देश में कई नए सेक्टर्स का भी उदय हो रहा है। सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे इन क्षेत्रों में नए रोजगार बन रहे हैं।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार ने बीते वर्षों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर 50 लाख करोड़ से अधिक राशि खर्च की है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए इस निवेश ने युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार का निर्माण किया है।

माननीय सदस्यगण,

आज भारत के युवा मन में हम एक और सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं। देश का युवा आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी और मेक इन इंडिया को अपनी जिम्मेदारी मान रहा है।

मुद्रा योजना जैसे प्रयास इन युवाओं में उद्यमिता और स्वरोजगार की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। इस स्कीम के तहत, अभी तक 38 लाख करोड़ रुपए से अधिक का फंड, छोटे-छोटे उद्यमियों को मिला है। करीब 12 करोड़ से अधिक लोन पहली बार स्वरोजगार शुरू करने के लिए दिए गए हैं।

इसी तरह, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को ट्रेनिंग और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।

माननीय सदस्यगण,

अभी हाल ही में स्टार्ट-अप इंडिया प्रोग्राम ने अपने 10 साल पूरे किए हैं। इन 10 वर्षों में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है। एक दशक पहले तक देश में 500 से भी कम स्टार्ट अप्स थे। आज देश में लगभग 2 लाख स्टार्ट-अप पंजीकृत हो चुके हैं। पिछले साल ही करीब 50 हजार नए स्टार्ट अप पंजीकृत हुए हैं। हमारे स्टार्टअप्स नेटवर्क में 20 लाख से अधिक युवा काम कर रहे हैं। इन स्टार्टअप्स में से 45 प्रतिशत में कम से कम एक डायरेक्टर महिला है।

माननीय सदस्यगण,

बीते एक वर्ष में विभिन्न रोजगार मेलों के माध्यम से मेरी सरकार ने लाखों युवाओं को पक्की नौकरी दी है। प्राइवेट सेक्टर में भी एक लाख करोड़ रुपए के बजट की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू की गई है। इसके तहत साढ़े तीन करोड़ नए रोजगार सृजित किए जा रहे हैं।

मेरी सरकार के प्रयासों से आईटी सर्विस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में भी एक करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।

माननीय सदस्यगण,

बीते वर्ष देश में 1 लाख से ज्यादा मोबाइल टावरों के ज़रिए 4G और 5G नेटवर्क को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया गया है। डिजिटल इंडिया के विस्तार ने भारत को हजारों करोड़ की क्रिएटिव इकॉनॉमी के एक बड़े ग्लोबल सेंटर के रूप में पहचान दी है। क्रिएटिव इक़ॉनॉमी को और गति देने के लिए मेरी सरकार ने WAVES का नया प्लेटफॉर्म भी बनाया है।

माननीय सदस्यगण,

आज टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है। इसके कारण जॉब्स का नेचर भी तेजी से बदलता जा रहा है। इसीलिए, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है।

आज स्कूल के स्तर से ही, बच्चों में टेक्नॉलॉजी और इनोवेशन का माइंडसेट बनाया जा रहा है। इसमें अटल इनोवेशन मिशन प्रभावी काम कर रहा है। अभी तक देशभर में एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को अटल टिंकरिंग लैब्स का लाभ मिल चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के माध्यम से भी रिसर्च और डेवलपमेंट के कल्चर को गति मिल रही है।

माननीय सदस्यगण,

देश के ITI नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए एक हजार ITI को फ्यूचर रेडी बनाया जा रहा है। इस पर पीएम-सेतु योजना के तहत साठ हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

मेरी सरकार आधुनिक टेक्नॉलॉजी के लिए एक इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स तैयार कर रही है। अब तक साठ हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। दस लाख युवाओं को AI के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

माननीय सदस्यगण,

आज AI के दुरुपयोग से पैदा हो रहे खतरों के विषय में गंभीर होना बहुत आवश्यक है। DeepFake, Misinformation और Fake Content लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और जनता के विश्वास के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। इस गंभीर विषय पर आप सभी को मिलकर विचार करना चाहिए।

माननीय सदस्यगण,

भारत के युवाओं और मेरी सरकार के साझा प्रयासों से देश में खेलों का भी अभूतपूर्व विकास हो रहा है।

जिस प्रकार हमारी बेटियों का और हमारे दिव्यांग साथियों का प्रदर्शन रहा है, वो शानदार है। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप जीता है। इसी प्रकार ब्लाइंड वीमेन क्रिकेट टीम ने भी वर्ल्ड कप जीता। मैं अपनी बेटियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देती हूं।

