संस्‍कृति मंत्रालय
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शास्त्रीय भाषाओं का संवर्धन

प्रविष्टि तिथि: 02 FEB 2026 3:30PM by PIB Delhi

 सरकार ने निम्नलिखित ग्यारह भाषाओं को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी है:

 

 

क्रम संख्या

शास्त्रीय भाषा

मान्यता की तिथि

i

तामिल

12.10.2004

ii.

संस्कृत

25.11.2005

iii.

तेलुगू

31.10.2008

iv.

कन्नडा

31.10.2008

वी

मलयालम

08.08.2013

vi.

ओडिया

01.03.2014

vii.

मराठी

04.10.2024

viii.

असमिया

04.10.2024

ix.

बांग्ला

04.10.2024

x.

पाली

04.10.2024

xi.

प्राकृत

04.10.2024

 

शिक्षा मंत्रालय शास्त्रीय भाषाओं के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए कार्य करता है। संस्कृत भाषा को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली तथा राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति सहित तीन केंद्रीय विश्वविद्यालयों  के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता है। 04.10.2024 से पहले घोषित अन्य पांच शास्त्रीय भाषाओं को प्रदान की गई निधियों का विवरण अनुलग्नक '' में दिया गया है।

 

भारत की जनगणना 2011 (राजपत्राचार महारजिस्‍ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय) के अनुसार, देश में नौ शास्त्रीय भाषाएं बोलने वाले लोगों की अनुमानित संख्या इस प्रकार है:

क्रम संख्या

भाषा

भाषा से सम्‍बंधित लोगों की संख्या (लगभग लाख में)

1.

तामिल

690

2.

कन्नडा

437

3

तेलुगू

811

4.

संस्कृत

0.24

5.

मलयालम

348

6.

ओडिया

375

7.

मराठी

830

8.

असमिया

153

9.

बांग्ला

972

 

अनुमान है कि बिहार की 1038 लाख आबादी का कुछ हिस्सा पाली भाषा बोलता है।

भारत की जनगणना 2011 (राजपत्राचार महारजिस्‍ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ) के अनुसार, देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली शीर्ष पांच भाषाएं इस प्रकार हैं:

  1. हिंदी
  2. बंगाली
  3. मराठी
  4. तेलुगू
  5. तामिल

 

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखित उत्तर में आज लोकसभा में यह जानकारी दी।

***

 

अनुलग्नक- ''

शास्त्रीय भाषाओं के लिए स्वीकृत बजट अनुदान (लाख रुपये में)

वर्ष

कन्नड

तेलुगू

ओडिया

मलयालम

तामिल

2015-16

100.00

100.00

--

--

11.89

2016-17

100.00

100.00

--

--

5.02

2017-18

100.00

100.00

--

--

10.27

2018-19

99.00

100.00

--

--

5.46

2019-20

107.00

107.00

--

--

9.83

2020-21

108.00

147.00

8.00

8.00

1200

2021-22

106.00

103.00

58.38

63.97

1200

2022-23

171.75

171.75

176.75

186.75

1200

2023-24

154.50

154.50

138.50

112.50

1525

2024-25

86.00

86.00

86.00

86.00

1430.00

2025-26

106.50

106.50

106.50

106.50

1697.00

*******

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