रक्षा मंत्रालय
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ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की बहुस्तरीय समुद्री सुरक्षा प्रणाली के भीतर निर्बाध अंतर-सेवा समन्वय का प्रदर्शन किया और अग्रिम पंक्ति के बल के रूप में आईसीजी की भूमिका को फिर से पुख्ता किया है: 50वें आईसीजी स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री


"भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक है"

"विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य के हिस्से के रूप में, भारतीय तटरक्षक बल को अगले 25 वर्षों के लिए एक स्पष्ट, सुव्यवस्थित और दूरदर्शी रोडमैप तैयार करना चाहिए"

"भारतीय तटरक्षक बल को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना, इसकी ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाना और इसे भविष्य के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं"

प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 7:43PM by PIB Delhi

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (आईजीसी) के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर बल की सराहना करते हुए कहा कि, "ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की बहुस्तरीय समुद्री सुरक्षा प्रणाली के भीतर निर्बाध अंतर-सेवा समन्वय का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस अभियान ने एक बार फिर अग्रिम पंक्ति के बल के रूप में तटरक्षक बल की भूमिका को पुख्ता किया है।"  उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह ऑपरेशन समुद्री संवेदनशीलता के अत्यंत चुनौतीपूर्ण समय में चलाया गया था। उन्होंने बताया कि आईसीजी ने त्वरित और दृढ़ प्रतिक्रिया देते हुए न केवल रणनीतिक संपत्तियों की अग्रिम तैनाती की, बल्कि पश्चिमी तट पर निगरानी को भी व्यापक बनाया। इसके अतिरिक्त, तटीय और क्रीक (खाड़ी) क्षेत्रों में उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखी गई। उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल को देश की समुद्री सीमाओं पर विश्वास की दीवार बताते हुए कहा कि इस बल ने राष्ट्र सेवा के वास्तविक अर्थ को चरितार्थ किया है।

तटरक्षक बल द्वारा अपनी जिम्मेदारियों को बार-बार अत्यंत कुशलता के साथ निभाने की प्रशंसा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा: “आतंकवाद, हथियारों और मानव तस्करी को रोकने से लेकर अन्य अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण तक, आईसीजी हर मोर्चे पर सतर्क रहता है। वैश्विक अस्थिरता और बढ़ते समुद्री खतरों के इस दौर में, इसकी जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई हैं। मादक पदार्थों की तस्करी, समुद्री डकैती, अवैध व्यापार और समुद्री प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने में इसका योगदान निर्णायक है।” उन्होंने आगे कहा कि अपनी स्थापना के बाद से अब तक समुद्र में 11,800 से अधिक अनमोल जीवन बचाना, बल के साहस, कौशल और कर्तव्य परायणता का स्पष्ट प्रमाण है। रक्षा मंत्री ने कहा, “चाहे चक्रवात हो, समुद्री दुर्घटनाएं हों, या ऑपरेशन सागर बंधु जैसे क्षेत्रीय मानवीय मिशन, आईसीजी ने हमेशा त्वरित प्रतिक्रिया, करुणा और पेशेवर दृष्टिकोण का प्रदर्शन किया है। आपदा प्रबंधन में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में इसकी भूमिका, विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय और व्यावसायिकता के साथ मानवता का संगम, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।

श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल को राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बताया, जो आज उन्नत जहाजों, हेलीकॉप्टरों, आधुनिक विमानों और बेहतरीन तकनीकों से लैस एक विशाल, आधुनिक और शक्तिशाली बल के रूप में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा, “राष्ट्र के प्रति आईसीजी की सेवा उन प्रमुख कारणों में से एक है जिसकी वजह से भारत अपने समुद्री हितों के बारे में आत्मविश्वास के साथ बात करता है और ब्लू इकोनॉमी, समुद्री सुरक्षा व तटीय विकास के लिए स्पष्टता के साथ योजनाएं बनाता है। पूरे देश को आईसीजी पर गर्व है।”

रक्षा मंत्री ने आईसीजी से विकसित भारत @ 2047 के लिए 25 वर्षों का विजनरी रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल को अगले 25 वर्षों के लिए एक स्पष्ट, सटीक और दूरदर्शी रोडमैप तैयार करने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि राष्ट्र दृढ़ संकल्प के साथ विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस रोडमैप में न केवल मैनपावर प्लानिंग और क्षमता विकास शामिल होना चाहिए, बल्कि यह भी परिभाषित होना चाहिए कि वर्ष 2047 में एक संगठन के रूप में आईसीजी स्वयं को कहां देखता है। उन्होंने आईसीजी से उन संगठनात्मक और संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया जो इसे अधिक उत्तरदायी और भविष्योन्मुखी बनाएंगे। श्री राजनाथ सिंह ने कहा, “यदि आत्मनिरीक्षण और सुधारों की यह प्रक्रिया आज शुरू होती है, तो हमारी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर, आईसीजी न केवल समुद्री सुरक्षा का एक मजबूत रक्षक बनेगा, बल्कि विकसित भारत की समुद्री शक्ति का एक चमकता प्रतीक भी होगा।”

राष्ट्रीय सुरक्षा को सरकार के लिए हमेशा सर्वोपरि बताते हुए श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के प्रयासों को रक्षा मंत्रालय की ओर से पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने आईसीजी को और अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रभावी बनाने का संकल्प व्यक्त किया। रक्षा मंत्री ने कहा, “जैसे कि हम स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहे हैं, आइए हम सब एक मजबूत, अधिक सक्षम और अधिक सतर्क भारतीय तटरक्षक बल के निर्माण का संकल्प लें। हम अपने देश की समुद्री सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। आईसीजी को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना, इसकी ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाना और इसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।” उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा, “जब आईसीजी मजबूत होगा, तभी भारत की समुद्री सुरक्षा सुदृढ़ होगी। और जब हमारी समुद्री सीमाएं सुरक्षित होंगी, तब भारत न केवल क्षेत्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक मंच पर भी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभाने में सक्षम होगा।”

इस अवसर पर, रक्षा मंत्री ने स्वर्णिम जयंती लोगो का अनावरण किया, जो भारतीय तटरक्षक बल की 50 वर्षों की अटूट सतर्कता, समुद्री सुरक्षा और मानवीय सेवा का प्रतीक है। उन्होंने आईसीजी की समृद्ध विरासत और भारत के समुद्री हितों की रक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देते हुए 50वीं वर्षगांठ का डाक टिकट भी जारी किया। समारोह के दौरान एक विशेष रूप से तैयार की गई फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें संगठन के क्रमिक विकास, ऑपरेशनल उत्कृष्टता और राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण के प्रति इसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।

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श्री राजनाथ सिंह ने हाई टी के दौरान गणमान्य व्यक्तियों, सेवारत अधिकारियों और पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत की और उनके समर्पण एवं योगदान की सराहना की। इस कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ, ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत तथा भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि उपस्थित रहे।

समारोह के हिस्से के रूप में, राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर जवानों को सम्मानित करने के लिए नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर गरिमामय पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया गया। महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक बल के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में दो मिनट का मौन रखा गया, जो राष्ट्र के गहरे सम्मान और कृतज्ञता को प्रदर्शित करता है।

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पीके/केसी/डीवी


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