माननीय सदस्यगण,

बीते दशक में भारत में खेल से जुड़ी हर व्यवस्था में रिफॉर्म किए गए हैं। मेरी सरकार ने खेलो भारत नीति बनाई है और खेलों से जुड़ी संस्थाओं को पारदर्शी बनाया है।

हमारी तैयारियों और आत्मविश्वास का परिणाम है कि भारत को 2030 Commonwealth Games की मेजबानी का दायित्व दिया गया है।

मुझे विश्वास है कि देश की एक समर्थ युवाशक्ति, विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

मेरी सरकार ने देश की युवा-शक्ति को राष्ट्र-चिंतन से जोड़ने के लिए विकसित-भारत - यंग लीडर्स डायलॉग प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है। इस वर्ष इस मंच से करीब 50 लाख नौजवानों ने रजिस्ट्रेशन किया। अभी तक MY Bharat संगठन से भी करीब 2 करोड़ युवा जुड़ चुके हैं।

माननीय सदस्यगण,

आप सब जानते हैं कि इस समय विश्व एक कठिन कालखंड से गुजर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे वैश्विक समीकरण भी आज बदल रहे हैं। युद्ध की अनिश्चितताओं ने भी वैश्विक स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को संकट में डाल रखा है। इन सब परिस्थितियों के बीच भी भारत तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। भारत की इस सफलता के पीछे मेरी सरकार की संतुलित विदेश नीति और दूरगामी सोच की बड़ी भूमिका है।

माननीय सदस्यगण,

वर्तमान की जटिल वैश्विक परिस्थितियों में भारत विश्व में एक सेतु की भूमिका निभा रहा है। युद्धरत देश भी महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भारत पर अपना भरोसा व्यक्त करते हैं। यह संतोष की बात है कि भारत ने संतुलन, निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोणों को प्राथमिकता दी है। इनके बाद भी, India First के संकल्प को अटल बनाए रखा है।

माननीय सदस्यगण,

भारत ने पूरे विश्व में ग्लोबल साउथ की आवाज को और मुखरता से तेज किया है। हमने अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सहित ऐसे सभी भूभागों में नई partnerships बनाई हैं, और पुराने सम्बन्धों को मजबूती दी है। भारत ने BIMSTEC, G20, BRICS, SCO और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपस्थिति को भी लगातार मजबूत बनाया है।

माननीय सदस्यगण,

भारत का हमेशा से ये मानना रहा है कि ग्लोबल पॉलिटिक्स और cooperation का अंतिम ध्येय मानवता की सेवा होना चाहिए। देश ने अपने actions से इसके प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश किए हैं। Latin America, South-East Asia, Pacific Islands और पड़ोसी देशों में संकट के समय आगे आकर हर संभव सहायता पहुंचाई है। नवंबर 2025 में श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह के दौरान मेरी सरकार ने ऑपरेशन सागर बंधु चलाया। हमारे देश ने म्यांमार और अफगानिस्तान में भी first responder की भूमिका निभाई है।

माननीय सदस्यगण,

भारत अपनी व्यापक भूमिका और सकारात्मक सक्रियता के साथ आज कई वैश्विक संगठनों में बड़ी जिम्मेदारियाँ निभा रहा है। इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है, और दुनिया इसे सकारात्मक दृष्टि से देख रही है। भारत भविष्य के अवसरों और चुनौतियों को देखते हुए वैश्विक समुदाय को एक मंच पर लाने के लिए ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट भी करने जा रहा है। ये आयोजन भी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण event साबित होगा।

माननीय सदस्यगण,

विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए जितना महत्व आधुनिक विकास को देना है, उतना ही महत्व अपने राष्ट्रीय आत्मसम्मान और सांस्कृतिक स्वाभिमान को भी देना है। सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भारत विश्व के समृद्धतम देशों में से एक है। मेरी सरकार इस विरासत को देश की ताकत बनाने के लिए काम कर रही है।

गुलामी के कालखंड में मैकाले के षडयंत्रों द्वारा भारत के लोगों में हीन-भावना भरने का काम किया गया था। अब आज़ादी के बाद पहली बार मेरी सरकार ने ही उसे तोड़ने का साहस किया है।

माननीय सदस्यगण,

आज देश अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने और सँवारने के लिए हर मोर्चे पर काम कर रहा है। इसी दिशा में मेरी सरकार के प्रयासों से सवा सौ वर्षों बाद भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष वापस भारत लौटे हैं। उन्हें अब सामान्य जनमानस के दर्शन के लिए समर्पित किया गया है।

