पंचायती राज मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

स्थानीय स्वशासन (एलएसजी) निकायों को निधि का अंतरण

प्रविष्टि तिथि: 04 FEB 2026 4:02PM by PIB Delhi

भारत का संविधान अनुच्छेद 280(3)(ख ख) और 280(3)(ग) के तहत वित्त आयोग को यह निर्देश देता है कि वह पंचायतों (सभी तीनों स्तर) और नगरपालिकाओं के संसाधनों को बढ़ाने के लिए भारत के समेकित निधि से राज्यों को अनुदान देने की सिफारिश करे।केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा संघ राज्य क्षेत्रों के लिए अनुदान की सिफारिश नहीं की जाती है और संघ राज्य क्षेत्रों को समय-समय पर केवल संघ राज्य क्षेत्रों हेतु विधिवत गठित वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार अनुदान हस्तांतरित किए जाते हैं।

अपने संवैधानिक अधिदेश के अनुसार, 15वें वित्त आयोग ने वित्त वर्ष 2020-21 की अंतरिम अवधि के लिए कुल 60,750 करोड़ रुपये और 29,250 करोड़ रुपये और 2021-26 की अवधि के लिए 2,36,805 करोड़ रुपये और 1,21,055 करोड़ रुपये क्रमशः विधिवत गठित ग्रामीण स्थानीय निकायों और शहरी स्थानीय निकायों के लिए अनुदान की सिफारिश की है। 15वें वित्त आयोग ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में महत्वपूर्ण कमियों को मजबूत करने के लिए स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को ₹70,051 करोड़ का कुल अनुदान की भी सिफारिश की है। इस मंत्रालय के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले पांच सालों में पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों/पंचायती राज संस्थानों को दिए गए अनुदान के आवंटन और जारी राशि का राज्य-वार विवरण अनुबंध में दिया गया है।

ग्रामीण स्थानीय निकायों / पंचायती राज संस्थाओं के संबंध में, 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित निधि आवंटन के मानदंड में राज्यों के बीच परस्पर वितरण शामिल है, जिसमें 90 प्रतिशत भार जनसंख्या और 10 प्रतिशत भार राज्यों के क्षेत्र का तय किया गया है। सभी स्तरों के बीच परस्पर वितरण राज्य सरकारों द्वारा नवीनतम राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) की स्वीकृत सिफारिशों के आधार पर और 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित श्रेणी के अनुरूप किया जाता है:

वितरण की सीमा

ग्राम पंचायतें

ब्लॉक पंचायतें

जिला पंचायतें

न्यूनतम

70%

10%

5%

अधिकतम

85%

25%

15%

 

जिन राज्यों में केवल ग्राम और जिला पंचायतों वाली दो स्तरीय प्रणाली है वहां आवंटन निम्नलिखित श्रेणी में होगाः

वितरण की सीमा

ग्राम पंचायतें

जिला पंचायतें

न्यूनतम

70%

15%

अधिकतम

85%

30%

 

यदि राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें उपलब्ध नहीं हैं, तो स्तरों के बीच परस्पर वितरण राज्य सरकार को ऊपर बताए गए श्रेणी के हिसाब से तय करना होगा। राज्य भर में संबंधित संस्थाओं के बीच अंतर-स्तरीय वितरण जनसंख्या और क्षेत्रफल के 90:10 के अनुपात में या नवीनतम राज्य वित्त आयोग की स्वीकृत सिफारिश के अनुसार होगा।

नगरपालिकाओं / शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में भी, 15वें केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा निर्धारित निधि आवंटन के मानदंड में राज्यों के बीच परस्पर वितरण शामिल है, जिसमें 90 प्रतिशत भार जनसंख्या को और 10 प्रतिशत भार राज्यों के क्षेत्र को दिया गया है।

 

अनुबंध

 

पिछले पांच सालों के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों/पंचायती राज संस्थानों को आवंटित व जारी अनुदान का राज्य-वार विवरण।

 

(राशि करोड़ में)

