महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कदम उठाए
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 1:24PM by PIB Delhi
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों (एवीसी) में बुनियादी ढांचागत सुविधाओं में सुधार के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा विभिन्न कदम उठाए गए हैं, जिनमें अन्य बातों के अलावा, आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधाओं और शौचालयों के लिए वित्त पोाषण को क्रमशः 10,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये और 12,000 रुपये से बढ़ाकर 36,000 रुपये करना शामिल है।
इसके अलावा, एमजीएनआरईजीएस के साथ तालमेल बिठाते हुए पांच वर्षों की अवधि में 50,000 एडब्ल्यूसी भवनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है (प्रति वर्ष 10000 आंगनवाड़ी केन्द्र)। इसके तहत प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र 8 लाख रुपये एमजीएनआरईजीएस, 2 लाख रुपये 15वें वित्त आयोग (या किसी अन्य अनटाइड फंड) से और 2 लाख रुपये एमडब्ल्यूसीडी द्वारा प्रदान किए जाते हैं, जिसे केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच निर्धारित लागत साझाकरण अनुपात में बांटा जाता है।
साथ ही, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए विभिन्न योजनाओं जैसे सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस), ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ), पंचायती राज संस्थाओं को वित्त आयोग अनुदान, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) आदि से धनराशि प्राप्त करना जारी रखें।
मिशन पोषण 2.0 के तहत 15वें वित्त आयोग के चक्र में बेहतर पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के लिए सरकारी भवनों में स्थित दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों (प्रति वर्ष 40,000 आंगनवाड़ी केंद्र) को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों के रूप में मजबूत किया जा रहा है। सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों को पारंपरिक आंगनवाड़ी केंद्रों की तुलना में बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाता है, जिसमें एलईडी स्क्रीन, जल शोधन प्रणाली, ईसीसीई सामग्री और बाला (बीएएलए) पेंटिंग शामिल हैं।
प्रधानमंत्री जनमन योजना (पीएम जेएएनएमएएन)के तहत 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लक्षित विकास के लिए देश भर में कुल 2,500 आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
धरती आभा जनजाति ग्राम उन्नत अभियान के तहत जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार लाने के लिए देश भर में 875 आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण की मंजूरी दी गई है।
जीवन ग्राम कार्यक्रम (वीवीपी) के पहले चरण के तहत उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 101 आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई है।
विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग तथा शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से ईसीसीई और मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्म कौशल सेवाओं को मजबूत करने के लिए 3 सितंबर, 2025 को सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के भीतर आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिन स्थानों पर भौतिक रूप से एक ही स्थान पर होना संभव नहीं है, वहां आंगनवाड़ी केन्द्रों को निकटतम प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा।
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इस योजना का कार्यान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के दायरे में आता है। लाभार्थियों को सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर रिक्त पदों को भरने के संबंध में उनसे नियमित रूप से बातचीत और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा की जाती है।
बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की रिक्तियों का राज्य और केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण इस लिंक https://www.poshantracker.in/statistics पर उपलब्ध है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आईएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2223131)
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