इस वर्ष सौराष्ट्र के सोमनाथ मंदिर के नवनिर्माण के 75 वर्ष भी पूरे होने जा रहे हैं। सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के बाद एक हजार वर्षों की यात्रा, भारत की धार्मिक निष्ठा, सनातन संस्कृति और चिर आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर जिस उत्साह से देश भर के लोगों ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लिया है, वो अतुलनीय है।

कुछ ही समय पूर्व, राजेन्‍द्र चोल द्वारा गंगईकोंडा-चोलापुरम् की स्थापना के भी 1000 वर्ष पूरे हुए। इस अवसर ने भी करोड़ों देशवासियों को अपने अतीत पर गर्व करने का मौका दिया है।

माननीय सदस्यगण,

हमारा भारत प्राचीन ज्ञान-विज्ञान का केंद्र रहा है। ये ज्ञान विज्ञान प्राचीन पाण्डुलिपियों के रूप में हजारों वर्षों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित होता आया। परंतु विदेशी आक्रमणों और आज़ादी के बाद की उपेक्षा के कारण इस संपदा को बड़ा नुकसान हुआ था। अब मेरी सरकार इस ज्ञान भंडार का संरक्षण करने जा रही है। ज्ञान भारतम अभियान के माध्यम से देशभर की प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का काम शुरू हुआ है। आने वाले समय में ये प्रयास भारतीय ज्ञान-परंपरा को संरक्षित करने और जन सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

माननीय सदस्यगण,

मेरी सरकार देश की आदिवासी विरासत को संरक्षित करने के लिए आदिवासी म्यूज़ियम्स भी बनवा रही है। इसी क्रम में हाल ही में छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को लोकार्पित भी किया गया है। मुझे ये कहते हुये प्रसन्नता हो रही है कि मेरी सरकार ने देश के संविधान का संथाली भाषा में अनुवाद करवाकर आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाया है।

माननीय सदस्यगण,

जब हम अपनी परम्पराओं और संस्कृति का सम्मान करते हैं, तो विश्व भी उनका सम्मान करता है। पिछले साल यूनेस्को ने हमारे पर्व दीपावली को अपनी Intangible Cultural Heritage of Humanity की लिस्ट में शामिल किया है। दीपावली की पूरी दुनिया में बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही यूनेस्को द्वारा उसका recognition हम सब भारतीयों के लिए गर्व की बात है।

माननीय सदस्यगण,

विभिन्न मतों, अलग-अलग विचारों के बीच, ये सर्वमान्य है कि राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं। पूज्य महात्मा गांधी, नेहरू जी, बाबा साहेब, सरदार पटेल, जेपी जी, लोहिया जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, अटल जी, सभी इसी विचार के रहे कि लोकतंत्र में विषयों पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन कुछ विषय मतभेदों से परे हैं। विकसित भारत का संकल्प, भारत की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी का अभियान, एकता के लिए प्रयास, स्वच्छता, राष्ट्र से जुड़े ऐसे विषयों पर, सांसदों को एकमत होना ही चाहिए। हमारे संविधान की भावना भी यही है। इसलिए मेरा आज आप सभी से आग्रह है, हर सांसद राष्ट्र हित के विषयों पर एकमत होकर, देश की प्रगति का हिस्सा बनकर चर्चा करें, देश की प्रगति में नई ऊर्जा भरें।

माननीय सदस्यगण,

आज सभी देशवासी देख रहे हैं कि भारत अपने भविष्य के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। आज जो निर्णय लिये जा रहे हैं, इनका प्रभाव आने वाले वर्षों में दिखाई देगा।

विकसित भारत का लक्ष्य भी किसी एक सरकार या एक पीढ़ी तक सीमित नहीं है। ये एक सतत यात्रा है। इस यात्रा में हम सभी के प्रयास, अनुशासन और निरंतरता का महत्व है। आने वाले समय में देश की प्रगति हमारे सामूहिक संकल्पों से ही होगी।

मुझे विश्वास है कि संसद, सरकार और नागरिक, तीनों मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेंगे। हम भारतवासी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संवैधानिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। सभी देशवासी अपने कर्तव्यों का निर्वहन राष्ट्रहित, राष्ट्र कल्याण में करेंगे, इसी विश्वास के साथ मैं सभी सांसदों को एक सफल और सार्थक सत्र के लिए शुभकामनाएं देती हूं।

धन्यवाद।

जय हिन्द!

जय भारत!

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MJPS/SR


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