क्र. सं

राज्य

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

1

आंध्र प्रदेश

2625.00

2625.00

1939.00

1917.85

2010.00

1976.75

2031.00

1997.45

2152.00

2109.97

2

अरूणाचल प्रदेश

231.00

231.00

170.00

170.00

177.00

35.40

179.00

0.00

189.00

0.00

3

असम

1604.00

1604.00

1186.00

1186.00

1228.00

1228.00

1241.00

1241.00

1315.00

1315.00

4

बिहार

5018.00

5018.00

3709.00

3709.00

3842.00

3842.00

3884.00

3855.33

4114.00

4109.01

5

छत्तीसगढ़

1454.00

1454.00

1075.00

1075.00

1114.00

1114.00

1125.00

1125.00

1192.00

1185.25

6

गोवा

75.00

75.00

55.00

55.00

57.00

48.46

58.00

21.55

62.00

0.00

7

गुजरात

3195.00

3195.00

2362.00

2362.00

2446.00

2446.00

2473.00

2473.00

2619.00

2614.19

8

हरियाणा

1264.00

1264.00

935.00

935.00

968.00

967.30

979.00

953.59

1036.00

1012.51

9

हिमाचल प्रदेश

429.00

429.00

317.00

317.00

329.00

329.00

332.00

318.04

352.00

352.00

10

झारखण्ड

1689.00

1689.00

1249.00

1249.00

1293.00

1293.00

1307.00

1307.00

1385.00

275.13

11

कर्नाटक

3217.00

3217.00

2377.00

2375.50

2463.00

2093.55

2490.00

2086.59

2637.00

2133.25

12

केरल

1628.00

1628.00

1203.00

1203.00

1246.00

1246.00

1260.00

1260.00

1334.00

1334.00

13

मध्य प्रदेश

3984.00

3984.00

2944.00

2944.00

3050.00

3050.00

3083.00

2819.24

3265.00

1629.45

14

महाराष्ट्र

5827.00

5827.00

4307.00

4267.16

4461.00

3696.71

4510.00

3629.21

4776.00

3169.72

15

मणिपुर

177.00

177.00

131.00

65.50

135.00

0.00

137.00

0.00

145.00

0.00

16

मेघालय

182.00

182.00

135.00

67.50

140.00

0.00

141.00

0.00

149.00

0.00

17

मिजोरम

93.00

93.00

69.00

69.00

71.00

71.00

72.00

72.00

76.00

53.20

18

नागालैंड

125.00

125.00

92.00

92.00

96.00

48.00

97.00

0.00

102.00

0.00

19

ओड़िशा

2258.00

2258.00

1669.00

1669.00

1728.00

1728.00

1747.00

1746.91

1851.00

1851.00

20

पंजाब

1388.00

1388.00

1026.00

1026.00

1062.00

1062.00

1074.00

1058.35

1138.00

788.90

21

राजस्थान

3862.00

3862.00

2854.00

2854.00

2957.00

2955.34

2989.00

2847.96

3166.00

3166.00

22

सिक्किम

42.00

42.00

31.00

31.00

33.00

33.00

33.00

33.00

35.00

32.52

23

तमिलनाडु

3607.00

3607.00

2666.00

2666.00

2761.00

2761.00

2791.00

2791.00

2957.00

2957.00

24

तेलंगाना

1847.00

1847.00

1365.00

1365.00

1415.00

1415.00

1430.00

1424.18

1514.00

0.00

25

त्रिपुरा

191.00

191.00

141.00

141.00

147.00

147.00

148.00

148.00

157.00

156.31

26

उत्तर प्रदेश

9752.00

9752.00

7208.00

7208.00

7466.00

7466.00

7547.00

7547.00

7994.00

7994.00

27

उत्तराखण्ड

574.00

574.00

425.00

418.70

440.00

439.21

445.00

444.13

471.00

470.30

28

पश्चिम बंगाल

4412.00

4412.00

3261.00

3261.00

3378.00

3378.00

3415.00

3415.00

3617.00

3472.22

 

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने 04 फरवरी 2026 को राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

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