सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए कौशल विकास कार्यक्रम पर अमल करेगा एनएचएआई
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 4:35PM by PIB Delhi
- निर्माण श्रमिकों के लिए कौशल उन्नयन कार्यक्रम ताकि वे मौजूदा परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण और रखरखाव के सुदृढ़ीकरण के उभरते मानकों को पूरा कर सकें।
- 8 राज्यों के 49 जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में लगे निर्माण श्रमिकों के मूल निवास स्थानों की विस्तृत मैपिंग के लिए अपने ढंग का पहला प्रयास।
- पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में श्रमिकों के प्रमुख मूल निवास स्थान समूहों की पहचान की गई।
- चिह्नित क्षेत्रों में आईटीआई, डिप्लोमा महाविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों जैसे प्रमुख स्थानीय संस्थानों का संभावित प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में उपयोग किया जाएगा।
- कार्यक्रम के तहत अनुभवी श्रमिकों का कौशल उन्नयन कर उनसे नए कामगारों के प्रशिक्षण में सहायता ली जाएगी।
- इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कंपनियों के साथ मिल कर लागू किया जाएगा। इसके लिए शुरुआती धन एनएचएआई मुहैया कराएगा और कार्यक्रम में भाग लेने वाली निर्माण कंपनियां अपनी कंपनी सामाजिक दायित्व (सीएसआर) प्रतिबद्धताओं के अंतर्गत योगदान करेंगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में लगे श्रमिकों की क्षमताओं और कौशल को बढ़ाने के उद्देश्य से, एनएचएआई एक व्यवस्थित कौशल विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू करेगा। यह कार्यक्रम देश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के बढ़ते विस्तार, जटिलता और गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप होगा। इस पहल का लक्ष्य वर्तमान परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण के उभरते मानकों को पूरा करने के लिए निर्माण श्रमिकों के कौशल को उन्नत करना और साथ ही विकसित हो चुकी राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों के रखरखाव की क्षमताओं को मजबूत करना है।
अपनी तरह के इस पहले प्रयास में, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में लगे निर्माण श्रमिकों के मूल स्थान की विस्तृत मैपिंग की है। डेटा को ग्रामीण स्तर तक एकत्र किया गया है ताकि उन क्षेत्रों की पहचान की जा सके जहाँ से श्रमिक निर्माण स्थलों पर काम करने के लिए आते हैं। इस मूल्यांकन के आधार पर, आठ राज्यों—पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के 49 जिलों में प्रमुख श्रमिक-मूल स्थानों की पहचान की गई है। यह डेटा-संचालित दृष्टिकोण एनएचएआई को श्रमिकों के मूल स्थान के करीब ही कौशल प्रशिक्षण देने में मदद करेगा, जिससे श्रमिकों के प्रशिक्षण की सुलभता, भागीदारी और प्रशिक्षित श्रमिकों को लंबे समय तक काम पर रखने में सुधार होगा।
कौशल विकास और व्यापक प्रशिक्षण के लिए एक व्यवस्थित और स्थायी ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से, एनएचएआई ने इन क्षेत्रों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), डिप्लोमा कॉलेजों और इंजीनियरिंग कॉलेजों जैसे प्रमुख स्थानीय संस्थानों की पहचान की है, जिन्हें संभावित प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में शामिल किया जाएगा। इस पहल के तहत सात से आठ साल का अनुभव रखने वाले अनुभवी श्रमिकों के कौशल को निखारने और उन्हें नए श्रमिकों को प्रशिक्षित करने के लिए 'मास्टर ट्रेनर' के रूप में तैयार करने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, एनएचएआई के संबंधित क्षेत्र अधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कंपनियों की साझेदारी में स्वेच्छा से लागू किया जाएगा, जिसमें एनएचएआई प्रारंभिक वित्त पोषण प्रदान करेगा और प्रतिभागी निर्माण कंपनियाँ अपनी सीएसआर (कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व) प्रतिबद्धताओं के तहत योगदान देंगी। इसके अलावा, एक समर्पित कौशल प्रशिक्षण वेबसाइट भी विकसित की जाएगी, जो निरंतर सीखने और व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 'प्रशिक्षण वीडियो' और पाठ्यक्रम सामग्री के संग्रह के रूप में कार्य करेगी।
यह पहल न केवल कामगारों के कौशल को बढ़ाएगी, बल्कि उनकी रोजगार क्षमता में भी महत्वपूर्ण वृद्धि करेगी। साथ ही, प्रशिक्षित और कुशल कार्यबल का एक समूह तैयार होने से राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा और साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों में कौशल विकास और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
इस पहल के अन्तर्गत, एनएचएआई का लक्ष्य देश भर में बढ़ते राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता आश्वासन और स्थायी रखरखाव के लिए एक कुशल, लचीला और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण करना है।
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पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2223452)
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