संचार मंत्रालय
दूरसंचार विभाग ने देश में दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विभिन्न नीतिगत और तकनीकी उपाय किए हैं
27.96 लाख खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेटों को ट्रेस कर लिया गया है और 8.22 लाख खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस कर दिए गए हैं
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 5:46PM by PIB Delhi
संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि दूरसंचार विभाग ने देश में दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर हमलों तथा दूरसंचार बुनियादी ढांचे के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभिन्न नीतिगत और तकनीकी उपाय किए हैं। इनमें से प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं:
- दूरसंचार विभाग और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने वाली अंतरराष्ट्रीय स्पूफ़्ड कॉल्स की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए एक प्रणाली विकसित की है। इस प्रणाली के परिणामस्वरूप ऐसी कॉल्स में लगभग 99 प्रतिशत की कमी आई है।
- दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग से संबंधित जानकारी को विभिन्न हितधारकों—जैसे केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस, बैंकों, यूपीआई सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं आदि के साथ साझा करने के लिए एक ऑनलाइन सुरक्षित डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) विकसित किया है।
- दूरसंचार विभाग के निर्देशानुसार, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए यह अनिवार्य है कि वे सुरक्षा की दृष्टि से वर्ष में एक बार, या जब भी नेटवर्क के कॉन्फ़िगरेशन में महत्वपूर्ण बदलाव हो, अपने नेटवर्क का ऑडिट करें या करवाएं। यह ऑडिट अंतरराष्ट्रीय मानकों (जैसे ISO/IEC 27001) के तहत ऑडिट करने के लिए मान्यता प्राप्त एक नेटवर्क प्रमाणन एजेंसी से कराया जाना चाहिए, जिसमें वल्नरेबिलिटी असेसमेंट एंड पेनिट्रेशन टेस्टिंग (वीएपीटी) भी शामिल हो। टीएसपी के नेटवर्क का बाहरी ऑडिट हर तीन साल में एक बार कराना अनिवार्य है।
- दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को ग्राहक विवरण रिकॉर्ड, कॉल विवरण रिकॉर्ड और आईपी विवरण रिकॉर्ड जैसे संवेदनशील दूरसंचार डेटासेट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एडवाइजरी जारी की है, ताकि रेस्ट और ट्रांजिट के दौरान डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- दूरसंचार विभाग ने सभी लाइसेंसधारियों द्वारा अनुपालन किए जाने के लिए "दूरसंचार विभाग के लाइसेंसधारियों की सुरक्षा नीति हेतु न्यूनतम आवश्यकताओं" पर निर्देश जारी किए हैं। यह सुरक्षा नीति, सुरक्षा और सुरक्षा प्रबंधन की स्थापना, कार्यान्वयन, रखरखाव और निरंतर सुधार के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करेगी।
- राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से नेटवर्क उपकरणों, सॉफ्टवेयर, आपूर्ति श्रृंखलाओं और डेटा प्रबंधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं का क्रॉस चेक नेटवर्क सुरक्षा ऑडिट प्रतिवर्ष किया जा रहा है।
- विभाग ने दूरसंचार साइबर सुरक्षा मामलों पर सिचुएशनल अवेयरनेस, निगरानी और समन्वय को बढ़ाने के लिए एक दूरसंचार सुरक्षा संचालन केंद्र (टीएसओसी) स्थापित किया है।
दूरसंचार विभाग ने फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (फआरआई) विकसित किया है, जो एक जोखिम-आधारित मीट्रिक है। यह किसी मोबाइल नंबर को वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मध्यम, उच्च या अत्यंत उच्च जोखिम के रूप में वर्गीकृत करता है। एफआरआई हितधारकों—विशेष रूप से बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस सेवा प्रदाताओं को प्रवर्तन को प्राथमिकता देने और मोबाइल नंबर के उच्च जोखिम वाले होने की स्थिति में अतिरिक्त ग्राहक सुरक्षा उपाय करने के लिए सशक्त बनाता है। हितधारकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लेनदेन को रोकने और नागरिकों को दिए गए अलर्ट/नोटिफिकेशन के आधार पर अब तक ₹1,000 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की राशि रोकी गई है।
दूरसंचार विभाग ने एक नागरिक-केंद्रित पहल 'संचार साथी' विकसित की है, जो नागरिकों को संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करने, उनके नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शनों को जानने, खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की रिपोर्ट करने और मोबाइल हैंडसेट की प्रामाणिकता की जांच करने आदि की सुविधा प्रदान करती है। संचार साथी के परिणाम इस प्रकार हैं:
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस द्वारा 27.96 लाख खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेटों को ट्रेस (खोजा) किया गया है और 8.22 लाख खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेटों को बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस कर दिया गया है।
- नागरिकों द्वारा 'नॉट माय नंबर' या 'नॉट रिक्वायर्ड' के रूप में रिपोर्ट किए जाने के आधार पर 2.22 करोड़ मोबाइल कनेक्शन काट दिए गए हैं।
- III. संदिग्ध फ्रॉड कम्युनिकेशन से संबंधित जागरूक नागरिकों द्वारा प्रदान किए गए 7.72 लाख इनपुट के आधार पर 39.42 लाख मोबाइल कनेक्शन काट दिए गए हैं।
दूरसंचार विभाग संचार साथी और एफआरआई पहलों के तहत व्यापक जागरूकता अभियानों के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है और दूरसंचार संबंधी धोखाधड़ी को रोक रहा है। जागरूकता फैलाने के लिए इन पहलों के बारे में एक्सप्लेनर वीडियो और इन्फोग्राफिक्स नियमित रूप से तैयार किए जाते हैं और दूरसंचार विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जाते हैं। विभाग ने 'संचार मित्र' योजना भी शुरू की है, जिसके माध्यम से छात्रों को वॉलंटियर्स के रूप में जोड़ा गया है ताकि वे नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम और 'संचार साथी' पोर्टल तथा ऐप के उपयोग के बारे में शिक्षित कर सकें। इसके अलावा, नागरिक संपर्क कार्यक्रमों में बहुभाषी समाचार लेख और विज्ञापन, सार्वजनिक स्थानों पर डिजिटल स्क्रीन और होर्डिंग्स, टीवी और रेडियो संदेश, विभाग की क्षेत्रीय इकाइयों द्वारा स्थानीय स्तर की गतिविधियां, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ एसएमएस अभियान और व्यापक सोशल मीडिया सामग्री शामिल है।
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(रिलीज़ आईडी: 2223455)
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