अंतरिक्ष विभाग
परमाणु सुरक्षा और संरक्षा
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 4:14PM by PIB Delhi
आईएन-एसपीएसीई में स्टार्टअप्स के लिए पंजीकरण प्रक्रिया नहीं है, क्योंकि यह डीपीआईआईटी के कार्य का दोहराव होगा। हालांकि, स्टार्टअप्स इंडिया पोर्टल के अनुसार, डीपीआईआईटी में 399 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स (उपग्रह, प्रक्षेपण यान विकास आदि सहित) पंजीकृत हैं। इसके अलावा, यह भी सूचित किया जाता है कि आईएन-एसपीएसीई स्टार्टअप्स का राज्य-वार डेटा नहीं रखता है।
आज की तिथि तक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स द्वारा सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किए गए उपग्रहों की कुल संख्या 7 है, प्रक्षेपित किए गए सफल पेलोड की संख्या 20 है और प्रक्षेपित किए गए सफल अंतरिक्ष यानों (उप-कक्षीय प्रक्षेपण) की संख्या 2 है।
आईएन-एसपीएसीई ने भारतीय अंतरिक्ष नीति-2023 को लागू करने के लिए 3 मई, 2024 को अंतरिक्ष गतिविधियों के प्राधिकरण के संबंध में ‘मानदंड, दिशानिर्देश और प्रक्रियाएं (एनजीपी)’ अधिसूचित किए हैं। यह एनजीपी निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष गतिविधियों को अधिकृत करने के लिए एक सुव्यवस्थित विनियामक ढांचा प्रदान करता है, जिससे स्टार्टअप और अन्य निजी संस्थाओं को पारदर्शिता, पूर्वानुमान और निश्चितता प्राप्त होती है।
सरकार नीतियों और तंत्रों के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में सहायता करती है। भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए उदारीकृत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति द्वारा समर्थित प्राथमिक ढांचा प्रदान करती है। नीतिगत ढांचे में ये बदलाव वैश्विक विस्तार के लिए वित्तीय और परिचालन संबंधी सुविधाएँ प्रदान करते हैं।
इसके अलावा, आईएन-एसपीएसीई भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और सहयोग को सक्षम बनाने के लिए विदेशी उद्योग और सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है। इसने 7 सफल अंतरिक्ष दिवसों का आयोजन किया है, अंतर्राष्ट्रीय ऐट्रोनोटिकल कांग्रेस (आईएसी), जीएसटीसीई सिंगापुर और केन्या स्पेस एक्सपो जैसे कार्यक्रमों में एनजीई प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया है तथा उद्योग गोलमेज सम्मेलनों व आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, भारतीय स्टार्टअप्स ने 25 से अधिक देशों में व्यावसायिक समझौते हासिल किए हैं।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आईएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2223237)
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